लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
कुरुक्षेत्र के गांव मथाना स्थित विवेकानंद सीनियर सेकेंडरी स्कूल में कवि और कलम मंच के तत्वावधान में दूसरे ओपन माइक शो का आयोजन हुआ।
कवि और कलम मंच ने दी नई प्रतिभाओं को आवाज
कुरुक्षेत्र: गांव मथाना स्थित विवेकानंद सीनियर सेकेंडरी स्कूल में ‘कवि और कलम’ मंच के तत्वावधान में दूसरे ओपन माइक शो का आयोजन हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता साहित्य अकादमी सम्मानित डॉ. कमर रईस ने की, जबकि मुख्य अतिथि डॉ. दलीप खरेरा और विशिष्ट अतिथि कृष्ण कुमार निर्माण व नरेश लाभ रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदीप गागट ने सरस्वती वंदना से किया। इसके बाद विभिन्न कवियों और शायरों ने देशभक्ति, सामाजिक सरोकार, रिश्तों, प्रकृति और मानवीय संवेदनाओं पर आधारित रचनाओं का पाठ कर श्रोताओं की खूब सराहना बटोरी। विद्यालय के प्राचार्य विक्रम शर्मा ने भी अपनी कविताओं और हास्य प्रस्तुति से माहौल को जीवंत बनाया।
आयोजन के अंत में सभी कवियों, शायरों एवं रचनाकारों को स्मृति-चिह्न और सम्मान-पत्र देकर सम्मानित किया गया। आयोजकों ने कहा कि इस तरह के साहित्यिक आयोजन नई प्रतिभाओं को मंच देने और साहित्यिक संस्कृति को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
साहित्यिक संस्कृति को मजबूत करने की पहल
इस अवसर पर अध्यक्षता कर रहे डॉ. कमर रईस ने कहा कि कवि और कलम जैसे मंच ग्रामीण अंचल की छिपी प्रतिभाओं को सामने लाने का सराहनीय कार्य कर रहे हैं। उन्होंने युवा रचनाकारों से आह्वान किया कि वे अपनी लेखनी से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाएं। डॉ. दलीप खरेरा ने अपने संबोधन में कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होता है और ऐसे आयोजन सामाजिक चेतना को जागृत करते हैं।
विशिष्ट अतिथि कृष्ण कुमार निर्माण ने आयोजकों की प्रशंसा करते हुए कहा कि गांव मथाना जैसे छोटे स्थान पर इतना भव्य साहित्यिक आयोजन होना गर्व की बात है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी ऐसे आयोजन होते रहेंगे। नरेश लाभ ने युवा कवियों की रचनाओं की सराहना करते हुए उन्हें निरंतर लेखन के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में उपस्थित साहित्य प्रेमियों ने कवियों की रचनाओं का भरपूर आनंद लिया। देशभक्ति की कविताओं ने जहां श्रोताओं में जोश भरा, वहीं सामाजिक सरोकारों और मानवीय संवेदनाओं पर आधारित रचनाओं ने दिल को छू लिया। प्रकृति पर केंद्रित कविताओं ने ग्रामीण परिवेश की सुंदरता को शब्दों में पिरोया।
विद्यालय के प्राचार्य विक्रम शर्मा ने न केवल अपनी कविताओं से बल्कि हास्य व्यंग्य की प्रस्तुति से भी माहौल को खुशनुमा बनाए रखा। उन्होंने कहा कि विद्यालय में ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में साहित्य के प्रति रुचि जागृत होती है और उनका सर्वांगीण विकास होता है।
आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि कवि और कलम मंच का उद्देश्य नई प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना और साहित्यिक संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने भविष्य में और भी बड़े स्तर पर आयोजन करने की योजना साझा की। इस अवसर पर साहित्य अकादमी की वेबसाइट पर भी ऐसे आयोजनों की जानकारी उपलब्ध कराने की बात कही गई।
कार्यक्रम का सफल संचालन आयोजन समिति द्वारा किया गया। अंत में सभी अतिथियों, कवियों, शायरों और श्रोताओं का आभार व्यक्त किया गया। इस साहित्यिक संध्या ने उपस्थित सभी लोगों के मन पर अमिट छाप छोड़ी और साहित्य के प्रति नई ऊर्जा का संचार किया।

