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    Home » खबर छापना अपराध नहीं, पत्रकार की कलम पर नहीं लगेगी रोक
    झारखंड

    खबर छापना अपराध नहीं, पत्रकार की कलम पर नहीं लगेगी रोक

    nizamBy nizamSeptember 10, 2026No Comments2 Mins Read
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    खबर छापना अपराध नहीं, पत्रकार की कलम पर नहीं लगेगी रोक

     

    झारखंड हाईकोर्ट की अहम टिप्पणी अधिकारी के बयान के आधार पर खबर प्रकाशित करना पत्रकार का कर्तव्य

     

    राष्ट्र संवाद संवाददाता

    रांची। पत्रकारिता की स्वतंत्रता और निष्पक्ष रिपोर्टिंग से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी अधिकारी या सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति के बयान के आधार पर खबर प्रकाशित करने मात्र से पत्रकार के खिलाफ आपराधिक मुकदमा नहीं चलाया जा सकता।

    अदालत ने कहा कि महज खबर प्रकाशित करने के आधार पर पत्रकार के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करना उचित नहीं है। पत्रकार का दायित्व है कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों और बयानों को रिपोर्ट के रूप में जनता तक पहुंचाए। हालांकि, रिपोर्टिंग में पत्रकार और मूल बयान देने वाले व्यक्ति की जिम्मेदारियों को अलग-अलग समझना होगा।

    हाईकोर्ट ने कहा कि किसी अधिकारी के बयान को उसी रूप में प्रकाशित करना पत्रकार की रिपोर्टिंग का हिस्सा हो सकता है। साथ ही पत्रकारिता में स्वतंत्र और निष्पक्ष रिपोर्टिंग लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए आवश्यक है।

    फैसले में यह भी रेखांकित किया गया कि मीडिया जनता और सरकार के बीच संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम है। अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के बयानों की निष्पक्ष रिपोर्टिंग से पारदर्शिता बढ़ती है। हालांकि पत्रकारों को तथ्यों की जांच और संबंधित पक्षों का पक्ष सामने रखने की जिम्मेदारी का भी निर्वहन करना चाहिए।

    अदालत की टिप्पणी को पत्रकारिता की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों की मजबूती की दिशा में महत्वपूर्ण संदेश माना जा रहा है।

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