
बेगूसराय जिले के खोदावंदपुर प्रखंड में जन सुराज पार्टी के बैनर तले शनिवार को आयोजित एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन ने क्षेत्र की राजनीति में नई सरगर्मी पैदा कर दी है। प्रखंड सह अंचल कार्यालय के मुख्य द्वार पर सैकड़ों की संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने जन सुराज कार्यकर्ताओं का धरना को सफल बनाते हुए शासन-प्रशासन का ध्यानाकर्षण किया। यह धरना महज एक सांकेतिक विरोध नहीं, बल्कि उन तमाम अनसुनी आवाजों का प्रतिनिधित्व करता है जो लंबे समय से व्यवस्थागत खामियों का दंश झेल रहे हैं। किसानों को खाद के लिए दर-दर भटकना, वृद्ध और विधवा पेंशनधारियों को महीनों तक राशि न मिलना, पंचायत कर्मियों का वेतन लंबित रहना और सरकारी दफ्तरों में व्याप्त भ्रष्टाचार जैसी समस्याएं अब आम जनमानस के सब्र का बांध तोड़ चुकी हैं। जन सुराज पार्टी ने इन छह सूत्री मांगों को लेकर न केवल धरना दिया, बल्कि एक विस्तृत मांग-पत्र प्रखंड विकास पदाधिकारी को सौंपकर ठोस कार्रवाई की समयसीमा भी तय करने की मांग की है। इस आंदोलन की खास बात यह रही कि इसमें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ युवा कार्यकर्ताओं की भी जबरदस्त भागीदारी देखने को मिली, जो संगठन की जमीनी पकड़ को दर्शाता है।
जन सुराज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विभिन्न जनसमस्याओं और छह सूत्री मांगों को लेकर शनिवार को प्रखंड सह अंचल कार्यालय खोदावंदपुर के समक्ष एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया।
धरना में किसानों को रासायनिक खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने, सामाजिक सुरक्षा पेंशन व्यवस्था में सुधार, विधवा, वृद्ध एवं दिव्यांगजनों की लंबित पेंशन राशि का भुगतान, सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार पर रोक, पंचायत कर्मियों के लंबित वेतन भुगतान तथा बढ़ती महंगाई पर नियंत्रण की मांग की गयी।
धरना कार्यक्रम की अध्यक्षता जन सुराज के प्रखंड अध्यक्ष रामकिशोर सिंह ने की, जबकि मंच का संचालन अधिवक्ता रंधीर कुमार वर्मा ने किया।
धरना को संबोधित करते हुए चेरिया बरियारपुर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी डॉ मृत्युंजय कुमार ने कहा कि क्षेत्र की आम जनता लंबे समय से खाद की कमी, सामाजिक सुरक्षा पेंशन के भुगतान में देरी, सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार तथा बढ़ती महंगाई जैसी समस्याओं से जूझ रही है।
सरकार एवं प्रशासन को इन समस्याओं के समाधान के लिए शीघ्र ठोस कदम उठाना चाहिये।

कार्यक्रम को जन सुराज प्रदेश कार्यकारिणी समिति के सदस्य टिंकू राय, अनुमंडल अध्यक्ष रवि रौशन, युवा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष आगम कुमार, रामविलास तरुण एवं कृष्णदेव चौधरी समेत अन्य नेताओं ने संबोधित किया।
जन सुराज कार्यकर्ताओं का धरना: प्रमुख मांगें और संबोधन
पार्टी द्वारा सौंपे गये मांग-पत्र में किसानों को सभी प्रकार की रासायनिक खाद उचित मूल्य पर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराने तथा खाद एवं बीज की खरीद के लिए किसानों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की गयी।
इसके अलावा पेंशन संबंधी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रखंड विकास पदाधिकारी को अधिकृत करने की मांग उठायी गयी।
धरना कार्यक्रम के समापन पर जन सुराज के पांच सदस्यीय शिष्टमंडल ने पार्टी का मांग-पत्र प्रखंड विकास पदाधिकारी मिथिलेश बिहारी वर्मा को सौंपा।
अधिक जानकारी के लिए बेगूसराय जिला आधिकारिक वेबसाइट देखें।
इस धरना-प्रदर्शन के माध्यम से जन सुराज पार्टी ने प्रशासन और सरकार तक जनता की आवाज पहुंचाने का प्रयास किया है। पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि उनकी समस्याओं का समाधान जल्द होगा और प्रशासन संवेदनशीलता दिखाएगा। धरना के समापन पर पांच सदस्यीय शिष्टमंडल द्वारा बीडीओ मिथिलेश बिहारी वर्मा को सौंपे गए मांग-पत्र को प्रशासन ने गंभीरता से लेने का आश्वासन दिया है। हालांकि, जन सुराज नेताओं का कहना है कि आश्वासन से काम नहीं चलेगा, जमीन पर परिणाम दिखना चाहिए। पार्टी के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य टिंकू राय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि एक पखवाड़े के भीतर खाद उपलब्धता, पेंशन भुगतान और भ्रष्टाचार पर अंकुश जैसे मुद्दों पर ठोस पहल नहीं हुई तो पार्टी अनुमंडल और जिला स्तर पर वृहद आंदोलन छेड़ेगी। इस धरना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि ग्रामीण बिहार की मूलभूत समस्याएं अब राजनीतिक दलों के लिए नजरअंदाज करना आसान नहीं रह गया है। आम जनता अब अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो रही है और संगठित होकर संघर्ष के लिए तैयार है। खोदावंदपुर की यह आवाज बेगूसराय ही नहीं, पूरे बिहार के उन तमाम प्रखंडों की आवाज है जहां विकास की किरणें अभी भी प्रशासनिक उदासीनता की भेंट चढ़ रही हैं। आने वाले दिनों में जन सुराज इस मुद्दे को विधानसभा तक ले जाने की रणनीति पर भी काम कर रहा है, जिससे नीति-निर्धारकों पर दबाव बनाया जा सके।

