लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
पवित्र श्रावण मास की तीसरी सोमवारी की पूर्व संध्या पर जमशेदपुर का सिदगोड़ा सूर्य मंदिर रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों की आकर्षक सजावट से जगमगा उठा, जहां सोमवार को होने वाली सामूहिक जलाभिषेक यात्रा की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
तीसरी सोमवारी की तैयारियां और व्यवस्थाएं
जमशेदपुर। पवित्र श्रावण मास की तीसरी सोमवारी की पूर्व संध्या पर सिदगोड़ा सूर्य मंदिर रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों की आकर्षक सजावट से जगमगा उठा। सूर्य मंदिर समिति ने सोमवार को होने वाली सामूहिक जलाभिषेक यात्रा की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
सोमवार सुबह 7:30 बजे बारीडीह हरि मंदिर मैदान में श्रद्धालु जुटेंगे। यहां सुल्तानगंज की उत्तरवाहिनी गंगा से लाए गए गंगाजल का 11 सदस्यीय पंडितों के दल द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संकल्प कराया जाएगा। इसके बाद हजारों शिवभक्त कतारबद्ध होकर सूर्यधाम शिवालय पहुंचकर भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे। यात्रा में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, संरक्षक चंद्रगुप्त सिंह और विधायक पूर्णिमा साहू सहित कई गणमान्य लोग शामिल होंगे।
जलाभिषेक यात्रा में भक्तिमय संगीत, झांकी और पुष्पवर्षा आकर्षण का केंद्र रहेगी। श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए दो एंबुलेंस, मेडिकल टीम और महिला श्रद्धालुओं के लिए अलग बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है।
25 हजार श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद
जलाभिषेक के बाद सोन मंडप परिसर में 25 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद की व्यवस्था की गई है। इसके लिए 20 प्रसाद और 15 पेयजल काउंटर बनाए गए हैं।
काशी की तर्ज पर होगी महाआरती
सोमवार शाम 6:30 बजे सूर्यधाम के छठ घाट तालाब पर बनारस के गंगा घाट की तर्ज पर भव्य महाआरती होगी। वाराणसी से आई 15 सदस्यीय प्रशिक्षित मंडली शंखध्वनि, दीपमाला, पारंपरिक वाद्ययंत्र और मंत्रोच्चार के साथ महाआरती संपन्न कराएगी। इस दौरान आतिशबाजी भी आकर्षण का केंद्र रहेगी।
सूर्य मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी प्रेम झा ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में जलाभिषेक यात्रा में शामिल होने की अपील की है।
श्रावण मास की तीसरी सोमवारी भगवान शिव की पूजा के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से जलाभिषेक करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। सिदगोड़ा सूर्य मंदिर में हर वर्ष इस अवसर पर भव्य आयोजन होता है, जिसमें झारखंड सहित पड़ोसी राज्यों से भी लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। मंदिर समिति द्वारा भक्तों की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए जाते हैं, जिसमें पेयजल, चिकित्सा, सुरक्षा और प्रसाद वितरण शामिल हैं। इस वर्ष भी समिति ने कोई कसर नहीं छोड़ी है।

