जामताड़ा: उत्क्रमित मध्य विद्यालय आमलाचातर में रंग-रोगन में भ्रष्टाचार की गूंज
निजाम खान। राष्ट्र संवाद
जामताड़ा: सदर प्रखंड अंतर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय अमलाचातर में रंग-रोगन कार्य भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। विद्यालय भवन की दिवारों पर पपड़ी से साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि या तो रंग-रोगन का काम हुआ ही नहीं, या फिर बेहद निम्न गुणवत्ता का कार्य किया गया है।
विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक अविलाश महतो से इस संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने मौखिक रूप से बताया कि “विद्यालय का रंग-रोगन हुआ था, लेकिन बारिश की वजह से रंग उखड़ गया।” हालांकि, भवन की मौजूदा स्थिति इस दावे पर गंभीर सवाल खड़े करती है।गौरतलब है कि सरकार द्वारा विद्यालयों की मरम्मत और रंग-रोगन के लिए जो फंड जारी किया जाता है, उसका सही इस्तेमाल अमलाचातर में नहीं दिखा।
विद्यालय की दीवारों की मौजूदा स्थिति को देखकर यह कहने से बिल्कुल इनकार नहीं किया जा सकता है कि रंग-रोगन के नाम पर सरकारी राशि का दुरुपयोग किया गया है। अगर काम सही ढंग से किया गया होता, तो बारिश के बाद भी रंग इतनी जल्दी नहीं उतरता। ऐसे में यह स्पष्ट है कि या तो रंग-रोगन का कार्य सतही रूप से कराया गया या फिर भ्रष्टाचार के चलते गुणवत्ताहीन सामग्री का उपयोग किया गया।
ऐसे में विद्यालय में रंग-रोगन के लिए जारी सरकारी फंड की जांच कराई जानी चाहिए। साथ ही, यदि जांच में किसी की लापरवाही या भ्रष्टाचार साबित होता है, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में सरकारी योजनाओं में इस तरह की अनियमितताओं पर रोक लग सके।

