राजग नीट पर संसद में चर्चा के लिए तैयार, कांग्रेस बहस से भाग रही है: भाजपा
सरकार से बातचीत के लिए आगे आए सीजेपी’, केंद्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह की ‘विनम्र अपील’
नयी दिल्ली, 23 जुलाई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने नीट प्रश्नपत्र लीक विवाद को लेकर बृहस्पतिवार को कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार इस मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन कांग्रेस और पूरा विपक्ष बहस से बच रहा है।
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से बातचीत में दावा किया कि राहुल गांधी और विपक्ष छात्रों एवं युवाओं से जुड़े मुद्दों पर संसद में चर्चा से बच रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष जानता है कि बहस होने पर उसका ‘‘दोहरा रवैया’’ उजागर हो जाएगा।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘राजग सरकार छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़े हर मुद्दे पर, हर स्तर पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। लेकिन राहुल गांधी, कांग्रेस और पूरा विपक्ष चर्चा से बच रहा है, क्योंकि उन्हें पता है कि सदन में बहस होने पर उनका दोहरा चरित्र सामने आ जाएगा।’’
नवीन की यह प्रतिक्रिया लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के उस आरोप के बाद आई, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाने और देश की शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद होने देने का आरोप लगाया था।
नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर संसद परिसर में बृहस्पतिवार को सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों ने आमने-सामने प्रदर्शन किया। दोनों पक्ष संसद के मकर द्वार के बाहर एकत्र हुए और एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी की, जिससे संसद के दोनों सदनों में आज भी गतिरोध बने रहने के संकेत मिले।
नवीन ने विपक्ष को खुली चुनौती देते हुए कहा कि भाजपा और राजग सरकार नीट सहित छात्रों और युवाओं से जुड़े हर मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम खुली चुनौती देते हैं कि वे संसद में आएं। छात्रों, युवाओं, नीट या किसी भी अन्य मुद्दे पर हम चर्चा के लिए तैयार हैं। राहुल गांधी हमेशा बहस से भागते रहे हैं।’’
उन्होंने कहा कि भाजपा के सभी सांसद और राजग सरकार हर सवाल का जवाब देने और हर मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्हें विश्वास है कि राहुल गांधी और उनका दल चर्चा के लिए आगे नहीं आएगा।
नवीन ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस का पिछले 50-60 वर्षों का इतिहास युवाओं को ‘‘गुमराह करने और भड़काने’’ का रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने युवाओं को हमेशा गुमराह करने और भड़काने का काम किया है। वे युवाओं को केवल पत्थर फेंकने वाले के रूप में देखते हैं।’’
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और परीक्षा में अनियमितताओं के मामलों में कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि देश के युवा प्रधानमंत्री के साथ हैं और विकसित भारत के उनके दृष्टिकोण का पूरा समर्थन करता है।’’
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार ने नीट पेपर लीक मामले में आरोपियों के खिलाफ पहले ही कार्रवाई शुरू कर दी है और वह छात्रों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार संसद में इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष अपनी “अवरोधक राजनीति” जारी रखने के लिए “एक के बाद एक बहाने” बना रहा है।
सीतारमण ने कहा, “(राज्यसभा) सभापति और (लोकसभा) अध्यक्ष के चर्चा कराने पर सहमत होने के बाद भी विपक्ष सदन की कार्यवाही में बाधा क्यों डालना चाहता है? मुझे पूरा यकीन है कि कांग्रेस को छात्रों की कोई चिंता नहीं है, बल्कि वह उनके नाम पर राजनीति करना और संसद में बाधा डालना चाहती है। उसे इस बात का भी डर है कि सरकार कांग्रेस की पोल खोल देगी और सच सबके सामने ले आएगी।’’
दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध-प्रदर्शन पर उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार छात्रों की चिंताओं को समझने के लिए उनसे बातचीत करती रहेगी।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने साफ कर दिया है कि पेपर लीक मामलों में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा, “सरकार भविष्य में इस मुद्दे पर कई और कदम भी उठाएगी, ताकि हमारे युवाओं की उम्मीदें और आकांक्षाएं पूरी हो सकें।”
गोयल ने कहा, ‘‘कांग्रेस पार्टी और विपक्ष से हमारी अपील है कि वे इस मुद्दे का राजनीतिकरण न करें। चर्चा से भागें नहीं, बल्कि बहस में हिस्सा लें। हम चर्चा से बचने और मामले का राजनीतिकरण करने के लिए विपक्ष की कड़ी निंदा करते हैं।’’
भाजपा सांसद और पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस संसद में इस मुद्दे पर चर्चा नहीं चाहती। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले दो-तीन दिनों में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और पूर्व अध्यक्ष जे. पी. नड्डा ने छात्रों और सोनम वांगचुक से बातचीत की। इन चर्चाओं से एक बात स्पष्ट हुई कि प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर गंभीर विचार-विमर्श होना चाहिए और कड़े कानून बनाए जाने चाहिए। लेकिन कांग्रेस सदन में चर्चा नहीं चाहती, वह केवल राजनीति करना चाहती है।’’
भाजपा सांसद एवं प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, ‘‘आज भाजपा और राजग के सांसद सदन के बाहर नीट और शिक्षा व्यवस्था पर चर्चा की मांग कर रहे थे, लेकिन कांग्रेस ऐसा नहीं चाहती।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम इस मुद्दे को लेकर पूरी तरह संवेदनशील हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्पष्ट कर चुके हैं कि छात्रों के हितों से बढ़कर कुछ भी नहीं है।’’
यह बयान प्रधानमंत्री मोदी द्वारा सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर प्रश्नपत्र लीक के मामलों में शामिल लोगों को शीघ्र और कड़ी सजा सुनिश्चित करने के लिए फास्ट ट्रैक अदालत स्थापित करने की घोषणा के बाद आया।
केंद्रीय विधि मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने इसे महत्वपूर्ण निर्णय बताते हुए कहा कि इससे प्रश्नपत्र लीक के दोषियों को शीघ्र दंड देने की छात्रों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होगी।
उन्होंने कहा, ‘‘प्रश्नपत्र लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई त्वरित अदालतों में होगी। मुकदमों का शीघ्र निपटारा होगा और दोषियों को बिना अनावश्यक देरी के जल्द सजा मिलेगी। यह बहुत महत्वपूर्ण फैसला है। युवाओं की लगातार मांग रही है कि प्रश्नपत्र लीक के दोषियों को शीघ्र दंड मिले और यह उसी दिशा में उठाया गया कदम है।’’
इससे पहले राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश की शिक्षा व्यवस्था को ‘‘पूरी तरह कब्जे में लेकर उसे नष्ट होने दिया’’ और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को संरक्षण दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘छात्रों की मांग स्पष्ट है- धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त किया जाए, छात्रों से माफी मांगी जाए और उन पर हमला करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।’’
सरकार से बातचीत के लिए आगे आए सीजेपी’, केंद्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह की ‘विनम्र अपील’
नयी दिल्ली, 23 जुलाई (भाषा) केंद्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह ने बृहस्पतिवार को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) से सरकार के साथ एक और दौर की बातचीत के लिए आगे आने की अपील की।
उन्होंने कहा कि बातचीत के जरिए ही मुद्दों का समाधान हो सकता है और आगे का रास्ता निकाला जा सकता है।
सिंह ने पीटीआई से बातचीत के दौरान कहा कि पिछले 24 घंटे में सरकार ने सीजेपी को बातचीत के लिए “कम से कम चार बार” आमंत्रित किया है।
उन्होंने कहा, “मैं इस प्रदर्शन में शामिल छात्रों और युवा साथियों से अपील करना चाहता हूं कि वे बातचीत के लिए आगे आएं। हमारे दरवाजे खुले हैं।”
उन्होंने कहा कि यह सरकार की ओर से की गई एक “विनम्र अपील” है।
सिंह ने बताया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के प्रतिनिधियों के साथ यह बैठक केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता जे. पी. नड्डा के नेतृत्व में होगी।
उन्होंने कहा, “बैठक नड्डा जी के सरकारी आवास पर या उनके कार्यालय में हो सकती है। जगह का चुनाव आप (छात्र प्रतिनिधि) करें। मैं भी वहां मौजूद रहूंगा।”
सिंह ने कहा कि बातचीत “नीट मुद्दे” और उससे जुड़े सभी मामलों पर हो सकती है।
उन्होंने कहा, “हम आपकी सुविधा के अनुसार जितना समय लगे, उतना देने के लिए तैयार हैं। चाहे एक घंटा, दो घंटे, तीन घंटे या चार घंटे। लेकिन कृपया बातचीत के लिए आगे आइए, क्योंकि चर्चा के बिना कोई समाधान नहीं निकल सकता और समाधान के बिना आगे का रास्ता तय नहीं किया जा सकता।”
सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मुद्दे को लेकर “बहुत संवेदनशील” हैं।
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में राज्य मंत्री सिंह ने कहा, “आपने आज प्रधानमंत्री का बयान जरूर सुना होगा, जिसमें उन्होंने कहा कि छात्रों के हित सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। इसके अलावा, पेपर लीक के मामलों के लिए विशेष त्वरित अदालतें बनाने का एक महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है, ताकि ऐसे मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ मुकदमों का जल्द निपटारा हो सके।”
सिंह ने कहा कि यह अंतिम फैसला नहीं है और सरकार इस तरह के कई कदम लगातार उठा रही है और आगे भी उठाती रहेगी।
उन्होंने कहा, “कृपया आगे आइए और हमें अपने सुझाव तथा सलाह दीजिए कि क्या सुधार किए जा सकते हैं। आइए, हम सब मिलकर आगे बढ़ें।”
मंत्री ने कहा, “यह हमारे लिए प्रतिष्ठा का सवाल नहीं है। हम केवल बातचीत के जरिए ही आगे बढ़ सकते हैं।”
उन्होंने प्रदर्शन कर रहे छात्रों से कहा, “इस अपील के बाद अपना फैसला कीजिए।”

