कुपोषण उन्मूलन केवल एक विभाग की जिम्मेवारी नहीं बल्कि सामूहिक प्रयास का विषय है: जिला पदाधिकारी
बेगूसराय राष्ट्र संवाद ब्यूरो
समाहरणालय स्थित सभागार में जिला पदाधिकारी रिची पाण्डेय की अध्यक्षता में जिला समन्वय समिति एवं पोषण समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में 09 सितंबर से 08 अक्टूबर 2026 तक संचालित नौवें राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान जिले में आयोजित विभिन्न गतिविधियों, विभागीय समन्वय तथा पोषण अभियान के जन आंदोलन डैशबोर्ड पर दर्ज उपलब्धियों की विस्तृत समीक्षा की गई। जिला पदाधिकारी ने कुपोषण मुक्त बेगूसराय के संकल्प को साकार करने के लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ प्रभावी ढंग से कार्य करने का निर्देश दिया।
बैठक में राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस-5 एवं एनएफएचएस-6) के तुलनात्मक आंकड़ों की समीक्षा के दौरान जिले में बच्चों के पोषण स्तर में उल्लेखनीय सुधार की जानकारी दी गई।
राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान जिले के कुल 3,360 आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से जन आंदोलन डैशबोर्ड पर कुल 4,48,531 गतिविधियां दर्ज की गईं। इसके आधार पर जिले की उपलब्धि 88.99 प्रतिशत रही। प्रखंडवार प्रदर्शन में गढ़पुरा ने 108.49 प्रतिशत उपलब्धि के साथ प्रथम, मंसूरचक ने 104.08 प्रतिशत के साथ द्वितीय तथा बखरी ने 102.98 प्रतिशत के साथ तृतीय स्थान प्राप्त किया। डंडारी में 101.23 प्रतिशत तथा छौड़ाही में 100.56 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई। दूसरी ओर, बेगूसराय ग्रामीण प्रखंड की उपलब्धि 68.62 प्रतिशत तथा मटिहानी की 80.86 प्रतिशत रही। जिला पदाधिकारी ने अपेक्षाकृत कम प्रगति वाले प्रखंडों के बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों एवं महिला पर्यवेक्षिकाओं को कार्यशैली में सुधार लाने, गतिविधियों की नियमित निगरानी करने तथा निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से डैशबोर्ड पर 4,36,462, ग्रामीण विकास विभाग की ओर से 83,000, शिक्षा विभाग की ओर से 51,878 तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से 759 प्रविष्टियां दर्ज की गईं। जिला पदाधिकारी ने स्वास्थ्य, पंचायती राज, शिक्षा, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण तथा ग्रामीण विकास विभाग को आपसी समन्वय और मजबूत करने का निर्देश देते हुए कहा कि पोषण संबंधी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं के पोषण और स्वास्थ्य में सुधार के लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वित प्रयास करना आवश्यक है।
जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार नियमित रूप से ताजा एवं गर्म पका भोजन उपलब्ध कराया जाए। बच्चों के भोजन में प्रोटीन सहित आवश्यक पोषक तत्वों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा केंद्रों पर पूरक पोषण आहार (एसएनपी) का मेन्यू बोर्ड अनिवार्य रूप से प्रदर्शित किया जाए। उन्होंने आंगनवाड़ी प्रबंधन समितियों की नियमित बैठक आयोजित करने तथा गोदभराई, अन्नप्राशन एवं तिथि भोज जैसी गतिविधियों के माध्यम से समुदाय की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत सभी पात्र गर्भवती एवं धात्री महिलाओं का शत-प्रतिशत निबंधन तथा नियमानुसार प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से भुगतान सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। साथ ही, पोषण ट्रैकर पर बच्चों की लंबाई एवं वजन से संबंधित आंकड़ों की नियमित और समयबद्ध प्रविष्टि सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि नाटापन एवं दुबलेपन की समय रहते पहचान कर आवश्यक परामर्श, उपचार और पोषण संबंधी सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि कुपोषण उन्मूलन केवल एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सामूहिक प्रयास का विषय है। सभी संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करते हुए पोषण सेवाओं की गुणवत्ता, पहुंच और प्रभावशीलता सुनिश्चित करें, ताकि बेगूसराय को कुपोषण मुक्त बनाने के संकल्प को साकार किया जा सके।
इस अवसर पर उपविकस आयुक्त श्री आकाश चौधरी, सिविल सर्जन बेगूसराय डॉ अशोक कुमार, कार्यक्रम पदाधिकारी आईसीडीएस श्रीमती रश्मि कुमारी, सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे ।

