एनआईसी की गड़बड़ी के कारण हजारों कार्डधारियों को मिल रहा दो माह के बदले एक माह का राशन
विधायक संजीव सरदार ने भी एन आई सी को लिखा पत्र
राष्ट्र संवाद संवाददात
एन आई सी रांची के गड़बड़ी के कारण पोटका के हजारों कार्डधारी को नहीं मिल रहा दो माह का राशन। दुकानदार आवंटन में गड़बड़ी के कारण मजबूर है। हकीकत यह है कि दुकानदारों को हर माह पिछले माह के वितरण के अनुरूप अवशेष बचे राशन को क्लोजिंग बैलेंस मान कर बाकी का राशन दुकानदार को आगामी माह का वितरण हेतु निर्देश विभाग द्वारा एन आई सी को दिया गया है। परंतु एन आई सी अब अपने मनमना और निजी स्वार्थ की पूर्ति के लिए क्लोजिंग बैलेंस के नाम पर बिना कोई पिछले माह का लेखा जोखा किए मनमाना आवंटन दे देता है। आवंटन सही हुआ तो हुआ नहीं हुआ तो डीलर भुगते। विभाग के अधिकारियों से बात करने पर जवाब मिलता है हम कुछ सुनना नहीं चाहते। अगर लाभुक को राशन नहीं मिला तो विभागीय कार्रवाई और FIR के लिए तैयार रहे। एन आई सी की इसी मन मना रवैया का उदहारण पोटका के कुछ दुकानदार है। जुलाई – अगस्त 25 माह के आवंटन के साथ भी इसी तरह का मामला हुआ है। आशा वटी खंडित को माँ तरणि महिला समिति के साथ टैग है। पवन सादर जिसमें मनमोहन मंडल का टैग है। (3)-भृगु कालिंदी के दुकान में उत्पल बॉस, -राधा बल्लभ महिला मंडल जिसमें टैग ज्योति महिला मंडल, -संजय सरदार जिसमें टैग है लक्खी तुलाई महिला समिति, सिद्धू कानू महिला मंडल जिसमें टैग है ए आईं डी महिला कोश, लखन चंद्र सोरेन जिसमें आदिवासी महिला मंडल, विमल बरन मंडल जिसमें चुका मरडी का टैग है। इन सभी दुकानदारों के साथ कुल मिलकर हजारों कार्डधारी है।
इन दुकानदारों का इतना कसूर है कि सिर्फ इनके दुकान में जो टैग लाभुक है उसको अपने ई पोश मशीन से वितरण किया है। जिसके कारण दो दुकान का वितरण 100% से ज़्यादा दिख रहा है। एन आई सी का कहना है कि 100% से ज़्यादा आप कैसे वितरण कर सकते है।
जबकि ऐसा होता नहीं है। जब उनको यह बोला जा रहा है कि सस्पेंड दुकान का लाभुक को भी हमने अपने मशीन से वितरण किया है तो मानने को तैयार नहीं है। और 100% से जो अधिक वितरण हुआ है उसको काट कर आवंटन दिया गया है। यहां सवाल ये है कि यदि आप मूल दुकान में आवंटन पूरा नहीं दे रहे हैं तो सस्पेंड दुकान में बाकी आवंटन दीजिए। अखिर ये राशन तो उन्हीं के दुकान के लाभुकों के बीच ही बांटा है। लेकिन ऐसा नहीं करते। सस्पेंड दुकान का आवंटन नील है और मूल दुकान का वितरन आधा से भी अधिक
अखिर बचे हुए वितरित खाद्यान्न का राशन के आवंटन का क्या होगा और किस नियम के अनुसार इसको आप अपने पास रखेंगे? और यदि आप अपने पास रखेंगे तो लाभुकों का क्या होगा? और ये राशन क्या सरकार के पास वापस जाएगा? प्रतीत होता है कि एन आई सी सरकार के आवंटन पॉलिसी के आड़ में खुद इन खाद्यान्न का कालाबाजारी का नया खेल राशन डीलरों के साथ खेल रहा है।इसकी जांच गंभीरता से होनी चाहिए और पीड़ित राशन दुकानदारों को पूरा पूरा आवंटन मिलना चाहिए। ताकि लाभुकों को हर माह पूरा पूरा राशन मिल सके! एन आई सी के इस मनमाना रवैया के कारण कार्डधारियों को पर्याप्त लाभ नहीं मिल रहा। विधायक संजीव सरदार ने भी विशेष कार्य पदाधिकारी एन आई सी रांची को पत्र लिखकर जुलाई अगस्त के आवंटन में सुधार कर खाद्यान्न दिया जाए। जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने भी रांची दो दो बार पत्र लिखकर आवंटन सुधार के लिए ध्यान आकृष्ट किया है।
दुकानदारों को सात माह से नहीं मिला कमीशन:::अनवर अली
पीडीएस डीलर को दिसंबर 2024 से जून माह तक का कमीशन नहीं मिला है। जिस कारण वे भुखमरी के कगार पर है। पीडीएस डीलर दुकानदार संघ पोटका अनवर अली ने कहा है कि सरकार जल्द से जल्द कमीशन का भुगतान करें अन्यथा संघ या तो न्यायालय का शरण लेगा या आंदोलन करेगा।

