राष्ट्र संवाद संवाददाता
रविवार को विशेष आग सभा एच सी एल से विस्थापित लोगों एवं प्रभावित के लोगो का के रोआम ग्राम प्रधान मनोरंजन महतों की अध्यक्षता में किया गया।
उक्त बैठक में मूल रूप एच सी एल से विस्थापित परिवार के सदस्यों एवं प्रभावित क्षेत्र के लोगों को प्राथमिकता के आधार पर राखा माइन्स में बहाली करने का विशेष मांग किया गया । चूंकि के संबंध में विचार विमर्श किया एस डब्लू,एम एल कंपनी अपनी मनमानी से बाहरी लोगों को यहाँ रोजगार दे रही है स्थानीय और प्रभावित लोगो की अपेक्षा की जा रही है। साथ ही एस डब्लू एम एल द्वारा स्थानीय नदी नाला को प्रदूषित करने के संबंध में विचार-विमर्श नाराजगी प्रकट किया गया।
कंपनी को सी एस आर के अंतर्गत विकास का काम करने का पत्र दिया गया लेकिन
एच सी एल प्रबंधन मौन हैं।
इन सब जन मुद्दों को लेकर सभी विस्थापितों ने विचार विमर्श कर यह निर्णय लिया कि एच सी एल प्रबंधन अगर आने वाले 10 दिनों के अंदर सकारात्मक पहल नहीं करती है तो 10 दिनों बाद क्षेत्र के लोग विस्थापित एवं प्रभावित राखा माइन्स गेट अनिश्चित काल के लिए जाम किया जाएगा जिसमें किसी भी प्रकार कानून व्यवस्था की व्यस्था उत्पन्न होने की संपूर्ण जिम्मेदारी कंपनी प्रबंधन की एच सी एल की होगी।
ग्रामीण और विस्थापितों की प्रमुख मांग है
एच सी एएल द्वारा विस्थापित परिवार के लोगों को स्थायी नियोजन ।
,. प्रभावित क्षेत्र के लोगों को मान्यता के , आधार पर प्राथमिकता से नियोजन करना ।
,माइन्स का विशाक्त पानी गाँव के नदी नाले में नहीं देना ।
, बिना ग्राम सभा के अनुमोदन के रवाम क्षेत्र में पेड़ो का काटना बंद करने. ग्राम दिनड़ी को प्रभावित क्षेत्र में शामिल करना
ग्राम प्रधान ने बताया कि एच सी एल प्रबंधन को18/06/2025 एवं 19.01.2026 को पत्र देकर विभिन्न मांग को रखी गई थी लेकिन एच सी एल प्रबंधन के द्वारा ग्राम सभा की पूरी तरह से अनदेखी की जा रही हे, 10 दिनों के अंदर अगर हमारी मांग पूरी नहीं होगी तो कंपनी का गेट जाम अनिश्चितकाल के लिए कर दिया गया इसके लिए प्रबंधन जिम्मेदार होगा।
इस अवसर पर भारी संख्या में विस्थापित और ग्रामीण शामिल थे। ।
ग्रामीणों का आरोप है की नदीनाला के प्रदूषित हो जाने से ग्रामीणों को चर्म रोग के शिकार हो रहे र है गर्मी के दिनों में लोग पानी उपयोग में नहीं ला पा रहे हैं लोगों को बूंद बूंद पानी के लिए तरसना पड़ रहा है पेड़ पौधे काटे जाने से भी लोगों में भारी नाराजगी है इससे पर्यावरण को भारी नुकसान हो रही है ।
कंपनी के द्वारा क्षेत्र में विकास का कोई काम नहीं किया जा रहा है आसपास गंदगी का अंबार लगा हुआ हे।

