जमशेदपुर में झारखंड का पहला ‘पर्पल फेयर’, दिव्यांगजनों की प्रतिभा को मिला नया मंच
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर। दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के सौजन्य से तथा सी.आर.सी. रांची व जिला प्रशासन, पूर्वी सिंहभूम के संयुक्त तत्वावधान में झारखंड का पहला जिला स्तरीय ‘पर्पल फेयर’ रविवार को बिरसा मुंडा टाउन हॉल, सिदगोड़ा में भव्य रूप से संपन्न हुआ। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों को हुनर प्रदर्शन, रोजगार व सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना था। कार्यक्रम का उद्घाटन जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू और राज्य नि:शक्तता आयुक्त अभयनंदन अंबष्ट ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया।

600 से अधिक लोगों की उपस्थिति में 50 दिव्यांग कलाकारों ने नृत्य, संगीत और कविता पाठ जैसी मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। दिव्यांगजनों द्वारा बनाए गए हस्तशिल्प की प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रही। कार्यक्रम स्थल को रैम्प, बाधा-मुक्त शौचालय व अन्य सुविधाओं से पूरी तरह सुलभ बनाया गया। सी.आर.सी. रांची के सहयोग से एडिप और वयोश्री योजना के तहत 28 दिव्यांगजनों व वृद्ध लाभार्थियों को व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल सहित कई सहायक उपकरण वितरित किए गए। वहीं सक्षम फाउंडेशन व ओएनजीसी की ओर से दृष्टिहीन दिव्यांगजनों को 38 स्मार्ट केन और 30 एआई स्मार्ट ग्लास प्रदान किए गए।

कार्यक्रम में स्पेशल ओलंपिक भारत, झारखंड ने विशेष खेल प्रदर्शन कर दिव्यांग बच्चों को खेलों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। साथ ही, 2023 में बर्लिन पारा ओलंपिक में पदक जीतने वाले चार दिव्यांग खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। विधायक पूर्णिमा साहू ने कहा, “पर्पल फेयर दिव्यांगजनों की प्रतिभा और आत्मबल का प्रतीक है। हमें गर्व है कि यह पहला आयोजन हमारे क्षेत्र में हुआ।” राज्य नि:शक्तता आयुक्त अभयनंदन अंबष्ट ने कहा कि ऐसे आयोजन आगे झारखंड के अन्य जिलों में भी किए जाएंगे। ‘पर्पल फेयर’ ने यह संदेश दिया कि समान अवसर, सुलभ वातावरण और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ दिव्यांगजन समाज के हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा सकते हैं।


