जादूगोड़ा में साइबर अपराधियों का नया ठिकाना इचड़ा गांव, प्रशासन की नजर
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा:जादूगोड़ा थाना क्षेत्र साइबर अपराधियों के लिए धीरे-धीरे सेफ जोन बनता जा रहा है। साइबर अपराध के लिए कुख्यात कोकन्दा गांव में पुलिस की सख्ती और कई युवाओं की गिरफ्तारी के बाद अब अपराधियों का नया ठिकाना उतरी इचड़ा पंचायत का इचड़ा गांव बताया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार गांव के कई युवा साइबर अपराध नेटवर्क से जुड़े हुए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि इचड़ा गांव के कुछ युवाओं के पास अचानक भारी संपत्ति और महंगे मकान सामने आए हैं, जबकि उनकी कोई बड़ी नौकरी या व्यापार नहीं है। महंगी गाड़ियां, मोबाइल फोन और होटलों में पार्टी करना भी संदेह को और गहरा कर रहा है। राहुल भगत को पहले ही साइबर अपराध के मामले में जेल भेजा जा चुका है, जबकि दर्जनों अन्य युवाओं को साइबर थाना से नोटिस जारी किए गए हैं।
ग्रामीणों के अनुसार सागर कर्मकार को बिहार पुलिस की ओर से नोटिस दिया गया है। वहीं जादूगोड़ा के हेमंत कालिंदी ने लिखित शिकायत में आरोप लगाया है कि सागर कर्मकार द्वारा ही उसका आधार कार्ड और रहन-सहन से जुड़ी जानकारी ली गई थी, जिसके कारण उसे साइबर थाना से नोटिस मिला। इसके अलावा नवरंग मार्केट के जिशु सिंह को भी गाजियाबाद साइबर थाना से नोटिस जारी किया गया है।
भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा जादूगोड़ा मंडल अध्यक्ष विक्रम सिंह ने साइबर अपराध से जुड़े युवाओं की संपत्ति की जांच की मांग की है। ग्रामीणों ने भी जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। बताया जा रहा है कि यूसिल कॉलोनी के कुछ युवा भी इस नेटवर्क में शामिल हैं, जिनसे पुलिस पूछताछ कर चुकी है। वहीं यूसिल के कई कर्मी पहले ही साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं, जिन्हें अब तक न्याय नहीं मिल पाया है।
पुलिस और जिला प्रशासन की पैनी नजर जादूगोड़ा क्षेत्र के संदिग्ध युवाओं पर बनी हुई है।

