राष्ट्र संवाद संवाददाता
सुवर्णरखा परियोजना के गालूडीह बराज की पश्चिम दिशा और गुर्रा नदी के किनारे तटबंध निर्माण हो रहा है।
. ठेकेदार ने गुर्रा नदी को मिट्टी-पत्थर डालकर बांध दिया है।
जिसके कारण नदी का आकार काफी छोटा हो गया है नाले की तरह नदी दिखने लगी है जिसका फायदा बालू माफिया और मिट्टी उठा रहे हैं और ग्रामीण और किसानों में भारी नाराजगी है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह नदी हम लोगों की जीवनस्थली है और इस प्रकार के नदी से बांध बांधे जाने से किसानों को पानी नहीं मिल पा रहा है खेती बर्बाद हो रही है।
नदी फिलहाल नाले जैसे बह रही है. पानी आगे जा सके, इसके लिए ह्यूम पाइप बिछाया जा रहा है. गुर्रा नदी बहुत चौड़ी है. दोनों तरफ मिट्टी-पत्थर डाल कर बांध दिया गया।
नदी के बीच सड़क बना दी गयी है इस प्रकार पहली बार हुआ है की नदी में सड़क बना दिया गया है इसी नदी का पानी सहना रेखा में भी जाता है।
सिर्फ पानी आगे जाने के लिए नाला रूपी जगह छोड़कर ह्यूम पाइप लगाया जा रहा है. जानकारी हो कि डैम के डूबे क्षेत्र को बचाने के लिए करीब तीन किमी तक पश्चिम दिशा में सुवर्णरखा और गुर्रा नदी किनारे करीब 77 करोड़ रुपये से तटबंध का निर्माण हो रहा है।
गालूडीह बराज के पास सुवर्णरखा नदी में गुर्रा नदी आकर मिली है यह संगम स्थल है।
आसपास के क्षेत्र में भारी मात्रा में मिट्टी का खनन भी किया जा रहा है और अवैध रूप से गिट्टी बालू और पत्थर भी यहां पर स्टॉक की गई है जिसकी भी जांच करने की ग्रामीणों ने मांग की है।
नदी को पूरी तरह से बर्बाद किया जा रहा है जिसको लेकर वन सुरक्षा समिति के सदस्यों ने बताया कि ठेका कंपनी पर कार्रवाई होनी चाहिए पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने का किसी को हक नहीं है इसी नदी के पानी लोग पीने के नहाने के काम में और खेती के काम में लगाते हैं नदी में बांध बांधे जाने का किसी को अनुमति नहीं मिलनी चाहिए।
साथ ही भारी मात्रा में अवैध रूप से मिट्टी का खनन हो रहा है उस पर भी कार्रवाई करने की मांग की है।
वही इस नदी के बीच में सड़क बना देने से कई ट्रैक्टर से बालू भी उठाव कर रहे हैं।
किसानों का कहना है कि इस प्रकार से नदी में कोई भी सड़क नहीं बन सकता है पर्यावरण के साथ पूरी तरह से खिलवाड़ हो रही है लगातार लोग पानी के कमी से बेहाल हो रहे हैं सब्जी की खेती नहीं कर पा रहे हैं।
सुरक्षा से भी खिलवाड़ हो रहा है सामने ही सी टी सी और सीआरपीएफ कैंप भी है इस नदी में सड़क बन जाने से वहां की सुरक्षा पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
भाजपा नेता मनोज सिंह ने बताया इस पुलिया के कारण कभी भी कई फैक्ट्री डूब सकती है ठेकेदार पर कार्रवाई होनी चाहिए नहीं तो आंदोलन किया जाएगा।
इस गार्डवाल के निर्माण में लाखों टन अवैध पत्थर का उपयोग किया जा रहा है सरकार को भारी राजस्व की हानि हो रही है इसकी भी जांच पड़ताल की जानी चाहिए।
मामले में जिला के नए उपायुक्त से मिलकर जांच पड़ताल करवाने की मांग करेंगे।

