पीएम आवास के निकट कांग्रेस का धरना, राहुल-प्रियंका समेत कई नेता हिरासत में; छात्रों के मुद्दे पर सरकार से इस्तीफे की मांग
कांग्रेस ने धरने से पहले अपने सांसदों को भी योजना की भनक नहीं लगने दी

नई दिल्ली: छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई और कथित पेपर लीक मामलों को लेकर कांग्रेस ने मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास के निकट जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाद्रा, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेता धरने में शामिल हुए। पुलिस ने धरना समाप्त नहीं होने पर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी सहित कई नेताओं को हिरासत में लेकर वहां से हटाया। कांग्रेस का आरोप है कि राहुल गांधी के साथ बल प्रयोग किया गया, जबकि पुलिस कार्रवाई के दौरान उन्होंने विरोध भी दर्ज कराया।
धरने के दौरान कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए छात्रों को न्याय देने, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने और संसद में इस मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग उठाई। वहीं, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार ने नीट समेत छात्रों से जुड़े मुद्दों पर संसद में चर्चा का आश्वासन दिया था, लेकिन बाद में कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी जोड़ दी। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज दबाई जा रही है, जबकि सरकार ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत चर्चा के लिए अपनी सहमति जताई।
कांग्रेस ने धरने से पहले अपने सांसदों को भी योजना की भनक नहीं लगने दी
नयी दिल्ली, 21 जुलाई (भाषा) कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आधिकारिक आवास के एक गेट के निकट धरना देकर न केवल सरकार और पुलिस, बल्कि पार्टी के कई सांसदों को भी चौंका दिया।
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने घटनाक्रम की जानकारी देते हुए कहा कि शीर्ष नेताओं के लिए इतने उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में प्रदर्शन करने के लिए गोपनीयता बनाए रखना जरूरी था, क्योंकि इसकी जानकारी पहले मिल जाती तो इलाके की घेराबंदी की जा सकती थी।
सांसदों से कहा गया था कि उन्हें पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के जन्मदिन पर बधाई देने के लिए 10, राजाजी मार्ग स्थित उनके आवास पर पहुंचना है। इसलिए कई सांसदों को आगे होने वाले घटनाक्रम की कोई जानकारी नहीं थी और वे खरगे के आवास पर पहुंच गए।
इसके बाद उनसे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाद्रा का अनुसरण करने को कहा गया, क्योंकि शीर्ष नेता अचानक खरगे के आवास से करीब 500 मीटर दूर 7, लोक कल्याण मार्ग के गेट की ओर बढ़ने लगे।
इस घटनाक्रम की जानकारी फैलते ही पार्टी के अन्य नेता भी मौके पर पहुंच गए। कुछ शीर्ष नेताओं को ही इस कदम की जानकारी थी और दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित होने के बाद वे खरगे के आवास पर पहुंच गए थे। हालांकि, ज्यादातर सांसदों को योजना के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।

