Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » न्यायिक सुधारों की राज्यसभा में उठी मांग
    Breaking News Headlines उत्तर प्रदेश ओड़िशा खबरें राज्य से झारखंड राजनीति

    न्यायिक सुधारों की राज्यसभा में उठी मांग

    Devanand SinghBy Devanand SinghApril 1, 2025No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    न्यायिक सुधारों की राज्यसभा में उठी मांग

    नयी दिल्ली, एक अप्रैल (भाषा) राज्यसभा में मंगलवार को आम आदमी पार्टी (आप) सदस्य राघव चड्ढा ने देश में न्यायिक सुधारों की मांग करते हुए न्यायाधीशों की नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता लाए जाने की जरूरत पर बल दिया।

    आप सदस्य ने उच्च सदन में शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाया और कहा कि अदालत को न्याय का मंदिर माना जाता है और लोगों को भरोसा रहता है कि वहां अन्याय नहीं होगा।

    आप सदस्य ने कहा, ‘‘आम आदमी जब अदालत की चौखट पर जाता है तो उसे विश्वास होता है कि उसे न्याय जरूर मिलेगा। समय-समय पर न्यायपालिका ने अपने भरोसे को और मजबूत किया है। लेकिन हाल में घटी कुछ घटनाओं के चलते देश चिंतित है और जोर न्यायिक सुधारों पर है।’’

    उन्होंने कहा कि जिस प्रकार देश में चुनाव सुधार, पुलिस सुधार, शिक्षा एवं स्वास्थ्य क्षेत्रों में सुधार हुए, वैसे ही न्यायिक सुधारों की भी जरूरत है लेकिन सुधार ऐसे हों जो न्यायिक स्वतंत्रता को मजबूत करें और न्यायिक भ्रष्टाचार को दूर करें।

    चड्ढा ने कहा कि न्यायाधीशों की नियुक्ति कॉलेजियम प्रणाली के तहत होती है और समय-समय पर इस तंत्र की खामियां सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि समय आ गया है कि कॉलेजियम स्वयं ही अपने आप में सुधार करे ताकि पारदर्शिता सामने आ सके।

    उन्होंने कहा कि न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए एक स्वतंत्र पारदर्शी प्रणाली होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार किसी अधिवक्ता को वरिष्ठ अधिवक्ता मनोनीत करने की पारदर्शी प्रक्रिया है, उसी प्रकार न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए भी एक पारदर्शी प्रक्रिया हो।

    आप सदस्यों ने मांग की कि न्यायाधीशों को सेवानिवृत्ति के बाद अगले दो साल तक किसी सरकारी पद पर नियुक्त नहीं किया जाना चाहिए।

    न्यायिक सुधारों की राज्यसभा में उठी मांग
    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleपुलिस ने उर्मिला अपार्टमेंट से एक युवक व एक युवती को आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा
    Next Article रंगदारी नहीं देने पर पलंग विक्रेता पर जानलेवा हमला

    Related Posts

    छोटे सरकार की बगावत: मोकामा में किसका खेल, किसका हिसाब?

    October 5, 2026

    जातीय बिसात पर भाजपा का 2027 वाला दांव

    October 5, 2026

    भाजपा की राज्यसभा सूची में संगठन को तरजीह, ब्राह्मण चेहरे को जगह नहीं

    October 5, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    छोटे सरकार की बगावत: मोकामा में किसका खेल, किसका हिसाब?

    जातीय बिसात पर भाजपा का 2027 वाला दांव

    भाजपा की राज्यसभा सूची में संगठन को तरजीह, ब्राह्मण चेहरे को जगह नहीं

    सियासत की बदलती राहों में स्वामी ने फिर बदला पड़ाव! राहुल गांधी से मुलाकात के बाद नई राजनीतिक पारी क

    दोस्ती का खूनी खेल या मौत का इंजेक्शन? मलाड में अमन की तड़पती मौत ने खोली मुंबई की नशे वाली सड़कों क

    *मां पाउड़ी: सरायकेला राजमहल से सिंहभूम की लोकआस्था तक*

    रूस-यूक्रेन युद्ध में भारत की सक्रिय शांति पहल

    सदर अस्पताल में मानसिक स्वास्थ्य पर कार्यशाला, तनाव और नशे से बचाव की दी जानकारी

    बर्मामाइंस में मनाई गई महारानी रानी दुर्गावती की जयंती

    ‘बन्धन’ ने रूगरी स्कूल के बच्चों के साथ बांटी दुर्गापूजा की खुशियां

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.