Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » बाढ़ में पशुपालकों के सामने चारा और आशियाने का संकट
    Headlines खबरें राज्य से पटना बिहार बेगूसराय मुंगेर मुजफ्फरपुर समस्तीपुर

    बाढ़ में पशुपालकों के सामने चारा और आशियाने का संकट

    Devanand SinghBy Devanand SinghSeptember 12, 2026No Comments4 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    बाढ़ में पशुपालकों के सामने चारा और आशियाने का संकट
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    बाढ़ में पशुपालकों के सामने चारा और आशियाने का संकट गहराता जा रहा है। बेगूसराय जिले के तेघड़ा दियारा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले पशुपालकों की कमर तोड़ दी है। लगातार बढ़ते जलस्तर ने न केवल खेतों में खड़ी फसलों को निगल लिया है, बल्कि मवेशियों के लिए जमा किया गया साल भर का चारा और उनके आशियाने भी तबाह कर दिए हैं। इस आपदा ने 2021 के पिछले सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं, जिससे हजारों परिवारों के सामने भरण-पोषण का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

    बाढ़ में पशुपालकों के सामने चारा और आशियाने का संकट: तेघड़ा दियारा का हाल

    तेघड़ा दियारा क्षेत्र में बाढ़ से पशुपालकों के सामने चारा, भूसा और मवेशियों के आशियाने का संकट खड़ा हो गया है। खेतों में लगा पशुचारा पानी में गलकर नष्ट हो गया, जबकि जमा किया गया भूसा भी बर्बाद हो गया। कच्चे व खपरैल मवेशी घरों को भी नुकसान पहुंचा है। इस बार बाढ़ ने 2021 के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। हजारों घर प्रभावित हुए और गुप्ता बांध पर कई जगह रिसाव की स्थिति बनी।

    भगवानपुर चक्की वार्ड 13-14, बिनलपुर-अजगरबर, मधुरापुर कुँवारी टोला, बीचला टोला व बरौनी-2 मधुरापुर में पशुचारे का व्यापक नुकसान हुआ है। निपनियां मधुरापुर वार्ड 12 में अजीत सिंह, गोपाल सिंह, रामगति सिंह व सोनू सिंह का भूसा और मवेशी घर क्षतिग्रस्त हुआ।

    बरौनी-2 मधुरापुर वार्ड 11 में रोशनी कुमार का खपरैल घर पेड़ गिरने से क्षतिग्रस्त हो गया। अंचलाधिकारी दीपक कुमार के निर्देश पर फ्लड कटिंग के मजदूरों ने घर पर गिरे पेड़ को हटाया। परिवार मजदूरी कर गुजर-बसर करता है और फिलहाल दूसरे घर में रहने को मजबूर है। पीड़ित ने सीओ व एसडीओ से घर की मरम्मत के लिए सहायता मांगी है।

    बाढ़ में पशुपालकों के सामने चारा और आशियाने का संकट

    प्रशासनिक स्तर पर राहत व बचाव कार्य तेज

    जिला प्रशासन और अंचलाधिकारी दीपक कुमार की टीम लगातार प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर क्षति का आकलन कर रही है। गुप्ता बांध पर बने रिसाव बिंदुओं को बंद करने के लिए फ्लड फाइटिंग टीमें दिन-रात लगी हुई हैं। एसडीओ ने बताया कि पशुचारे की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए जिला मुख्यालय से संपर्क किया गया है। पशुपालन विभाग द्वारा प्रभावित पंचायतों में साइलेज और पशु आहार के पैकेट पहुंचाने की योजना तैयार की जा रही है। इसके अलावा, नावों की संख्या बढ़ाकर मरून टोलों तक राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।

    पशुपालकों की आर्थिक कमर टूटी, भविष्य अनिश्चित

    पशुपालक अजीत सिंह बताते हैं, “साल भर की मेहनत से जमा किया गया भूसा और पशुचारा पल भर में पानी में बह गया। मवेशी दूध देना कम कर चुके हैं, क्योंकि उन्हें खिलाने के लिए कुछ नहीं बचा।” गोपाल सिंह और रामगति सिंह का कहना है कि कच्चे मवेशी घर गिरने से मवेशी खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं, जिससे बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है। सोनू सिंह ने बताया कि सरकारी सहायता मिलने में देरी हुई तो मवेशियों को बेचने की नौबत आ जाएगी। स्थानीय मुखिया प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत त्वरित मुआवजे की मांग की है।

    गुप्ता बांध की स्थिति बनी चिंता का विषय

    गुप्ता बांध तेघड़ा दियारा की लाइफलाइन माना जाता है। इस बांध पर कई जगहों पर रिसाव (सीपेज) होने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। जल संसाधन विभाग के अभियंताओं की टीम सैंड बैग और जियो बैग डालकर रिसाव रोकने का प्रयास कर रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर बांध टूटा तो भगवानपुर चक्की, बिनलपुर, मधुरापुर समेत दर्जनों गांवों में तबाही मच जाएगी। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के दिशानिर्देशों के अनुसार बांध सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

    भविष्य की चुनौतियां और पशुपालकों की मांग

    बाढ़ का पानी उतरने के बाद भी पशुपालकों की मुश्किलें कम नहीं होंगी। खेतों में गाद जमा होने से अगली फसल (रबी) की बुआई प्रभावित होगी। पशुचारे की कमी लंबे समय तक बनी रहेगी। प्रभावित पशुपालकों ने मांग की है कि सरकार पशु शेड निर्माण के लिए अनुदान दे, भूसा बैंक की स्थापना करे और फसल क्षति के साथ-साथ पशुचारा क्षति का भी मुआवजा दे। रोशनी कुमार जैसे गरीब परिवारों के लिए आवास योजना (इंदिरा आवास/पीएम आवास) के तहत पक्का मकान स्वीकृत करने की मांग भी उठ रही है। इस संकट की घड़ी में सामाजिक संगठन भी आगे आकर सूखा चारा व दवा वितरित कर रहे हैं।

    चारा संकट तेघड़ा दियारा पशुपालक बेगूसराय
    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleस्वास्थ्य सेवाओं में सुधार पर जोर, सभी प्रखंडों में रक्तदान शिविर लगाने का निर्देश
    Next Article मेहदौली चौक स्थित शिव मंदिर में प्रेमी युगल ने रचाई शादी

    Related Posts

    खोदावंदपुर में विभिन्न मांगों को लेकर जन सुराज कार्यकर्ताओं का धरना, बीडीओ को सौंपा मांग पत्र

    September 12, 2026

    मेहदौली चौक स्थित शिव मंदिर में प्रेमी युगल ने रचाई शादी

    September 12, 2026

    स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार पर जोर, सभी प्रखंडों में रक्तदान शिविर लगाने का निर्देश

    September 12, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    खोदावंदपुर में विभिन्न मांगों को लेकर जन सुराज कार्यकर्ताओं का धरना, बीडीओ को सौंपा मांग पत्र

    मेहदौली चौक स्थित शिव मंदिर में प्रेमी युगल ने रचाई शादी

    बाढ़ में पशुपालकों के सामने चारा और आशियाने का संकट

    स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार पर जोर, सभी प्रखंडों में रक्तदान शिविर लगाने का निर्देश

    ब्रिक्स शिखर सम्मेलन भारत को वैश्विक व्यापार शक्ति बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम : सोंथालिया

    तुलसी भवन में हिन्दी शिक्षक कार्यशाला, अनिरुद्ध त्रिपाठी ‘अशेष’ को मिला श्रेष्ठ शिक्षक सम्मान

    सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति चन्द्रशेखर का राजेश शुक्ल ने किया अभिनंदन

    मानगो चौक में गांव-देहात से रोज काम की तलाश में मानगो पहुंचते हैं मजदूर, सुविधाओं को लेकर बिदू चंदन ट्रस्ट ने मेयर सुधा गुप्ता को सौंपा आवेदन

    माताओं ने कौशल दक्षता प्रतियोगिता में दिखाई प्रतिभा, 49 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा

    आकांक्षी जिला कार्यक्रम में गिरिडीह की 77वीं डेल्टा रैंकिंग, केंद्रीय प्रभारी ने सुधार के दिए निर्देश

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.