सरायकेला में अब नहीं चलेगा अवैध कारोबार: SP मनोज स्वर्गयारी की चेतावनी
राष्ट्र संवाद संवाददाता
मृत्युंजय बर्मन
झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने और समाज से अपराध को जड़ से मिटाने के लिए पुलिस प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) मनोज स्वर्गयारी ने हाल ही में मीडिया से बातचीत करते हुए यह स्पष्ट कर दिया है कि जिले में किसी भी प्रकार का अवैध कारोबार अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह घोषणा जिले में अवैध गतिविधियों में लिप्त व्यक्तियों के लिए एक स्पष्ट और कड़ी चेतावनी है, जिससे एक नए और सख्त पुलिसिंग युग की शुरुआत होती दिख रही है।
पुलिस अधीक्षक ने अपनी दृढ़ता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि किसी भी थाना क्षेत्र में अवैध बालू खनन, जुआ, लॉटरी या ब्राउन शुगर जैसे अवैध कारोबार के संचालन की शिकायत सही पाई जाती है तो संबंधित थाना प्रभारी की जवाबदेही तय होगी। इसके गंभीर परिणाम होंगे, और ऐसे अधिकारियों के विरुद्ध बिना किसी शो कॉज नोटिस के तत्काल विभागीय कार्रवाई की जाएगी। यह कदम पुलिस विभाग में पारदर्शिता और दक्षता लाने के उद्देश्य से उठाया गया है, जहां प्रत्येक अधिकारी को अपने अधिकार क्षेत्र में होने वाली अवैध गतिविधियों के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
सरायकेला-खरसावां में ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति और जवाबदेही
एसपी मनोज स्वर्गयारी ने पुलिस की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए कहा कि पुलिस का कार्य केवल अपराध होने के बाद उस पर कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि अपराध को पनपने से पहले ही रोकना है। इस निवारक दृष्टिकोण को प्रभावी बनाने के लिए थाना स्तर पर जवाबदेही तय की जा रही है। उन्होंने यह भी दोहराया कि जिले में भ्रष्टाचार और अवैध कारोबार के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी। यह नीति यह सुनिश्चित करेगी कि किसी भी स्तर पर अवैध गतिविधियों को कोई रियायत न मिले, जिससे अपराधियों को कड़ा संदेश मिले।
इस ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का उद्देश्य न केवल बड़े पैमाने पर होने वाले अवैध कार्यों को रोकना है, बल्कि छोटे स्तर पर होने वाले जुआ, लॉटरी और नशीले पदार्थों के व्यापार पर भी अंकुश लगाना है, जो अक्सर समाज में अपराध का मूल कारण बनते हैं। एसपी ने बल दिया कि पुलिस प्रशासन अब और अधिक सक्रिय होकर जनता के साथ मिलकर काम करेगा ताकि एक सुरक्षित और अपराध-मुक्त वातावरण बनाया जा सके।
औद्योगिक क्षेत्र आदित्यपुर को विशेष निगरानी में रखने की बात कहते हुए एसपी ने बताया कि प्रत्येक मंगलवार को जियाडा स्थित शिविर कार्यालय में आम लोगों से सीधा संवाद स्थापित किया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य जनता की शिकायतों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करना है। हाल में सामने आए अवैध बालू खनन के मामलों में भी कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए जा चुके हैं। अवैध खनन से न केवल पर्यावरण को नुकसान होता है, बल्कि राज्य सरकार को राजस्व का भी भारी नुकसान होता है। इस संबंध में, भारत में अवैध खनन पर राष्ट्रीय स्तर पर भी कई पहल की गई हैं, जिनकी जानकारी आप यहां प्राप्त कर सकते हैं: दैनिक जागरण (झारखंड)।
पुलिस व्यवस्था में सुधार और सामुदायिक पुलिसिंग
एसपी ने शहरों में त्वरित पुलिस प्रतिक्रिया के लिए टाइगर मोबाइल व्यवस्था को और मजबूत बनाने की बात कही। इसके साथ ही, लंबे समय से एक ही थाने में पदस्थापित जवानों का स्थानांतरण कर नई तैनाती की जाएगी। इस कदम का उद्देश्य पुलिस व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाना है, जिससे किसी भी प्रकार के मिलीभगत या निष्क्रियता की संभावना को कम किया जा सके। नियमित स्थानांतरण से पुलिसकर्मी नए क्षेत्रों में काम करेंगे, जिससे उनकी कार्यकुशलता में वृद्धि होगी और स्थानीय स्तर पर अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने यह भी बताया कि सरायकेला-खरसावां अब नक्सल प्रभावित जिलों की सूची से बाहर है। इसे जिले की एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए उन्होंने कहा कि अब पुलिस की प्राथमिकता सामुदायिक पुलिसिंग, जनविश्वास और संगठित अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना होगी। सामुदायिक पुलिसिंग के तहत पुलिस जनता के साथ सीधे जुड़कर काम करेगी, उनकी समस्याओं को समझेगी और समाधान में मदद करेगी। इससे जनता और पुलिस के बीच विश्वास का संबंध मजबूत होगा, जो अपराध नियंत्रण के लिए अत्यंत आवश्यक है। संगठित अपराध, जिसमें अवैध बालू खनन, जुआ रैकेट और नशीले पदार्थों की तस्करी शामिल है, पर कड़ा नियंत्रण स्थापित करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी ताकि जिले में शांति और सुरक्षा बनी रहे।
पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गयारी का यह सख्त रुख सरायकेला-खरसावां जिले में एक नई शुरुआत का प्रतीक है। उनकी पहल से यह उम्मीद की जा रही है कि जिले में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगेगा और एक सुरक्षित, भयमुक्त समाज का निर्माण होगा। यह स्पष्ट है कि प्रशासन अब केवल नियमों का पालन करवाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सक्रिय रूप से समाज को बेहतर बनाने की दिशा में काम करेगा।

