Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » हाथियों के बढ़ते उपद्रव पर प्रभावी कार्रवाई करे वन विभाग : डॉ. दिनेशानंद गोस्वामी
    Breaking News Headlines खबरें राज्य से जमशेदपुर झारखंड राजनीति

    हाथियों के बढ़ते उपद्रव पर प्रभावी कार्रवाई करे वन विभाग : डॉ. दिनेशानंद गोस्वामी

    Devanand SinghBy Devanand SinghJuly 31, 2026No Comments3 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    हाथियों के बढ़ते उपद्रव
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता

    जमशेदपुर में हाथियों के बढ़ते उपद्रव ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेशानंद गोस्वामी ने इस गंभीर मुद्दे पर वन विभाग से त्वरित कार्रवाई की मांग की है।

    हाथियों के बढ़ते उपद्रव पर डॉ. गोस्वामी की मांग

    भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेशानंद गोस्वामी ने वन प्रमंडल पदाधिकारी सबा आलम अंसारी से मुलाकात कर जिले के हाथी प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा के लिए त्वरित और प्रभावी कदम उठाने की मांग की।

    उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों में चाकुलिया-बहरागोड़ा क्षेत्र में हाथियों के हमलों में 47 लोगों की मौत और 41 लोग घायल हुए हैं, जबकि वर्ष 2026 में अब तक पांच लोगों की जान जा चुकी है।

    डॉ. गोस्वामी ने हाथियों के झुंड को सुरक्षित रूप से दलमा के जंगलों की ओर भेजने, हाथी प्रभावित गांवों में सोलर स्ट्रीट लाइट, टॉर्च, मशाल, पटाखे व अन्य सुरक्षा सामग्री उपलब्ध कराने तथा जंगल से सटे गांवों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की।

    उन्होंने चाकुलिया के कालियाम गांव निवासी हाथी हमले के मृतक अनिल महतो के परिजनों को 15 दिनों के भीतर 10 लाख रुपये मुआवजा देने की भी मांग की।

    उन्होंने कहा कि मानव जीवन की सुरक्षा के साथ-साथ हाथियों का संरक्षण भी जरूरी है और इसके लिए वन विभाग को ग्रामीणों के साथ समन्वय स्थापित कर दीर्घकालिक एवं वैज्ञानिक कार्ययोजना बनानी चाहिए।

    इस दौरान भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा भी उपस्थित थे।

    हाथियों के बढ़ते उपद्रव का दीर्घकालिक समाधान

    झारखंड के दलमा वन्यजीव अभयारण्य से सटे इलाकों में हाथी-मानव संघर्ष लंबे समय से चिंता का विषय रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, जंगलों के खंडित होने और भोजन की तलाश में हाथी आबादी वाले क्षेत्रों में प्रवेश करते हैं।

    वन विभाग की ओर से पूर्व में हाथी गलियारे विकसित करने की योजना बनी थी, लेकिन क्रियान्वयन में देरी के कारण समस्या बढ़ी है। ग्रामीणों को सौर ऊर्जा चलित बाड़ और प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली मुहैया कराने से जनहानि रोकी जा सकती है।

    मुआवजा वितरण में पारदर्शिता और त्वरित भुगतान भी विश्वास बहाली के लिए आवश्यक है। झारखंड सरकार ने हाल ही में मुआवजा राशि बढ़ाकर 10 लाख रुपये की है, जिसका लाभ पीड़ित परिवारों को समय पर मिलना चाहिए।

    सामुदायिक भागीदारी से हाथी निगरानी दल गठित करने और दलमा के जंगलों में जल स्रोत विकसित करने से हाथियों को जंगल में ही रोका जा सकता है।

    इस प्रकार हाथियों के बढ़ते उपद्रव पर अंकुश लगाने के लिए वन विभाग, प्रशासन और ग्रामीणों के साझा प्रयासों की जरूरत है।

    झारखंड में हाथी जनसंख्या अनुमानित 700 से अधिक है, जिनमें से बड़ा हिस्सा दलमा, पलामू और सिंहभूम के जंगलों में विचरण करता है। मानसून के दौरान हाथी फसलों की ओर आकर्षित होते हैं, जिससे संघर्ष की घटनाएं बढ़ जाती हैं।

    वन विभाग द्वारा हाथी भगाओ दस्ते तैनात किए गए हैं, लेकिन संसाधनों की कमी और दुर्गम इलाकों के कारण उनकी प्रभावशीलता सीमित रहती है। ड्रोन निगरानी और रेडियो कॉलरिंग जैसी आधुनिक तकनीक अपनाने की जरूरत है।

    केंद्र सरकार की प्रोजेक्ट एलिफेंट योजना के तहत झारखंड को वार्षिक अनुदान मिलता है, जिसका उपयोग हाथी गलियारों के विकास, जलाशय निर्माण और ग्रामीणों को सुरक्षा उपकरण बांटने में किया जाना चाहिए।

    ग्रामीण स्तर पर हाथी मित्र दल बनाने और उन्हें प्रशिक्षण देने से प्रारंभिक चेतावनी मिल सकती है। ओडिशा और छत्तीसगढ़ में ऐसे प्रयोग सफल रहे हैं, जिन्हें झारखंड में भी दोहराया जा सकता है।

    अंततः हाथियों के बढ़ते उपद्रव का स्थायी समाधान वनों के पुनर्जनन, गलियारों की सुरक्षा और मानव बस्तियों के नियोजित विस्तार में निहित है, ताकि मानव और वन्यजीव दोनों सुरक्षित रहें।

    डॉ दिनेशानंद गोस्वामी दलमा वन्यजीव अभयारण्य वन विभाग हाथी उपद्रव
    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleबिना कारण डेढ़ दर्जन से अधिक निविदाएं रद्द करना पीडब्ल्यूडी कोड का उल्लंघन : सरयू राय
    Next Article तुलसी भवन में महिला साहित्यकारों का भव्य सावन मिलन समारोह आयोजित

    Related Posts

    हरिणा मुक्तेश्वर धाम में श्रावण सोमवारी की तैयारी का विधायक संजीव सरदार ने लिया जायजा

    July 31, 2026

    सोना देवी विश्वविद्यालय का इंडक्शन सह ओरिएंटेशन कार्यक्रम 13 अगस्त को, ICC HCL के ईडी उमेश सिंह को दिया गया आमंत्रण

    July 31, 2026

    विहिप ने साधु-संतों के अपमान पर जताया कड़ा विरोध, कार्रवाई की मांग

    July 31, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    हरिणा मुक्तेश्वर धाम में श्रावण सोमवारी की तैयारी का विधायक संजीव सरदार ने लिया जायजा

    सोना देवी विश्वविद्यालय का इंडक्शन सह ओरिएंटेशन कार्यक्रम 13 अगस्त को, ICC HCL के ईडी उमेश सिंह को दिया गया आमंत्रण

    विहिप ने साधु-संतों के अपमान पर जताया कड़ा विरोध, कार्रवाई की मांग

    साधु-संतों के अपमान पर विहिप ने जताया विरोध, संसद में भगवा वस्त्र पहनने पर कार्रवाई की मांग

    जुबली पार्क के बाहर महिला से सोने की चेन झपटी, बाइक सवार बदमाश फरार

    जमशेदपुर: जुबली पार्क के बाहर महिला से सोने की चेन झपटकर बाइक सवार बदमाश फरार, पुलिस जांच में जुटी

    भगवा वस्त्र विवाद: विहिप ने पप्पू यादव और राहुल गांधी पर साधु-संतों के अपमान का लगाया आरोप, मांगी माफी

    विहिप ने साधु-संतों के अपमान पर जताया विरोध, कार्रवाई की मांग

    जुबली पार्क के बाहर महिला से सोने की चेन झपटी, बाइक सवार बदमाश फरार

    हाथी प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा के लिए डॉ. दिनेशानंद गोस्वामी ने की प्रभावी कार्रवाई की मांग

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.