झारखंड ग्रामीण बैंक की 82 शाखाओं की समीक्षा, वित्तीय समावेशन और सरकारी योजनाओं पर जोर
राष्ट्र संवाद संवादाता
झारखंड ग्रामीण बैंक की सिंहभूम क्षेत्र की 82 शाखाओं के कार्यों की समीक्षा गुरुवार को आयोजित व्यावसायिक प्रगति समीक्षा बैठक में की गई। बैठक की अध्यक्षता क्षेत्रीय प्रबंधक श्रीकांत कटारे ने की। इसमें पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिले की सभी 82 शाखाओं के शाखा प्रबंधकों एवं क्षेत्रीय कार्यालय के अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक में क्षेत्रीय प्रबंधक श्रीकांत कटारे ने कहा कि झारखंड ग्रामीण बैंक का उद्देश्य केवल बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना भी है। उन्होंने शाखा प्रबंधकों को निर्देश दिया कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को और मजबूत करें तथा स्वरोजगार एवं कृषि आधारित योजनाओं के लक्ष्य समयबद्ध तरीके से पूरा करें।
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP), प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME), प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत चल रहे कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 के दौरान बैंक ने लगभग 10 हजार स्वयं सहायता समूहों को ऋण उपलब्ध कराया है। इसके अलावा करीब 4 हजार महिला उद्यमियों को स्वरोजगार के लिए ऋण दिया गया तथा लगभग 5 हजार किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए गए।
बैठक में शिक्षा ऋण को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि ‘गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड’ योजना के तहत पात्र विद्यार्थियों को 15 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण बिना मार्जिन और बिना अतिरिक्त सुरक्षा के उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि आर्थिक तंगी किसी भी छात्र की पढ़ाई में बाधा न बने।
इसके साथ ही हाउसिंग लोन, पर्सनल लोन, कार लोन सहित अन्य ऋण योजनाओं के प्रचार-प्रसार, डिजिटल बैंकिंग सेवाओं के विस्तार, मोबाइल एवं इंटरनेट बैंकिंग, एटीएम, माइक्रो एटीएम, आधार आधारित ई-केवाईसी तथा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं—प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और अटल पेंशन योजना—से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। अंत में शाखा प्रबंधकों से ग्राहकों को बेहतर एवं पारदर्शी बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने का आह्वान किया गया

