ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर दिल्ली से मुंबई तक प्रदर्शन, कई नेता हिरासत में
जंतर-मंतर पर एसआईआर के खिलाफ दूसरे दिन भी विरोध, योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण और आप नेताओं को पुलिस ने रोका; मुंबई में भी प्रदर्शन, कई राजनीतिक दलों का समर्थन
एजेंसी
नई दिल्ली/मुंबई। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया के विरोध में दिल्ली से मुंबई तक प्रदर्शन तेज हो गए हैं। दिल्ली के जंतर-मंतर पर लगातार दूसरे दिन विरोध प्रदर्शन हुआ, जबकि मुंबई में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने प्रदर्शन कर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप), कांग्रेस, वामपंथी संगठनों और अन्य समूहों से जुड़े प्रदर्शनकारियों ने अलग-अलग स्थानों पर विरोध जताया। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका। आप नेता सौरभ भारद्वाज, संजय सिंह और आतिशी सहित कई नेताओं व कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने की खबर है। यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच कुछ स्थानों पर धक्का-मुक्की भी हुई। प्रदर्शन के दौरान यातायात प्रभावित होने की सूचना भी सामने आई।
शनिवार को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में चुनाव विश्लेषक योगेंद्र यादव, छात्र कार्यकर्ता नेहा बोरा और वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण को भी हिरासत में लिया गया। वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और राजद के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने भी प्रदर्शन में भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग करते हुए नारेबाजी की। पुलिस की भारी तैनाती और बैरिकेडिंग के बीच कई प्रदर्शनकारियों को बसों में बैठाकर वहां से ले जाया गया। कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर धक्का-मुक्की के आरोप भी लगाए।
उधर, मुंबई के शिवाजी पार्क में सीजेपी के प्रदर्शन में संगठन के समर्थकों के साथ कला और फिल्म जगत से जुड़े कुछ लोग भी शामिल हुए। संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आंदोलन को अन्य शहरों तक ले जाने की बात कही। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की ओर से भी इस मुद्दे पर समर्थन जताया गया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी आंदोलन के समर्थन की बात कही और मुख्य चुनाव आयुक्त पर गंभीर आरोप लगाए।
एसआईआर की प्रक्रिया, मतदाता सूची में संशोधन और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर जारी विरोध अब राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े हैं, जबकि दिल्ली में पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी।

