मनीषा शर्मा की शोधपरक कृति ‘ब्रजभूमि का वैभव’ का हुआ विमोचन
राष्ट्र संवाद संवाददाता
गुवाहाटी:कई पुस्तकों की लेखिका और समाजसेविका मनीषा शर्मा की शोध और यात्रा साहित्य पर आधारित पुस्तक ‘ब्रजभूमि का वैभव’ का विमोचन आज दिन के 11 बजे दिसपुर प्रेस क्लब में आयोजित एक समारोह में किया गया।
पुस्तक का विमोचन प्रख्यात शिक्षाविद्, लेखक और आलोचक डॉ. दयानंद पाठक ने किया।
लेखिका मनीषा शर्मा ने यह शोधपरक और क्षेत्र-आधारित अध्ययन की कृति पाँच वर्षों तक मथुरा, वृन्दावन और गोकुल की बार-बार यात्रा करके जुटाए गए तथ्यों के आधार पर तैयार की है। इस पुस्तक का प्रकाशन बनलता प्रकाशन ने किया है।
विमोचन समारोह में गणमान्य व्यक्तियों के विचार
ग्रंथ विमोचन सभा में विशिष्ट निबंधकार, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उत्तर-पूर्व भारत बौद्धिक प्रचार प्रमुख शंकर दास, साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता साहित्यकार जयंत माधव बोरा, तथा साहित्य अकादमी अनुवाद पुरस्कार विजेता, प्रख्यात अनुवादक, कवि और बनफूल प्रकाशन के प्रकाशन सलाहकार विपुल देउरी ने उपस्थित होकर सारगर्भित विचार व्यक्त किए।
डॉ. दयानंद पाठक (विमोचक): पुस्तक का विमोचन करते हुए उन्होंने कहा, “लेखिका ने बहुत परिश्रम, श्रम और शोध करके ‘ब्रजभूमि का वैभव’ पुस्तक लिखी है। गहरे विषय वस्तु की यह पुस्तक पढ़कर पाठक लाभान्वित होंगे। मेरी दृष्टि में आज की नारी त्रिनयन से जानी जाती है, और मनीषा शर्मा इसका अपवाद नहीं हैं।”
शंकर दास (बौद्धिक प्रमुख): उन्होंने कहा कि यह पुस्तक विज्ञान, दर्शन और आध्यात्मिकता के माध्यम से जीवन को कैसे समझा जाए, इस पर एक मनोवैज्ञानिक विश्लेषण प्रस्तुत करती है। उन्होंने टिप्पणी की कि ‘ब्रजभूमि का वैभव’ असमिया साहित्य में एक उल्लेखनीय योगदान सिद्ध होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि असम के पाठक इस कृति को भी लेखिका की पिछली पुस्तकों की तरह ही अपनाएंगे।
जयंत माधव बोरा (साहित्य अकादमी विजेता): विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित लेखक ने कहा कि वर्तमान में महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। वे साहित्य-संस्कृति के साथ-साथ समाज के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी दक्षता प्रदर्शित कर रही हैं, और मनीषा शर्मा भी इसी गति से आगे बढ़ रही हैं।
विपुल देउरी (प्रकाशक सलाहकार): उन्होंने अपने संबोधन में ‘ब्रजभूमि का वैभव’ को ‘डॉक्यूमेंट्री लिटरेचर’ (Documentary Literature) बताया।
पत्रकार और लेखिका दर्शना बरुआ द्वारा संचालित इस ग्रंथ विमोचन समारोह की शुरुआत में निशा चक्रवर्ती, डॉ. मंजुला गोस्वामी और डॉ. ताम्ना गोस्वामी ने दीप प्रज्वलन किया। समारोह में भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी और गुवाहाटी नगर निगम के पूर्व आयुक्त देवेश्वर मालाकार सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे, जिन्होंने सभा की शोभा बढ़ाई।

