हुलास “स्थापना-दिवस” सह भव्य कवि-सम्मेलन का आयोजन
राष्ट्र संवाद संवाददाता
साहित्य की सुगंध से शहर को सुवासित करने वाली चिरपरिचित साहित्यिक संस्था ‘हुलास’ द्वारा कल रविवार की संध्या भोजपुरी भवन, गोलमुरी में हुलास “स्थापना-दिवस” सह कवि-सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। यह आयोजन दो सत्रों में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ संबोधन के साथ हुआ, जिसके पश्चात “हुलास गौरव सम्मान” सहित विभिन्न सम्मान प्रदान किए गए।
मुख्य अतिथि के रूप में मंच पर डाॅ. अशोक अविचल उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में अरविंद विद्रोही जी ने गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।

इस अवसर पर सम्मानित अतिथि के रूप में आदरणीय माधव पाण्डेय ‘निर्मल’ (हुलास गौरव सम्मान) एवं आदरणीय विमल किशोर ‘विमल’ (साहित्य स्नेही सम्मान) को सम्मानित किया गया। विमल किशोर जी को सम्मान स्वरूप नकद राशि भी प्रदान की गई।
इसके साथ ही ‘हुलास’ के सदस्य अजय मुस्कान एवं उनकी धर्मपत्नी प्रीति मिश्रा को उनकी “सम्पूर्ण भारत यात्रा” (स्वयं के वाहन द्वारा) तथा साहित्य के प्रति समर्पण एवं निष्ठा हेतु सम्मानित किया गया। सभी सम्मानित अतिथियों को शॉल, मोमेंटो एवं पुष्पगुच्छ प्रदान कर सम्मानित किया गया।
प्रतिभा प्रसाद ‘कुम्कुम’ को उनकी कृति “छंद मल” हेतु “साहित्य साधना सम्मान” से अलंकृत किया गया।
स्वागत भाषण विजय बेरुका द्वारा प्रस्तुत किया गया। संस्था का परिचय पूर्व अध्यक्ष धनपत चावला ने दिया। सम्मान की घोषणा एवं सम्मानित व्यक्तियों का परिचय क्रमवार डाॅ. संध्या द्वारा प्रस्तुत किया गया।
प्रथम सत्र का संचालन डाॅ. लता जी ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन नवीन अग्रवाल द्वारा किया गया। दोनों सत्रों के मध्य जलपान की व्यवस्था रही।
द्वितीय सत्र में भव्य काव्य गोष्ठी एवं कवि-सम्मेलन का आयोजन हुआ, जिसमें शहर एवं क्षेत्र के प्रतिष्ठित कवियों एवं कवयित्रियों ने अपनी रचनाओं का पाठ किया।
इस अवसर पर माधव पाण्डेय ‘निर्मल’, विमल किशोर ‘विमल’, अनामिका मिश्रा (सरायकेला), विद्रोही विद्रोही, आरती श्रीवास्तव ‘विपुला’, निवेदिता श्रीवास्तव, अजय प्रजापति, नीलाम्बर चौधरी, डाॅ. उदय हयात, सुष्मिता जी, नूतन झा, प्रतिभा प्रसाद ‘कुम्कुम’, मनीष बंदन सहित ‘हुलास परिवार’ के हरिकिशन चावला, श्यामल सुमन, लता मानकर, शोभा किरण, संध्या सिंहा, विजय नारायण सिंह ‘बेरुका’, नवीन अग्रवाल, जय प्रकाश पाण्डेय, अजय मुस्कान आदि अनेक कवि-कवयित्रियों ने काव्य-पाठ कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।
मंच संचालन की भूमिका नवीन अग्रवाल जी ने निभाई। अध्यक्षीय संबोधन श्यामल सुमन द्वारा दिया गया तथा धन्यवाद प्रस्ताव दीपक वर्मा द्वारा प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित साहित्य-प्रेमी एवं सुधीजन श्रोताओं की गरिमामयी उपस्थिति ने पूरे आयोजन को अत्यंत भव्य एवं सफल बनाया।

