लेखक: भगवानपुर संवाददाता
भगवानपुर थाना क्षेत्र के मेहदौली चौक स्थित शिव मंदिर में शनिवार को एक प्रेमी युगल ने परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर शादी रचा ली। इस घटना ने पूरे इलाके में चर्चा का माहौल बना दिया है।
मेहदौली चौक स्थित शिव मंदिर में संपन्न हुआ विवाह
परिवार की रजामंदी नहीं मिली तो युवती ने अपने प्रेम को ही जीवन का सहारा बनाने का फैसला कर लिया। शनिवार की सुबह वह घर से निकलकर अपने प्रेमी के घर पहुंच गई। इसकी जानकारी मिलने पर युवती के परिजन भी वहां पहुंचे और उसे समझाकर वापस ले जाने का प्रयास किया, लेकिन युवती अपने निर्णय पर कायम रही। बाद में परिजनों के लौटने के बाद प्रेमी युगल ने मेहदौली चौक स्थित शिव मंदिर में शादी रचा ली।
युवती ने लगाया मारपीट का आरोप
युवती के अनुसार, वह भगवानपुर थाना क्षेत्र के नवटोलिया वार्ड संख्या छह निवासी उदय चौधरी के पुत्र अविनाश कुमार से कई वर्षों से प्रेम करती है। दोनों एक-दूसरे से शादी करना चाहते थे, लेकिन परिवार के लोग इस रिश्ते के लिए तैयार नहीं थे। युवती ने आरोप लगाया कि परिवार में उसके साथ मारपीट भी की जाती थी। इसके बाद उसने अपने प्रेमी के साथ रहने और उसी से शादी करने का निर्णय लिया।
परिजनों के मान-मनौवल के बाद भी नहीं मानी युवती
प्रेमी के घर युवती के पहुंचने की सूचना पर उसके परिजन वहां पहुंचे। उन्होंने युवती को काफी समझाने-बुझाने का प्रयास किया और साथ चलने को कहा। युवती ने स्पष्ट कर दिया कि वह अविनाश के साथ ही रहना चाहती है। काफी देर तक चले मान-मनौवल के बाद भी जब युवती नहीं मानी तो परिजन वापस लौट गए।
मंदिर में भगवान शिव को साक्षी मानकर लिए सात फेरे
इसके बाद दोनों मेहदौली चौक स्थित शिव मंदिर पहुंचे। मंदिर में भगवान शिव को साक्षी मानकर दोनों ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई और सात फेरे लिए। शादी के बाद दोनों ने साथ जीवन बिताने का संकल्प लिया। मंदिर परिसर में मौजूद लोगों ने नवविवाहित जोड़े को शुभकामनाएं दीं।
प्रेमी के बुआ का घर है मेहदौली में
बताया गया कि अविनाश कुमार की बुआ का घर मेहदौली में है। उसके फुफा का नाम फुलचन चौधरी बताया गया है। प्रेमी युगल की शादी शनिवार को आसपास के क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही।
कानूनी पहलू और सामाजिक प्रतिक्रिया
कानून के जानकारों के अनुसार, बालिग युवक-युवती को अपनी मर्जी से विवाह करने का पूरा अधिकार है। बीबीसी हिंदी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, विशेष विवाह अधिनियम के तहत अंतरजातीय और प्रेम विवाह को कानूनी मान्यता प्राप्त है। इस मामले में दोनों पक्ष बालिग प्रतीत होते हैं, इसलिए पुलिस हस्तक्षेप की संभावना कम है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि प्रेम विवाह के बढ़ते मामले सामाजिक मान्यताओं को बदल रहे हैं। हालांकि, परिवार की सहमति न मिलने पर युवाओं का मंदिर में विवाह करना एक नई प्रवृत्ति बनती जा रही है।
मंदिर के पुजारी पंडित रामनारायण शास्त्री ने बताया कि युगल ने पूरी श्रद्धा के साथ विवाह संपन्न किया। उन्होंने नवदंपति को आशीर्वाद देते हुए कहा कि भगवान शिव उनके वैवाहिक जीवन को सुखमय बनाएंगे।
इस घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा है कि परिवार वालों को भी समय के साथ अपनी सोच बदलनी चाहिए। युवाओं की खुशी ही परिवार की असली खुशी होती है।

