यूसीएल में बढ़ी औद्योगिक अशांति, डीजीएम पर्सनल राकेश कुमार पर कर्मचारियों ने लगाए गंभीर आरोप
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा। यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसीएल) की जादूगोड़ा इकाई में औद्योगिक अशांति गहराने का दावा करते हुए यूनियन नेताओं और विस्थापित प्रतिनिधियों ने डीजीएम (पर्सनल) राकेश कुमार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पिछले डेढ़ महीने से यूनियन के साथ कोई वार्ता नहीं हुई, जिससे वेतन, पदोन्नति और अन्य लंबित मामलों का समाधान नहीं हो पा रहा है।
यूनियन का आरोप है कि विस्थापितों के पुनर्वास, मुआवजा और कॉलोनियों की सड़क, नाली, पेयजल एवं सफाई जैसी बुनियादी समस्याएं भी लंबे समय से लंबित हैं। साथ ही अस्पताल, संपदा और लेखा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कर्मचारियों ने मनमाने तबादलों और रोटेशन नीति की अनदेखी का आरोप लगाया है।
यूनियन नेताओं ने दावा किया कि मामले की शिकायत राष्ट्रीय स्तर तक की गई है और डीजीएम पर्सनल को हटाने की मांग तेज हो गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर प्रबंधन वार्ता शुरू कर समस्याओं के समाधान की दिशा में पहल नहीं करता, तो चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा।
हालांकि, इन आरोपों पर यूसीएल प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

