लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
निखार हत्याकांड की जांच अब कोलकाता तक पहुंच चुकी है और इसमें पुलिस विभाग के लोगों की संलिप्तता के संकेत मिल रहे हैं। विशेष जांच दल (एसआईटी) ने कोलकाता से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चांडिल थाने लाया है, जिससे इस हाईप्रोफाइल मामले में नए आयाम जुड़ गए हैं।
निखार हत्याकांड की जांच में नए खुलासे
जमशेदपुर। कारोबारी निखार सबलोक हत्याकांड की जांच में पुलिस कोलकाता तक पहुंच गई है। मामले में विशेष जांच दल ने अयान गुप्ता (37) और ट्विंकल दास उर्फ मीमी दास (30) को कोलकाता से गिरफ्तार कर चांडिल थाना लाया। पूछताछ के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, दोनों की गिरफ्तारी मामले की जांच के दौरान सामने आए तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर की गई है।
इस हत्याकांड में पहले ही अशोक कुमार सिंह उर्फ राघव, सुनील रजक, रितेश सिंह, सुशील केशरी, राज कुमार सिंह उर्फ प्रिंस, अंकित सिंह तथा अभिमन्यु सिंह उर्फ चिन्टू सिंह को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा चुका है।
विरोधियों की डिजिटल जानकारी राघव तक पहुंचने की जांच
जांच का एक अहम पहलू विरोधियों के कॉल डिटेल और मोबाइल टावर लोकेशन से जुड़ा है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ऐसी संवेदनशील जानकारी कथित तौर पर मुख्य आरोपी अशोक सिंह राघव तक कैसे पहुंचती थी। राघव के मोबाइल से मिले व्हाट्सऐप चैट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस कनेक्शन से बढ़ी जांच की गंभीरता
दो नई गिरफ्तारियों के बाद पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि आरोपियों तक पुलिस विभाग से जुड़ी कोई जानकारी कैसे पहुंची और क्या उन्हें किसी स्तर पर मदद मिली थी। आरोपियों को छिपाने अथवा वाहनों की व्यवस्था कराने जैसे आरोपों की भी डिजिटल साक्ष्यों, कॉल रिकॉर्ड और अन्य तथ्यों से पुष्टि की जा रही है।
अब जांच का मुख्य सवाल यही है कि निखार की हत्या के पीछे केवल अपराधियों का नेटवर्क था या इस नेटवर्क तक संवेदनशील सूचनाएं पहुंचाने वाली कोई अलग कड़ी भी सक्रिय थी। विशेष जांच दल इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटा है।
इस मामले में ट्रैफिक सर्जेंट और एक महिला सिविक वॉलंटियर की भूमिका की गहन जांच चल रही है। सूत्रों के अनुसार, इनकी कॉल डिटेल्स और लोकेशन डेटा को खंगाला जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वारदात के समय और उससे पहले इनकी गतिविधियां क्या थीं। कोलकाता पुलिस के सहयोग से की गई इस गिरफ्तारी को बड़ी सफलता माना जा रहा है।
जमशेदपुर के कारोबारी समुदाय में इस हत्याकांड को लेकर भारी आक्रोश है। व्यवसायियों ने प्रशासन से निष्पक्ष और त्वरित जांच की मांग की है। एसआईटी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि डिजिटल फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है, जो कई राज खोल सकती है। आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारियों से इनकार नहीं किया जा सकता।

