रिपोर्ट – अमन ओझा (ब्यूरो चीफ, कोल्हान)
आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र के फेज-2 स्थित “गर्ग इंजीनियरिंग यूनिट-2” में कार्य के दौरान हुए एक दर्दनाक हादसे ने श्रमिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फैक्ट्री में कार्यरत मजदूर विष्णुदेव कुम्हार का हाथ मशीन की चपेट में आने से उसकी उंगली कट गई, लेकिन आरोप है कि कंपनी प्रबंधन ने केवल प्राथमिक उपचार कराकर मामले से पल्ला झाड़ लिया। घटना के कई महीने बीत जाने के बावजूद पीड़ित को न तो उचित मुआवजा मिला है और न ही स्थायी रोजगार का कोई आश्वासन दिया गया है, जिससे परिवार आर्थिक और मानसिक संकट से जूझ रहा है। इस मामले को लेकर “भारतीय क्रांतिकारी मजदूर संघ” ने मोर्चा खोल दिया है। संघ के कोल्हान प्रभारी संजय गोराई ने पीड़ित परिवार के साथ कंपनी प्रबंधन से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपते हुए घायल मजदूर को मानवीय आधार पर मुआवजा और स्थायी नौकरी देने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो संगठन कंपनी गेट पर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगा। मजदूर संघ ने कंपनी पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी और न्यूनतम मजदूरी के उल्लंघन जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मजदूरों से बिना सुरक्षा उपकरण के खतरनाक मशीनों पर काम कराया जाता है, जो सीधे तौर पर श्रम कानूनों का उल्लंघन है। इस घटना ने एक बार फिर आदित्यपुर इंडस्ट्रियल एरिया की फैक्ट्रियों में सुरक्षा और श्रमिक अधिकारों की स्थिति को उजागर कर दिया है। संघ ने जिला प्रशासन और फैक्ट्री निरीक्षक से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि श्रमिकों को सुरक्षित कार्यस्थल उपलब्ध कराना प्रबंधन की नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी है। अब सभी की नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी है कि पीड़ित को न्याय कब और कैसे मिलता है।

