गांधी जयंती के अवसर पर युवाओं ने दिया नशा मुक्ति, बाल विवाह रोकथाम और बेटियों की शिक्षा का संदेश
बेगूसराय/ राष्ट्र संवाद ब्यूरो
मंच छोटा हो सकता है, लेकिन बदलाव की सोच बड़ी होनी चाहिए।इसी सोच को साकार करते हुए गांधी जयंती के अवसर पर नवाचार विजन फाउंडेशन के तत्वावधान में तेघड़ा प्रखंड अंतर्गत पकठौल पंचायत के जयमंगलटोल स्थित हनुमान मंदिर के समीप युवाओं के समूह द्वारा जागरूकता एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नाटक, लोकगीत एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से नशा मुक्ति, बाल विवाह रोकथाम, किशोरियों की शिक्षा तथा बेटियों के साथ समान व्यवहार का प्रभावी संदेश दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत बापू के तैलीय चित्र पर पुष्प एवं दीप प्रज्वलन एवं स्वागत गीत की प्रस्तुति से हुई।
मंच से उड़ान’ सहित विभिन्न नाटकों एवं लोकगीतों की प्रस्तुति से दर्शकों को सामाजिक मुद्दों के प्रति जागरूक किया गया। उड़ान नाटक के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि बेटियों को शिक्षा से वंचित नहीं किया जाना चाहिए तथा उनके साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। युवाओं ने नशे के दुष्परिणाम और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ भी प्रभावी संदेश दिया।
कार्यक्रम में ‘पकड़ लो हाथ बनवारी, पनिया के जहाज, सूखल फूटानी,एवं कजरी सहित अनेक लोकगीत की प्रस्तुतियां दी गई। कार्यक्रम के अंत में अंतिम चरण में लोक आस्था से जुड़े छठ पर्व के गीतों की मनमोहक प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया।
अतिथियों ने कहा कि ग्रामीण युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता है उन्हें अवसर, मंच और सही मार्गदर्शन देने की।
इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष श्री बासुदेव दास द्वारा मुख्य अतिथि कौशल किशोर विकल को शॉल एवं डायरी देकर सम्मानित किया गया। वहीं संस्था के सचिव सुमन कुमार जायसवाल द्वारा अन्य अतिथियों को भी सम्मानित किया गया।प्रस्तुति देने वाले सभी युवाओं को संस्था की ओर से मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की प्रस्तुति में नेहा, श्वेता, लक्ष्मी, कविता, साक्षी, चांदनी, राजीव, मणिकांत, मिथुन, अनुप्रिया आनंद, आशुतोष, अमन, अभय एवं रिमझिम सहित अन्य युवा शामिल रहे।
धन्यवाद ज्ञापन सचिव सुमन कुमार जायसवाल ने किया। बापू के जन्मदिन पर संदेश दिया गया कि नशामुक्त समाज, बाल विवाह मुक्त समाज और बेटियों की शिक्षा केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। युवाओं की ऐसी पहल सामाजिक बदलाव की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है।

