एनआईटी के बीटेक चौथे वर्ष का छात्र मीर तनवीर हसन रविवार को आसंगी नदी में डूबा और लापता हो गया। सरायकेला-खरसावां जिला अंतर्गत आरआईटी थाना क्षेत्र स्थित आसंगी नदी घाट पर स्नान के दौरान यह हादसा हुआ।
आसंगी नदी में डूबा छात्र: घटनाक्रम और तलाश अभियान
सरायकेला-खरसावां जिला अंतर्गत आरआईटी थाना क्षेत्र स्थित आसंगी नदी घाट पर रविवार को स्नान के दौरान एनआईटी के बीटेक चौथे वर्ष के छात्र मीर तनवीर हसन गहरे पानी में डूबकर लापता हो गया।
समाचार लिखे जाने तक उसका कोई पता नहीं चल सका था।
पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से राहत एवं बचाव अभियान जारी था।
जानकारी के अनुसार मीर तनवीर हसन अपने दो साथियों के साथ आसंगी नदी घाट पर स्नान करने गया था।
इसी दौरान वह गहरे पानी में चला गया और देखते ही देखते डूब गया।
साथियों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली।
इसके बाद घटना की सूचना आरआईटी थाना पुलिस को दी गई।
सूचना मिलते ही पुलिस, स्थानीय लोग और बड़ी संख्या में एनआईटी के छात्र घटनास्थल पर पहुंच गए।
अपने साथी के लापता होने से छात्र काफी दुखी और आक्रोशित हैं।
घटना के विरोध में छात्र सड़क पर बैठकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि यदि समय पर बचाव अभियान शुरू किया जाता तो छात्र की जान बचाई जा सकती थी।
उनका कहना है कि सूचना मिलने के करीब दो घंटे बाद प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और बचाव कार्य के लिए एक रस्सी तक की व्यवस्था नहीं थी।
छात्रों ने एनआईटी प्रबंधन और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए एनआईटी परिसर की चारों ओर से घेराबंदी कराने की मांग की है, ताकि छात्र असुरक्षित रास्तों से नदी की ओर न जा सकें।
साथ ही आसंगी नदी घाट के खतरनाक हिस्सों में बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड, लाइफगार्ड की तैनाती और स्थायी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की है।
स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले छह महीनों में आसंगी नदी घाट पर डूबने की यह चौथी घटना है।
इससे पहले भी चार युवकों की जान जा चुकी है।
बावजूद इसके घाट पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं।
बताया जाता है कि मीर तनवीर हसन पश्चिम बंगाल के बर्धमान का रहने वाला है।
समाचार लिखे जाने तक राहत एवं बचाव अभियान जारी था।
प्रशासनिक लापरवाही और छात्रों की मांगें
इस दुखद घटना ने एक बार फिर एनआईटी जमशेदपुर परिसर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। छात्रों का आरोप है कि नदी घाट पर न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगा है और न ही लाइफगार्ड की तैनाती है। NIT जमशेदपुर के छात्र लंबे समय से परिसर की चारदीवारी और सुरक्षित पहुंच मार्ग की मांग कर रहे हैं। घटना के बाद आक्रोशित छात्रों ने सड़क जाम कर दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने मौके पर पहुंचकर छात्रों को समझाने का प्रयास किया और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। एनडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की टीम नदी में तलाशी अभियान चला रही है। इस घटना ने झारखंड के औद्योगिक क्षेत्र आदित्यपुर में नदी सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


