चांडिल अंचल में सरकारी भूमि की खुली लूट,सिस्टम की मिलीभगत से भूमाफियाओं के हौसले बुलंद
राष्ट्र संवाद संवाददाता
चांडिल अंचल कार्यालय की कथित मिलीभगत से आसनबनी पंचायत क्षेत्र में भूमाफिया, दबंग और आपराधिक प्रवृत्ति के लोग लाखों रुपये मूल्य की सरकारी भूमि पर धड़ल्ले से अतिक्रमण कर रहे हैं। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि ग्रामीणों के विरोध के बावजूद अवैध निर्माण कार्य बेखौफ जारी है।
फड़लोगौड़ा चौक स्थित काली मंदिर के समीप, बिजली सब-स्टेशन के बगल में अमृत पॉल नामक दबंग प्रवृत्ति का व्यक्ति सरकारी भूमि पर जबरन निर्माण कार्य कर रहा है। स्थानीय ग्रामीणों ने विरोध जताया, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
आसनबनी क्षेत्र के कर्मचारी देवाशीष महतो ने “समयाभाव” का हवाला देते हुए अतिक्रमण स्थल पर नहीं पहुँच पाने की बात कही, जिससे प्रशासन की गंभीरता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
गौरतलब है कि पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) से सटी आसनबनी पंचायत अब “हॉट लैंड” बन चुकी है। यहां सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, सफेदपोश नेता और आपराधिक तत्वों की कथित मिलीभगत से सरकारी, बंदोबस्ती और रैयती भूमि की खुलेआम लूट मची हुई है।
पिछले छह महीनों के भीतर आसनबनी, तामुलिया, रुगड़ी, डोबो और कपाली नगर परिषद क्षेत्र में सरकारी भूमि की अवैध खरीद-बिक्री आम बात हो गई है। सूत्रों के अनुसार, इस पूरे खेल में स्थानीय अंचल कार्यालय, राजनीतिक दलों के प्रभावशाली नेता और भूमाफियाओं की सिंडिकेट सक्रिय है, जो लाखों रुपये की भूमि हेराफेरी कर मालामाल हो रही है।
सूत्र यह भी बताते हैं कि अंचल कार्यालय से लेकर अनुमंडल न्यायालय तक कई एस.आर. केस लंबित हैं। गरीब और जरूरतमंद लोग न्याय के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, जबकि सरकारी भूमि की मनमानी कीमत पर खरीद-बिक्री बदस्तूर जारी है।
इस पूरे मामले पर अंचल अधिकारी प्रदीप महतो से दूरभाष पर संपर्क करने पर वही रटा-रटाया जवाब मिला—“देखते हैं”, जिससे निर्माण कार्य धड़ल्ले से जारी है, इससे प्रशासनिक उदासीनता साफ झलकती है।
क्या प्रशासन भूमाफियाओं पर लगाम लगाएगा ?
या यूँ ही सिस्टम की मिलीभगत में सरकारी भूमि की लूट जारी रहेगी?

