Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » जोहार ट्रस्ट एवं आदिवासी हो समाज द्वारा तीन दिवसीय राष्ट्रीय मागे महोत्सव का आयोजन
    Breaking News जमशेदपुर

    जोहार ट्रस्ट एवं आदिवासी हो समाज द्वारा तीन दिवसीय राष्ट्रीय मागे महोत्सव का आयोजन

    Devanand SinghBy Devanand SinghFebruary 20, 2025No Comments3 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    जोहार ट्रस्ट एवं आदिवासी हो समाज द्वारा तीन दिवसीय राष्ट्रीय मागे महोत्सव का आयोजन

    जोहार ट्रस्ट एवं आदिवासी हो समाज महासभा पूर्वी सिंहभूम के तत्वाधान में तीन दिवसीय राष्ट्रीय मागे महोत्सव का आयोजन 7 से 9 मार्च, 2025 को गोपाल मैदान, बिष्टुपुर में किया जाएगा। तीन दिवसीय महोत्सव में देश के विभिन्न 11राज्यों से आदिवासी समुदाय के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

     

    इस सांस्कृतिक महोत्सव में देश भर से विभिन्न आदिवासी समुदायों के कलाकार भाग लेंगे और पारंपरिक गीत, संगीत, नृत्य एवं खेलकूद के साथ-साथ रंगारंग कार्यक्रम की प्रस्तुति दी जाएगी।
    इसी के साथ-साथ समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य एवं योगदान करने वाले व्यक्तियों को जोहार संस्था की ओर से सम्मानित किया जाएगा। तीन दिवसीय राष्ट्रीय मागे महोत्सव में दो सौ स्टॉल लगेंगे जिसमें विभिन्न प्रकार के व्यंजन, परिधान, पुस्तक, आर्ट एवं क्राफ्ट, फर्नीचर, डेकोरेशन आइटम, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, कार एवं बाइक, मोटरसाइकिल के स्टॉल भी शामिल होंगे।

     

     

    राष्ट्रीय मागे महोत्सव का आयोजन होगा इसमें 11 राज्यों से हो समाज के विभिन्न नृत्य दल एवं लोग शामिल होंगे। राष्ट्रीय मागे महोत्सव प्रतियोगिता में कुल पुरस्कार राशि दो लाख ग्यारह हज़ार रूपए के साथ प्रमाण पत्र एवं मेमेंटो देकर सम्मानित किया जाएगा।
    अखड़ा मागे षुशुन प्रतियोगिता में पुरस्कार राशि इक्यासी हज़ार रुपए के साथ प्रमाण पत्र एवं मेमेंटो दिया जाएगा, और साथ ही मेगा आर्ट फेस्ट का आयोजन किया गया है। जिसमे विद्यालय एवं महाविद्यालयों के दो हज़ार से ज़्यादा छात्र एवं छात्राएं भाग लेंगे। जिसकी कुल पुरस्कार राशि एक लाख रुपए है। इस दिन भिन्न प्रकार की कला प्रदर्शनियों का आयोजन होगा।

     

    साथ ही, मानकी मुंडा, दिऊरी, समाज के पदाधिकारी गण एवं बुद्धिजीवियों का सम्मान समारोह भी किया जाएगा। विभिन्न राज्यों से 11 जनजातियों द्वारा पारंपरिक नृत्य, संगीत, एवं लोकगीत की प्रस्तुति दी जाएगी, जिसकी कुल पुरस्कार राशि पचहतर हज़ार रुपए है।
    ग्रैंड फिनाले (बिगेस्ट डांस चैलेंज) का आयोजन किया जाएगा। जिसमें ऑडिशन से चयनित कलाकारों का डांस कंपटीशन किया जाएगा जिसकी पुरस्कार राशि एक लाख रुपए है।
    बॉलीवुड सिने जगत के कलाकारों एवं झारखंड के जनजातीय फ़िल्मी गीत एवं संगीत में काम करने वाले कलाकारों द्वारा रंगारंग प्रस्तुति होगी जिसमें मुख्य आकर्षण विदेश के चर्चित शो ‘ब्रिटेन गॉट टैलेंट’ में अपने जौहर को प्रस्तुत करने वाले भारत के पहले गर्ल्स डांस क्रु ‘यो हाईनेस’ का लाइव परफॉर्मेंस जोहार नाइट के मंच से रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी।

     

    राष्ट्रीय मागे महोत्सव आयोजन का उद्देश्य है कि हो समुदाय की सांस्कृतिक विरासत एवं पहचान को संरक्षित कर ‘हो’ संस्कृति, परंपरा, दर्शन, नृत्य, कला, भाषा, वाह्यरंग चिती लिपी, साहित्य, गीत एवं संगीत के प्रति सांस्कृतिक गौरव एवं गरिमा की भावना को जागृत करना। इस मागे महोत्सव में विभिन्न आदिवासी समुदायों में सामाजिक एकता एवं मैत्री को बढ़ावा देना है।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleरेखा गुप्ता बनीं दिल्ली की नौवीं मुख्यमंत्री, प्रवेश वर्मा सहित छह विधायकों ने ली मंत्री पद की शपथ
    Next Article लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली पहुंचे

    Related Posts

    पूर्वी सिंहभूम महिला आयाम के द्वारा महिलाओं के बीच एमआरपी नीति को लेकर जागरूकता अभियान

    June 6, 2026

    ब्रह्मर्षि विकास मंच की गोविंदपुर इकाई का गठन, विरेन्द्र मौआर बने अध्यक्ष

    June 6, 2026

    पार्वती घाट में नई सुविधाओं का शुभारंभ, पर्यावरण अनुकूल फरनेस और ‘देव आत्मा उद्यान’ शुरू

    June 6, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    बीएलओ की लापरवाही पर प्रशासन सख्त, रेणुका महतो और रीता देवी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा

    चक्रधरपुर रेल मंडल आरपीएफ थाना प्रभारी कमलेश समादार रिश्वतखोरी मामले में गिरफ्तार, सीबीआई की बड़ी कार्रवाई से आरपीएफ में मचा हड़कंप

    डोमजूरी पंचायत की मुखिया ने नरवा के पर्सनल मैनेजर को सौंपा ज्ञापन, नरवा पुलिया के दोनों साइड जाली लगाने की मांग

    बोलानी थाना क्षेत्र मे अज्ञात वाहन के धक्के से मोटसाइकिल सवार युवक की मौत

    रुंगटा स्टील हादसे में झुलसे मजदूर ने तोड़ा दम, 15 लाख मुआवजे पर बनी सहमति, परिजनों ने लिया शव

    पूर्वी सिंहभूम महिला आयाम के द्वारा महिलाओं के बीच एमआरपी नीति को लेकर जागरूकता अभियान

    ब्रह्मर्षि विकास मंच की गोविंदपुर इकाई का गठन, विरेन्द्र मौआर बने अध्यक्ष

    पार्वती घाट में नई सुविधाओं का शुभारंभ, पर्यावरण अनुकूल फरनेस और ‘देव आत्मा उद्यान’ शुरू

    पार्वती घाट में नई सुविधाओं का शुभारंभ, पर्यावरण अनुकूल फरनेस और ‘देव आत्मा उद्यान’ शुरू राष्ट्र संवाद संवाददाता जमशेदपुर: पार्वती घाट समिति ने 6 जून से नागरिकों के लिए कई नई सुविधाओं की शुरुआत की है। पर्यावरण संरक्षण और अंतिम संस्कार व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से घाट परिसर में आधुनिक लकड़ी आधारित फरनेस, ‘देव आत्मा उद्यान’ तथा ‘पवित्र निकेतन’ के नवीनीकरण कार्य का शुभारंभ किया गया। समिति द्वारा स्थापित नया फरनेस कम लकड़ी की खपत के साथ कम समय में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करता है तथा चिमनी व्यवस्था के कारण प्रदूषण भी कम करता है। इसके लिए श्री कृष्ण मुरारी गुप्ता ने 11 लाख रुपये का योगदान दिया है। नवजात और पांच वर्ष तक के बच्चों के अंतिम संस्कार हेतु विकसित ‘देव आत्मा उद्यान’ में छह सीमांकित क्षेत्र बनाए गए हैं। इस परियोजना में कई समाजसेवियों और दानदाताओं ने पांच-पांच लाख रुपये का सहयोग दिया है। इसके अलावा, शौचालय एवं स्नान क्षेत्र ‘पवित्र निकेतन’ के नवीनीकरण के लिए श्री निर्मल भाई पांड्या ने पांच लाख रुपये का योगदान दिया है। समिति ने कहा कि समाज के सहयोग से पार्वती घाट में अंतिम संस्कार संबंधी सुविधाओं को अधिक स्वच्छ, व्यवस्थित और मानवीय बनाया जा रहा है तथा सभी दानदाताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।

    करंट ने छीन ली कलम की आवाज: दैनिक भास्कर के पत्रकार मृत्युंजय सिंह का निधन, पत्रकार जगत में शोक

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.