Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » मैं राजनीतिक पार्टी का नेता हूं, आतंकवादी नहीं: यासीन मलिक
    Breaking News Headlines राष्ट्रीय

    मैं राजनीतिक पार्टी का नेता हूं, आतंकवादी नहीं: यासीन मलिक

    Devanand SinghBy Devanand SinghApril 4, 2025No Comments3 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    मैं राजनीतिक पार्टी का नेता हूं, आतंकवादी नहीं: यासीन मलिक

     

    जेल में बंद ‘जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट’ (जेकेएलएफ) के प्रमुख यासीन मलिक ने शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय में कहा कि वह एक ‘‘राजनीतिक पार्टी का नेता’’ है, आतंकवादी नहीं’’ और उसने दावा किया कि अतीत में सात प्रधानमंत्रियों ने उससे संवाद किया था।

    न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ के समक्ष ‘वीडियो कॉन्फ्रेंस’ के जरिए पेश हुए मलिक ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की इस दलील का जिक्र किया कि आतंकवादी हाफिज सईद के साथ उसकी तस्वीरें हैं और इसे सभी राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय समाचार पत्रों और टेलीविजन चैनल ने कवर किया था।

    मलिक ने कहा, ‘‘इस बयान ने मेरे खिलाफ लोगों की एक विशेष राय बना दी है। केंद्र सरकार ने मेरे संगठन को यूएपीए (गैर-कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) के तहत आतंकवादी संगठन के रूप में सूचीबद्ध नहीं किया है। यह गौर करने वाली बात है कि 1994 में (यासीन द्वारा) एकतरफा संघर्ष विराम (की घोषणा) के बाद मुझे न केवल 32 मामलों में जमानत दी गई बल्कि किसी भी मामले को आगे नहीं बढ़ाया गया।’’

    उसने कहा, ‘‘(पूर्व) प्रधानमंत्रियों पी वी नरसिम्हा राव, एच डी देवेगौड़ा, इंद्र कुमार गुजराल, अटल बिहारी वाजपेयी, डॉ मनमोहन सिंह और यहां तक ​​कि (मौजूदा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पांच वर्ष के पहले कार्यकाल के दौरान भी सभी ने संघर्ष विराम के पत्र का पालन किया। अब मौजूदा सरकार ने अचानक अपने दूसरे कार्यकाल में मेरे खिलाफ 35 साल पुराने आतंकवादी मामलों की सुनवाई शुरू कर दी है। यह संघर्ष विराम समझौते के खिलाफ है।’’

    मेहता ने तर्क दिया कि मौजूदा मामले में संघर्ष विराम का कोई महत्व नहीं है।

    पीठ ने कहा कि वह मामले के गुण-दोष पर निर्णय नहीं कर रही और केवल यह तय कर रही है कि उसे गवाहों से डिजिटल माध्यम से जिरह करने की अनुमति दी जानी चाहिए या नहीं।

    मलिक ने कहा कि वह सीबीआई की इस दलील का जवाब दे रहा था कि उसे जम्मू अदालत में भौतिक रूप से पेश नहीं किया जा सकता क्योंकि वह एक ‘‘खतरनाक आतंकवादी’’ है।

    उसने कहा, ‘‘सीबीआई की आपत्ति यह है कि मैं सुरक्षा के लिए खतरा हूं। मैं इसका जवाब दे रहा हूं। मैं आतंकवादी नहीं हूं और केवल एक राजनीतिक पार्टी का नेता हूं। मुझसे सात प्रधानमंत्रियों ने बात की है। मेरे और मेरे संगठन के खिलाफ किसी भी आतंकवादी को समर्थन देने या उन्हें किसी भी तरह की पनाह देने को लेकर एक भी प्राथमिकी दर्ज नहीं है। मेरे खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हैं लेकिन वे सभी मेरे अहिंसक राजनीतिक विरोध से संबंधित हैं।’’

    शीर्ष अदालत ने जम्मू में उसके खिलाफ जारी कुछ मामलों में उसे भौतिक रूप से पेश होने की अनुमति नहीं दी और उससे तिहाड़ जेल से गवाहों से डिजिटल माध्यम से जिरह करने को कहा।

    मलिक और अन्य सह-आरोपियों के खिलाफ दो मुकदमे जम्मू-कश्मीर से दिल्ली स्थानांतरित करने के अनुरोध संबंधी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की याचिका पर यह फैसला सुनाया गया। इनमें से एक मामला आठ दिसंबर 1989 को तत्कालीन केंद्रीय गृह मंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रुबैया सईद के अपहरण से जुड़ा हुआ है और दूसरा मामला 25 जनवरी 1990 को श्रीनगर में गोलीबारी में चार भारतीय वायुसेना कर्मियों की हत्या से संबंधित है।

    सीबीआई ने जम्मू की एक निचली अदालत के 20 सितंबर, 2022 के आदेश को भी चुनौती दी है जिसमें आजीवन कारावास की सजा काट रहे मलिक को अपहरण मामले में अभियोजन पक्ष के गवाहों से जिरह करने के लिए भौतिक रूप से अदालत के समक्ष पेश करने का निर्देश दिया गया था।

    आतंकवादी नहीं: यासीन मलिक मैं राजनीतिक पार्टी का नेता हूं
    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleएआई में 1.4 अरब डॉलर के निजी निवेश के साथ भारत 10वें स्थान पर: संयुक्त राष्ट्र रिपोर्ट
    Next Article हैदराबाद विश्वविद्यालय के छात्रों ने भूमि मुद्दे पर प्रदर्शन व कक्षाओं का बहिष्कार समाप्त किया

    Related Posts

    खरसावां में बंद अभिजीत प्लांट से लोहा चोरी का भंडाफोड़, गैस कटर गिरोह के 6 आरोपी गिरफ्तार

    June 18, 2026

    रांची में नामकुम स्टेशन के पास आरपीएफ जवान का शव बरामद, सिर धड़ से अलग; जांच में जुटी पुलिस

    June 18, 2026

    भालूबासा में चला अतिक्रमण हटाओ अभियान, कोर्ट के आदेश पर 6 दुकानें ध्वस्त

    June 18, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    खरसावां में बंद अभिजीत प्लांट से लोहा चोरी का भंडाफोड़, गैस कटर गिरोह के 6 आरोपी गिरफ्तार

    रांची में नामकुम स्टेशन के पास आरपीएफ जवान का शव बरामद, सिर धड़ से अलग; जांच में जुटी पुलिस

    भालूबासा में चला अतिक्रमण हटाओ अभियान, कोर्ट के आदेश पर 6 दुकानें ध्वस्त

    सरायकेला के बनडीह में हाथी का आतंक, सोते परिवार का घर तोड़ा, अनाज किया चट

    जहानाबाद, शहीद वायु सेना अधिकारी शुभम कुमार के मुआवजे को लेकर विवाद, परिजनों ने उठाए गंभीर सवाल।

    रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी, फर्जी डीआरएम कर्मचारी बनकर घूम रहा आरोपी गिरफ्तार

    राज्यसभा चुनाव: चंपाई सोरेन और पूर्णिमा दास साहू का दावा, परिमल नाथवानी की जीत तय

    धनबाद के निरसा में चलती स्कॉर्पियो बनी आग का गोला, सतर्कता से टला बड़ा

    भोजपुर एनकाउंटर के बाद बवाल, NH-922 जाम; शाहपुर थानाध्यक्ष समेत 5 पुलिसकर्मी निलंबित

    मानसून आपदा से निपटने की तैयारी, डिमना लेक में एनडीआरएफ का 5 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.