‘दिमागी नक्सल’ बोलकर मोदी ने फजीहत करवा ली : सुधीर कुमार पप्पू
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर। समाजवादी चिंतक एवं अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिए गए कथित ‘दिमागी नक्सली’ संबोधन पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार से सवाल करने वाले युवाओं, छात्रों और बुद्धिजीवियों को इस तरह संबोधित करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस जैसे अवसर पर प्रधानमंत्री को सकारात्मक और प्रेरणादायक संदेश देना चाहिए था।
सुधीर कुमार पप्पू ने कहा कि देश के युवा शिक्षा, रोजगार, बेहतर व्यवस्था और अपने अधिकारों को लेकर लगातार आवाज उठा रहे हैं। विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर देशभर में आंदोलनों का दौर चल रहा है और सरकार की नीतियों पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि युवाओं में सरकार के प्रति असंतोष बढ़ रहा है, जिसका आने वाले समय में राजनीतिक असर देखने को मिल सकता है।
उन्होंने पश्चिम बंगाल में स्कूल व्यवस्था में सुधार की मांग से जुड़े कथित विवाद में एक व्यक्ति की मौत की घटना को निंदनीय बताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। पप्पू ने केंद्र सरकार को कई मोर्चों पर विफल बताते हुए कहा कि भाजपा और केंद्र सरकार को जनता के बढ़ते असंतोष का सामना करना पड़ सकता है।

