मथुरा/वृंदावन. यूपी के मथुरा के वृंदावन स्थित चैतन्य विहार क्षेत्र स्थित आवासीय संस्कृत गुरुकुल में बुधवार को दर्दनाक हादसा हो गया. 12 से 14 फीट गहरे भूमिगत जल भंडारण टैंक की सफाई के दौरान संदिग्ध विषैली गैस की चपेट में आने से चार छात्रों की जान चली गई, जबकि एक छात्र को बचा लिया गया.
जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह गुरुकुल आशीष कुमार शर्मा द्वारा संचालित किया जा रहा था. संस्थान में लगभग 200 छात्र नामांकित हैं, जिनमें से करीब 100 छात्र परिसर के छात्रावास में रहकर अध्ययन करते हैं. रिपोर्ट के अनुसार, घटनाक्रम देर रात और तड़के के बीच हुआ जब पानी की टंकी से तेज दुर्गंध आने की शिकायत मिली.
मोटर से निकाला गया था पानी
छात्रों ने पहले बिजली की मोटर (सबमर्सिबल पंप) का उपयोग करके टैंक से पानी बाहर निकाला. इसके बाद तली में बचे कीचड़ और पानी को साफ करने के लिए एक छात्र 12-14 फीट गहरे टैंक में उतरा, लेकिन वहां जमा जहरीली गैस (मीथेन या हाइड्रोजन सल्फाइड जैसी गैसों की आशंका) के कारण वह तुरंत बेहोश हो गया. उसे बाहर न आता देख और बचाने के प्रयास में चार अन्य छात्र एक-एक करके नीचे उतरे, लेकिन जहरीली गैस की तीव्रता इतनी अधिक थी कि वे सभी दम घुटने से वहीं अचेत हो गए.
अस्पताल में चार की मौत
शोर मचने पर आसपास मौजूद लोगों और गुरुकुल स्टाफ ने काफी मशक्कत के बाद पांचों को बाहर निकाला और जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने चार छात्रों को मृत घोषित कर दिया. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने बताया कि जान गंवाने वाले चारों छात्रों की उम्र 17 से 20 वर्ष के बीच थी. चारों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेजा गया है और उनके परिजनों से संपर्क कर घटना की जानकारी दी जा रही है. पांचवें छात्र, जिसकी पहचान रुद्र के रूप में हुई है, का जीवन बच गया है. प्राथमिक उपचार के बाद वह होश में आ गया है और बातचीत कर रहा है. बेहतर चिकित्सकीय निगरानी के लिए उसे हायर सेंटर रेफर किया गया है.
मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
रिपोर्ट के अनुसार, जिला प्रशासन ने घटना को बेहद गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच शुरू कर दी है. जिलाधिकारी सीपी सिंह ने इस पूरी घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं. जांच में यह तय किया जाएगा कि हादसा कैसे हुआ, क्या गुरुकुल के पास वैध पंजीकरण और मान्यता थी, और नाबालिग व युवा छात्रों से पानी की टंकी की सफाई का जोखिम भरा काम क्यों कराया गया. परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और फॉरेंसिक टीम ने टैंक के भीतर से गैस व पानी के नमूने एकत्र किए हैं. पुलिस ने बताया कि परिजनों की लिखित तहरीर के आधार पर गुरुकुल प्रबंधन और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ विधिक धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की जाएगी.
सीएम योगी ने लिया संज्ञान
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए पीडि़त परिवारों के प्रति संवेदना जताई है और अधिकारियों को घायल छात्र का नि:शुल्क व गुणवत्तापूर्ण उपचार सुनिश्चित करने तथा पूरे मामले की जवाबदेही तय करने के सख्त निर्देश दिए हैं.

