लेखक: राष्ट्र संवाद संवादाता
पलामू: पुलिस ने अवैध शराब कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पांकी थाना क्षेत्र में संचालित एक कथित अवैध अंग्रेजी शराब की मिनी फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है. छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में अवैध शराब, स्प्रिट, नकली रैपर, सरकारी स्टीकर और खाली बोतलें बरामद की गईं.
पुलिस के अनुसार, पुलिस अधीक्षक को मिली गुप्त सूचना के आधार पर लेस्लीगंज के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया. टीम ने पांकी थाना क्षेत्र के जीरो टोला बाधमरी स्थित लाला सिंह की बंद दुकान पर छापेमारी की.
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 13 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब, लगभग 250 लीटर स्प्रिट, विभिन्न ब्रांडों के नकली रैपर, झारखंड सरकार के लोगो वाले 1940 स्टीकर, शराब में रंग मिलाने वाला पदार्थ तथा 1530 खाली शीशे की बोतलें बरामद कीं. सभी सामानों को जब्त कर लिया गया है.
पुलिस का कहना है कि बरामद सामग्री का इस्तेमाल कथित रूप से नकली अंग्रेजी शराब तैयार कर उसे नामी ब्रांड के नाम पर बाजार में बेचने के लिए किया जाता था. मामले में पांकी थाना कांड संख्या 123/2026 दर्ज करते हुए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और झारखंड उत्पाद अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है.
इस छापेमारी अभियान का नेतृत्व अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी प्रशांत कुमार ने किया. अभियान में थाना प्रभारी दीपक कुमार सिंह समेत पांकी थाना के कई पुलिस पदाधिकारी और जवान शामिल रहे.
पलामू पुलिस ने कहा कि जिले में अवैध शराब के निर्माण और कारोबार के खिलाफ आगे भी लगातार अभियान जारी रहेगा तथा इसमें संलिप्त लोगों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अवैध अंग्रेजी शराब की मिनी फैक्ट्री का भंडाफोड़: पूरा विवरण
पलामू जिले में अवैध शराब निर्माण के खिलाफ यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। पुलिस अधीक्षक को मिली गुप्त सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए विशेष टीम का गठन किया गया था। छापेमारी में बरामद 250 लीटर स्प्रिट और 1940 सरकारी स्टीकर इस बात का पुख्ता सबूत हैं कि यहां बड़े पैमाने पर नकली शराब का उत्पादन कर बाजार में खपाया जा रहा था। नकली रैपर और ब्रांडेड बोतलों की नकल करके आम उपभोक्ताओं को धोखा दिया जा रहा था, जिससे राजस्व को भी भारी नुकसान हो रहा था।
कानूनी कार्रवाई और धाराएं
मामले में दर्ज प्राथमिकी भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के साथ-साथ झारखंड उत्पाद अधिनियम के तहत भी दर्ज की गई है। दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए पुलिस साक्ष्य जुटा रही है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए भारत में शराब कानून देखें। झारखंड उत्पाद अधिनियम के तहत अवैध शराब निर्माण और बिक्री पर भारी जुर्माने और कारावास का प्रावधान है।
पलामू पुलिस का निरंतर अभियान
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध शराब कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए अभियान लगातार चलता रहेगा। आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे अवैध शराब की बिक्री की सूचना पुलिस को दें। सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। [INTERNAL_LINK_HOLDER] अवैध शराब पीने से स्वास्थ्य को गंभीर खतरा होता है, क्योंकि इसमें मेथनॉल जैसे घातक रसायन मिलाए जा सकते हैं।
पूर्व में भी हुई हैं बड़ी कार्रवाइयां
गौरतलब है कि पलामू पुलिस ने पिछले वर्ष भी जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में अवैध शराब भट्ठियों को ध्वस्त किया था। उन कार्रवाइयों में भी सैकड़ों लीटर महुआ शराब और उपकरण जब्त किए गए थे। पुलिस की सतर्कता से अवैध कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है।

