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    Home » व्यापारियों के मुद्दे पर निडर और मुखर रहे महासचिव पद के प्रत्याशी मुकेश मित्तल की पहचान लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाने की रही है
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    व्यापारियों के मुद्दे पर निडर और मुखर रहे महासचिव पद के प्रत्याशी मुकेश मित्तल की पहचान लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाने की रही है

    Devanand SinghBy Devanand SinghSeptember 25, 2023No Comments5 Mins Read
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    व्यापारियों के मुद्दे पर निडर और मुखर रहे महासचिव पद के प्रत्याशी मुकेश मित्तल की पहचान लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाने की रही है

    सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के चुनाव में महासचिव पद के प्रत्याशी मुकेश मित्तल ने इस चुनाव को रोचक बना दिया है. मूनका और सोंथालिया गुट के इतर मित्तल ने अपने कार्य की बदौलत स्वतंत्र रूप से महासचिव पद पर अपनी दावेदारी को पेश कर मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है. व्यापारियों के मुद्दे पर निडर और मुखर रहे मित्तल की पहचान लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाने की रही है. सैरात दुकानों का मामला रहा या फिर जुगसलाई ओवरब्रिज का. उन्होंने चैंबर के बैनर तले लड़ाई लड़ी और उसे अंजाम तक पहुंचाया. बकौल मित्तल, पिछले दो वर्षों के दौरान जनसंपर्क और कल्याण विंग बेहद मुखर रहा. मैंने हमारे व्यापार एवं उद्योग के अलावा आम नागरिक की सुविधाओं के लिए भी लड़ाई लड़ी. मैंने जुगसलाई रेलवे ओवरब्रिज के लंबित कार्य को शुरू करने से संबंधित मुद्दों को उठाया और अंततः इसे जुगसलाई के लोगों को समर्पित किया गया. सैरात बाजार की दुकानों के किराए में बढ़ोतरी के लिए संघर्ष किया एवं अभियान शुरू किया.

     

     

     

    पूर्वी सिंहभूम की डीसी से सफलतापूर्वक स्थगन आदेश प्राप्त किया. जमशेदपुर में महिलाओं के विशेष उपयोग के लिए बाजारों में पिंक टॉयलेट, कानून-व्यवस्था की स्थिति, कॉरपोरेट कल्चर में दो दिवसीय चैम्बर क्रिकेट लीग, चैंबर परिसर में दिवाली और होली मिलन कार्यक्रमों के सफल आयोजन के साथ-साथ आक्रामक तरीके से अपनी बात रखी और सभी मुद्दों पर बिना किसी डर के अपनी राय दी. हम विशेषाधिकार प्राप्त लोगों के साथ-साथ वंचित लोगों के लिए भी खड़े रहे. बुनियादी ढांचा, नागरिक सुविधाएं, कानून और व्यवस्था, आवास और औद्योगिक संबंध जैसे विभिन्न क्षेत्रों में व्यापारियों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता सूची में पहले नंबर पर रही.

     

     

    मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष के रूप में खास पहचान बनाई मित्तल ने
    पूर्वी सिंहभूम जिला मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष मुकेश मित्तल ने अपने काम की बदौलत समाज के साथ ही शहर में अपनी खास पहचान बनाई है. हाल के कुछ सालों में लॉ एंड ऑर्डर का सवाल हो, सैरात दुकान के भाड़े का मामला हो या फिर कोविड के दौरान जरूरतमंदों की सेवा की बात हो, हर जगह मुकेश मित्तल सबसे पहले दिखें. डीबीएमएस इंग्लिश स्कूल से स्कूलिंग करने वाले मित्तल पेशे से चार्टर्ड एकाउंटेंट हैं, मगर उनका सामाजिक जुड़ाव और सरोकार, उन्हें औरों से अलग करता है. यही नहीं वे जमशेदपुर को एक बेहतर शहर बनाने के लिए चैंबर के मंच से जमशेदपुर से हवाई सेवा शुरू करने के साथ ही कीनन स्टेडियम में फिर से अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैच शुरू करने की आवाज उठाते रहे हैं. उनकी कई पहलों का नतीजा भी निकला. उनके प्रयास से ही सैरात दुकान भाड़ा पर स्टे लगा. राजस्थानी और हिन्दी के अलावा अंग्रेजी और बांग्ला भाषा जानने वाले मुकेश मित्तल का व्यक्तित्व हंसमुख हैं. हर मिलने वालों को भैया..से संबोधन करने वाले मुकेश बेहद विनम्र है. बताते हैं-उनका पैतृक घर राजस्थान के सीकर जिले में है. परिवार काफी पढ़ा लिखा रहा है. पिता शंकर लाल मित्तल आरआईटी (वर्तमान में एनआईटी) से मेकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी. दादा स्वर्गीय जौहरी लाल मित्तल साउथ ईस्टर्न रेलवे में सिविल कॉन्ट्रैक्टर थे.

     

     

     

    मुकेश मित्तल के कार्यों की सूची
    1.चैम्बर उपाध्यक्ष के पद पर रहते हुए प्रशासन द्वारा सैरात दुकानों का मनमाने रूप में बढ़ाये गए किराये के फैसले का कड़ा विरोध.
    2. मित्तल द्वारा पिंक टॉयलेट अभियान का शुभारंभ.
    3.जुगसलाई ओवर ब्रिज का कार्य 24 घंटे के अंदर शुरू कराया.
    4.चैम्बर उपाध्यक्ष रहते हुए प्लास्टिक को लेकर किए जाने वाली छापेमारी पर उठाये सवाल.
    5.साकची व्यापारी के घर पर हुई चोरी के मामले को गंभीरतापूर्वक लेना एवं उस पर अविलम्ब कार्रवाई करवाना.
    6. डोबो पुल एवं एप्रोच रोड पर हो रही दुर्घटनाओं को लेकर सवाल उठाया एवं प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को पत्र लिखकर उस पर कार्रवाई करने का आग्रह किया.
    7.कीनन स्टेडियम में दोबारा इंटरनेशनल क्रिकेट मैच शुरू करने के लिए आवाज उठाई
    8. समाज के हर दुःख में समाज के लोगों के साथ खड़े रहना और मदद करना.

     

     

    मुकेश मित्तल का घोषणा पत्र
    1.व्यापारी, जिनके पास टाटा लीज एरिया में जमीन है, उन्हें व्यापार की सहुलियत के लिये बैंक से लोन लेने के वास्ते टाटा स्टील से एनओसी दिलवाने का प्रयास करना.

    2. छोटे व्यापारियों के लिए आदित्यपुर इंडस्ट्रियल एरिया में बगैर ऑक्शन के 5000-6000 वर्ग फ़ीट तक का प्लाट उपलब्ध करवाने का प्रयास करना.
    3.डिजिटल युग में व्यापारियों को शिविर के माध्यम से जानकारी उपलब्ध कराना एवं प्रशिक्षण देना.
    4. आपातकालीन परिस्थिति को छोड़कर परसुडीह बाजार समिति की दुकानों को चुनाव कार्य के लिए प्रशासन द्वारा अपने अधिकार में लेने की परंपरा को निरस्त करवाने का प्रयास एवं कृषि बाजार व्यापार समिति का विकास .
    5.उद्योग के लिए बिजली सबसे महत्वपूर्ण रॉ मटेरियल की तरह है. प्रतिस्पर्धा भाव पर 24 घंटे निरंतर बिजली उपलब्ध करवाना प्राथमिकता रहेगी.
    6.जमशेदपुर के कीनन स्टेडियम को अंतर्राष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट मैचों के आयोजन हेतु तैयार करवाने का प्रयास.
    7.झारखण्ड सरकार और टाटा स्टील के संयुक्त तत्वावधान में जमशेदपुर में 100-150 बेड वाली मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल की स्थापना.
    8.झारखण्ड सरकार और टाटा स्टील के समक्ष छात्र-छात्राओं की आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए जमशेदपुर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के विश्वविद्यालय की स्थापना हेतु मुद्दा उठाना.
    9.टाटा स्टील द्वारा संचालित एसएनटीआई तकनीक पुस्तकालय में ज्ञान का अधिकार के वर्तमान परिदृश्य के तहत गैर-कर्मचारियों के बच्चों को भी यहां सुविधा उपलब्ध करवाने का प्रयास.
    10. कोल्हान में डिमना झील, दलमा पहाड़, घाटशिला, किरीबुरू आदि में पर्यटन की विशाल संभावनाओं को देखते हुए इन स्थानों पर उचित एवं पर्याप्त बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराकर इन स्थानों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करवाने का सरकारी स्तर से प्रयास.

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