Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » चतरा की माटी से जुड़े, जनता के बीच रहने वाले कालीचरण सिंह
    झारखंड

    चतरा की माटी से जुड़े, जनता के बीच रहने वाले कालीचरण सिंह

    nizamBy nizamOctober 4, 2026No Comments3 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    चतरा की माटी से जुड़े, जनता के बीच रहने वाले कालीचरण सिंह

     

    राष्ट्र संवाद संवाददाता

    झारखंड की मिट्टी,जंगल-पहाड़ और गांव-देहात के सीधे-सादे लोगों के बीच पले-बढ़े कालीचरण सिंह आज चतरा की जनता के लिए सिर्फ सांसद नहीं, बल्कि अपने घर-परिवार के एक सदस्य जैसे हैं। संसद में हों या गांव की कच्ची पगडंडियों पर, उनका अंदाज हमेशा एक जैसा ही रहता है सादा, सहज और अपनापन से भरा।

    इस तस्वीर में भी उनकी यही सादगी साफ दिखाई देती है। जमीन पर आम लोगों के साथ बैठना, बिना किसी दिखावे के सबकी बातें सुनना और गांव की परंपराओं व रीति-रिवाजों में पूरे मन से शामिल होना उनके सहज स्वभाव को दर्शाता है। माथे पर तिलक और पारंपरिक पहनावा यह संदेश देते हैं कि बड़े पद पर पहुंचने के बाद भी वे अपनी मिट्टी, संस्कार और संस्कृति को नहीं भूले हैं।

     

    जनता के बीच, जनता की तरह

     

    कालीचरण सिंह का मानना है कि किसी सांसद की असली पहचान बड़े मंचों, गाड़ियों के काफिलों और पद-प्रतिष्ठा से नहीं, बल्कि जनता के सुख-दुख में साथ खड़े रहने से होती है। यही वजह है कि गांवों में पहुंचने पर वे लोगों के बीच बैठते हैं, उनकी समस्याओं को सुनते हैं और उनके समाधान के लिए प्रयास करते हैं।

    कहीं बिजली की समस्या हो, कहीं सड़क और पेयजल की परेशानी हो या गांव के बच्चों और युवाओं को खेलकूद के लिए सहयोग की जरूरत हो, वे अपनी क्षमता के अनुसार हर जगह लोगों के साथ खड़े रहने का प्रयास करते हैं। उनके लिए जनता से संवाद केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधि होने की जिम्मेदारी का अहम हिस्सा है।

    उनका स्पष्ट मानना है कि जनता ही सर्वोपरि है और जनप्रतिनिधि जनता का सेवक होता है। इसी सोच के साथ वे लोगों के सुख-दुख में सहभागी बनने और उनकी समस्याओं को समझने के लिए अपने लोगों के बीच नजर आते हैं।

     

    *माटी से जुड़ाव ही सबसे बड़ी ताकत*

     

    कालीचरण सिंह की सबसे बड़ी खासियत यही है कि सांसद बनने के बाद भी उनके व्यवहार में कोई बनावटीपन नहीं आया है। गांव के बुजुर्गों का आशीर्वाद लेना हो, युवाओं के साथ बैठकर उनकी बातों को सुनना हो या आम लोगों के साथ जमीन पर बैठकर बातचीत करनी हो, वे हर जगह सहज और आत्मीय नजर आते हैं।

    उनकी कोशिश है कि चतरा का विकास गांव के आखिरी घर तक पहुंचे, युवाओं को आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर मिलें और हर जरूरतमंद व्यक्ति को अपनी बात रखने का उचित मंच मिले। ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को समझना और जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप विकास कार्यों को आगे बढ़ाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है।

    चतरा जैसे ग्रामीण बहुल क्षेत्र में जनप्रतिनिधि की भूमिका केवल संसद में क्षेत्र की आवाज उठाने तक सीमित नहीं होती, बल्कि गांवों की जमीनी हकीकत को समझना, लोगों की जरूरतों को पहचानना और उनके साथ सीधा संवाद बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। जनता के बीच उनकी सहज उपस्थिति इसी जुड़ाव को रेखांकित करती है।

    यही सादगी, यही अपनापन और अपनी माटी के प्रति यही लगाव कालीचरण सिंह को चतरा की जनता के बीच एक अलग पहचान दिलाता है। अपनी जड़ों, संस्कारों और संस्कृति से जुड़े रहकर जनता के बीच रहना ही उनकी कार्यशैली की विशेषता है। यही कारण है कि चतरा के लोग उन्हें केवल एक जनप्रतिनिधि के रूप में नहीं, बल्कि अपने बीच का एक ऐसा व्यक्ति मानते हैं, जिससे वे सहजता से अपनी बात कह सकते हैं।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous ArticleUCIL टेलिंग्स पॉन्ड के पास भूजल में 13 गुना अधिक सल्फेट, वैज्ञानिक अध्ययन से उठे सवाल
    Next Article कोयलरा में जितिया पर्व पर रात भर मांदर की थाप एव पारंपरिक गीतों पर झूमे ग्रामीण

    Related Posts

    एशियाई खेल 2026 में 9 पदक जीतने वाली भारतीय तीरंदाजी टीम का अर्जुन मुंडा ने किया स्वागत

    October 4, 2026

    ड्रोन सर्विलांस के बाद CISF-CCL की कार्रवाई, 129.730 टन अवैध कोयला जब्त

    October 4, 2026

    कोयलरा में जितिया पर्व पर रात भर मांदर की थाप एव पारंपरिक गीतों पर झूमे ग्रामीण

    October 4, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    एशियाई खेल 2026 में 9 पदक जीतने वाली भारतीय तीरंदाजी टीम का अर्जुन मुंडा ने किया स्वागत

    ड्रोन सर्विलांस के बाद CISF-CCL की कार्रवाई, 129.730 टन अवैध कोयला जब्त

    कोयलरा में जितिया पर्व पर रात भर मांदर की थाप एव पारंपरिक गीतों पर झूमे ग्रामीण

    चतरा की माटी से जुड़े, जनता के बीच रहने वाले कालीचरण सिंह

    UCIL टेलिंग्स पॉन्ड के पास भूजल में 13 गुना अधिक सल्फेट, वैज्ञानिक अध्ययन से उठे सवाल

    UCIL के हीरक जयंती समारोह के बीच अधिकारी का व्यंग्यात्मक पोस्टर वायरल, विस्थापन का दर्द उठाया

    पहल का असर: 24 घंटे में ट्रांसफार्मर के आसपास हुई साफ-सफाई, लोगों ने जताया आभार

    23 साल देश सेवा के बाद अब समाज के लिए काम करेंगे अमित

    मां दुर्गा के स्वागत को तेघड़ा में तैयारी तेज, चढ़ने लगा आस्था का रंग

    खोदावंदपुर प्रीमियर लीग सीजन-1 का हुआ शुभारंभ

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.