Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » सरकार मदद करे तो प्रशांत जीत सकते हैं मिस्टर वर्ल्ड और मिस्टर एशिया का खिताब जो कमाते हैं, वह भोजन और वर्कआउट में ही हो जाता है खर्च
    Breaking News Headlines खेल चाईबासा जमशेदपुर जामताड़ा झारखंड धनबाद मेहमान का पन्ना रांची राष्ट्रीय संथाल परगना संथाल परगना सरायकेला-खरसावां हजारीबाग

    सरकार मदद करे तो प्रशांत जीत सकते हैं मिस्टर वर्ल्ड और मिस्टर एशिया का खिताब जो कमाते हैं, वह भोजन और वर्कआउट में ही हो जाता है खर्च

    जो कमाते हैं वह भोजन और वर्कआउट में ही हो जाता है खर्च
    News DeskBy News DeskJanuary 29, 2025No Comments3 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    सरकार मदद करे तो प्रशांत जीत सकते हैं मिस्टर वर्ल्ड और मिस्टर एशिया का खिताब जो कमाते हैं वह भोजन और वर्कआउट में ही हो जाता है खर्च

    आनंद सिंह

    प्रशांत कुमार सिंह को सरकारी खर्च चाहिए. उनका लक्ष्य है मिस्टर वर्ल्ड और मिस्टर एशिया का खिताब जीतना. वह मानते हैं कि अब जिम का खर्च बढ़ गया है. वह जितना कमाते हैं, सब उनकी डाइट और एक्सरसाइज में ही चला गया है. अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, देश का नाम रौशन करने के लिए वह एनजीओ की भी मदद चाहते हैं.

    *कौन हैं प्रशांत कुमार सिंह?*
    प्रशांत टेल्को, जमशेदपुर के निवासी हैं. वह बचपन से ही पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद में रुचि लेते रहे. 2 सितंबर 1993 को जन्मे प्रशांत शॉटर्पुट, डिस्कस थ्रो और रस्सीखींच में खासे रमे रहे. इन तीनों खेलों में उन्होंने अपना बेहतरीन दिया और यही वजह थी कि उन्हें लगातार कई वर्षों तक टाटा एथलेटिक मीट में प्रतिनिधित्व करते रहने का मौका भी मिला. 2021 से प्रतिनिधित्व का जो क्रम चला, वह आज तक बरकरार है.

     


    *बॉडी बिल्डिंग में कैसे आए?*
    अपने बड़े भाई, पंकज कुमार सिंह को वह बॉडी बिल्डिंग करते देखते थे. 2015 में उन्होंने भी अपने अग्रज के साथ बॉडी बिल्डिंग शुरु कर दी. उन्हें ही अपना उस्ताद मान लिया. पिता प्रभुनाथ सिंह पहलवानी में थे. घर में कुश्ती, बॉडी बिल्डिंग का माहौल रहा. टेल्को के जिम में ही प्रैक्टिस करते थे. पंकज सिंह मर्चेंट नेवी में अभी भी कार्यरत हैं और चीफ ऑफिसर के पद पर हैं. शुरुआती दिनों में उन्होंने ही कोचिंग दी. प्रशांत फिलहाल टाटा मोटर्स में कार्यरत हैं और टाउन वार्डन की भूमिका निभा रहे हैं.

    *10 साल में क्या हासिल किया?*
    प्रशांत ने बॉडी बिल्डिंग में भरपूर नाम कमाया. वह 2015 में ओवरऑल मिस्टर झारखंड बने. इसके बाद 2016 में ओवरऑल मिस्टर झारखंड बने. 2017 में जूनियर मिस्टर इंडिया बने. 2017 में ओवरऑल मिस्टर झारखंड बने. 2018 में ओवरऑल मिस्टर झारखंड के खिताब पर कब्जा जमाया. 2021 में फिर से ओवरऑल मिस्टर झारखंड चुने गये. 2022 में ओवरऑल मिस्टर झारखंड रहे और 2023 में सतीश शुगर क्लासिक में सिल्वर मेडल प्राप्त किया. 2023 में डॉक्टर फ्लैक्स क्लासिक बॉडी बिल्डिंग में गोल्ड मेडल (100 किग्रा से ऊपर के वजन में) प्राप्त किया. 2024 में एक बार फिर से उन्होंने ओवरऑल मिस्टर झारखंड का खिताब जीता. 2024 में वह आयरन मैन ऑफ झारखंड बने. 2024 में ही सीनियर मिस्टर इंडिया में पांचवां स्थान हासिल किया. 2024 में ईस्ट इंडिया ओवरऑल चैंपियन बने और 2024 में फिटएक्सपो में तृतीय स्थान (ब्राउंज मेडल) प्राप्त किया. आखिरी में, इस साल संपन्न सीनियर मिस्टर इंडिया का रनर अप रहे. इस तरह से देखें तो हर साल उन्होंने कुछ न कुछ हासिल ही किया और ओवरऑल मिस्टर झारखंड पर तो जैसे उनका ही कब्जा रहा.

     

    *खुराक क्या लेते हैं प्रशांत?*
    प्रशांत सुबह के नाश्ते में 12 अंडे और फल लेते हैं. दोपहर के भोजन में 300 ग्राम चिकन और राइस लेते हैं. रात के खाने में 300 ग्राम फिश और राइस का सेवन करते हैं. प्रोटीन सप्लीमेंट दो बार लेते हैं. दोनों बार जब वर्कआउट कर लेते हैं.

    जो कमाते हैं वह भोजन और वर्कआउट में ही हो जाता है खर्च
    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleजमशेदपुर पूर्वी विधानसभा के विभिन्न जनसमस्याओं पर विधायक पूर्णिमा साहू ने टाटा स्टील के वीपीसीएस चाणक्य चौधरी के संग की बैठक
    Next Article त्वरित टिप्पणी:महाकुंभ भगदड़ में मौतों का जिम्मेदार कौन?

    Related Posts

    यूसील कॉलोनी में जर्जर क्वार्टर बने ‘मौत का घर’, मरम्मत की मांग तेज

    April 12, 2026

    तुरामडीह माइंस के गोद में अवस्थित होने के बावजूद डीएमएफटी फंड से विद्यालय का निर्माण नहीं, दर्जन भर विद्यालय जर्जर

    April 12, 2026

    जयप्रकाश उद्यान के पास चेकडैम निर्माण के लिए मेयर से मिला नासस का प्रतिनिधिमंडल

    April 12, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    यूसील कॉलोनी में जर्जर क्वार्टर बने ‘मौत का घर’, मरम्मत की मांग तेज

    तुरामडीह माइंस के गोद में अवस्थित होने के बावजूद डीएमएफटी फंड से विद्यालय का निर्माण नहीं, दर्जन भर विद्यालय जर्जर

    जयप्रकाश उद्यान के पास चेकडैम निर्माण के लिए मेयर से मिला नासस का प्रतिनिधिमंडल

    आनंदमार्ग प्रचारक संघ की ओर से डायोसिस स्तरीय सेमिनार का आयोजन

    गुप्त सूचना पर कार्रवाई, अवैध बालू लदा हाईवा जब्त; चालक हिरासत में

    मानभूम चैतपर्व छऊ महोत्सव में गूंजा वीर रस, कलाकारों ने बिखेरा रंग

    आसनबनी पंचायत की एएनएम सुप्रिया दत्त को भावभीनी विदाई

    भुगतान विवाद में उग्र हुए रैयतदार, जेसीबी से तोड़ी प्लॉटिंग, बिल्डर पर वादाखिलाफी का आरोप

    तकनीकी जांच से खुला अपहरण का राज, उत्तर प्रदेश से सकुशल बरामद हुई नाबालिग

    SIT की सटीक कार्रवाई: पुल निर्माण कंपनी से लेवी मांगने वाला गिरोह ध्वस्त, 7 शातिर अपराधी हथियारों संग गिरफ्तार

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.