बगैर बीएड हाई स्कूल में बहाल हो गए कई शिक्षक मामला तूल पकड़ा तो अब आरडीडीई को मिली जांच की जिम्मेदारी
राष्ट्र संवाद संवाददाता
सीजीटीसी की ओर से जारी विज्ञापन के माध्यम से उच्च विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति में गैर बीएड डिग्री धारकों के चयन एवं नियुक्ति का मामला तूल पकड़ने लगा है l उत्तीर्ण होने वालों का सर्टिफिकेट जांच जिला स्तरीय माध्यमिक शिक्षा स्थापना समिति द्वारा की गई था l तत्पश्चात जिले के विभिन्न उच्च विद्यालयों में इन्हें नियुक्ति दी गई थी l स्थापना समिति द्वारा की गई जांच पर प्रश्न चिन्ह खड़ा हो गया है l क्योंकि समिति ने वैसे लोगों को भी नियुक्ति पत्र दे दिया जिनके पास आवेदन की अंतिम तिथि तक b.Ed की डिग्री नहीं थी l हाल में ही इस संबंध में शिकायत प्राप्ति एवं जमशेदपुर पूर्वी से विधायक पूर्णिमा साहू की पहल पर सरकार की ओर से जांच की जिम्मेवारी आरडीडीई को दी गई हैl इस संबंध में पड़ताल करने पर यह बात सामने आई है कि जिन 18 शिक्षकों की सूची जांच के लिए दी गई है वह अपूर्ण है l 18 की जगह यह संख्या 80 पहुंच सकता है l जिन 18 लोगों के विरुद्ध जांच होगी उनमें से 9 बहरागोड़ा महाविद्यालय में आवेदन के वक्त चौथे सेमेस्टर में अध्यनरत थे l इनमें दिलीप कुमार दास, महुआ कर, सत्यवती सिंह, दुलारी हसदा उपेंद्र बेसरा, राजू घोष, मनोरंजन नायक है l

2015-17 सत्र में और भी कई नाम है जो शिक्षक के तौर पर कार्यरत हैं लेकिन जांच के लिए जो सूची जारी की गई है उसमें उनका नाम नहीं है l उक्त मामले की पड़ताल मैं यह बात भी सामने आया है कि फर्जी डिग्री के आधार पर भी बहाली हुई है l लेकिन स्थापना समिति फर्जी बड़े को पकड़ नहीं पाई l राज्य सरकार शिक्षक नियुक्ति के मामले को अगर गंभीरता से लेती है तो राज्य स्तर पर इसकी जांच करनी होगी l क्योंकि 2015-17 बच के बीएड डिग्री धारक अगर एक जिले में योग्यता के बगैर बहाल हुए हैं तो राज्य स्तर पर इसकी संख्या क्या हो सकती है यह जांच के उपरांत स्पष्ट हो पाएगी l जहां तक पूर्वी सिंहभूम में शिक्षक नियुक्ति में 18 शिक्षकों के सर्टिफिकेट जांच का मामला है तो इसके लिए विज्ञापन के आधार पर जिले में जितने भी शिक्षक बहाल किए गए हैं उनके सर्टिफिकेट की जांच जरूरी है l निष्पक्ष जांच होने पर इसका दायरा काफी बड़ा हो सकता है l सिर्फ Bed के सर्टिफिकेट जांच से ही स्थिति स्पष्ट हो जाएगी l

