Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » सिर्फ बसपा ही बहुजन समाज के हित और उत्थान के लिए काम करने वाली ‘असली पार्टी’ है : मायावती
    Breaking News Headlines उत्तर प्रदेश खबरें राज्य से बिहार राजनीति राष्ट्रीय

    सिर्फ बसपा ही बहुजन समाज के हित और उत्थान के लिए काम करने वाली ‘असली पार्टी’ है : मायावती

    News DeskBy News DeskMarch 15, 2026No Comments4 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    सिर्फ बसपा ही बहुजन समाज के हित और उत्थान के लिए काम करने वाली ‘असली पार्टी’ है : मायावती

    लखनऊ, 15 मार्च (भाषा) बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने समाजवादी पार्टी (सपा) और अन्य विरोधी दलों की कथनी और करनी में भारी अंतर होने का आरोप लगाते हुए रविवार को दावा किया कि सिर्फ बसपा ही बहुजन समाज के हित और उत्थान के लिए काम करने वाली ‘असली पार्टी’ है।

    उन्होंने सपा के पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग) को ‘छलावा’ बताते हुए आरोप लगाया कि सपा और अन्य विरोधी पार्टियां इन वर्गों का वोट लेकर सरकार तो बनाती हैं लेकिन बाद में इन तबकों को ‘तिरस्कृत’ कर देती हैं।

    मायावती ने बसपा संस्थापक कांशीराम की जयंती पर रविवार सुबह लखनऊ स्थित बसपा के केंद्रीय शिविर कार्यालय में पार्टी के वरिष्ठ लोगों के साथ उनके चित्र एवं प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किये।

    उन्होंने इस अवसर पर कहा कि बाबा साहब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर के नक्शेकदम पर चलने वाली बसपा ‘बहुजन समाज’ का हित, कल्याण व उत्थान करने वाली ‘असली पार्टी’ है जबकि सपा व अन्य विरोधी दलों के कथनी व करनी में भारी अंतर होता है।

    मायावती ने ‘बहुजन समाज’ के लोगों से आह्वान किया कि वे बसपा से जुड़कर सच्चे, ईमानदार व ‘मिशनरी आंबेडकरवादी’ बनें और सत्ता की मास्टर चाबी प्राप्त करके बाबा साहब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर द्वारा संविधान में बहुजनों के हित, कल्याण और उत्थान के लिए दिये गये अधिकारों को जमीन पर लागू करें।

    उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री ने सपा के पीडीए को विशुद्ध ‘छलावा’ करार देते हुए कहा कि वास्तव में दलितों, अन्य पिछड़ों व मुस्लिम समाज आदि का हर स्तर पर शोषण करने वाली पार्टियों में भी खासकर सपा का पीडीए प्रेम विशुद्ध छलावा है।

    उन्होंने कहा कि सपा को दलितों पिछड़ों, मुस्लिम समाज के लोगों और उनके महापुरुषों की याद सिर्फ चुनाव के समय ही आती है लेकिन सरकार बन जाने के बाद वह उन्हें अन्य पार्टियों की ही तरह तिरस्कृत कर देती है।

    मायावती ने बहुजन समाज के लोगों को सपा, कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से सावधान रहने की हिदायत देते हुए कहा कि इतिहास गवाह है कि ये पार्टियां बहुजन समाज के लिए काम की कम और नाम की ज्यादा हैं।

    बसपा प्रमुख ने बहुजन समाज से यह भी अपील की कि वह सांसद और विधायक बनाने का लालच देकर बहुजनों के वोट की ताकत को कमजोर करने वाली पार्टियों से दूर रहें। साथ ही, अपने निजी स्वार्थ के लिए पार्टी से ‘दगा’ करने वालों से भी उचित दूरी बनाए रखें।

    उन्होंने केंद्र की वर्तमान भारतीय जनता पार्टी नीत सरकार से आग्रह किया कि वह बसपा संस्थापक कांशीराम को ‘भारत रत्न’ से सम्मानित करने में और विलंब ना करे क्योंकि देश में संविधान की मंशा के अनुसार समता मूलक समाज तैयार करने में कांशीराम का ऐतिहासिक योगदान रहा है।

    मायावती ने कांशीराम के नाम पर बनाए गए ‘मान्यवर श्री कांशीराम उर्दू, अरबी, फारसी विश्वविद्यालय’ का नाम बदले जाने की भी आलोचना की और कहा कि ऐसी संकीर्ण, जातिवादी, साम्प्रदायिक व द्वेषपूर्ण मानसिकता रखने वाली पार्टियों व इनकी सरकारों से ‘बहुजन समाज’ का वास्तविक हित व कल्याण की आशा करना ‘रेगिस्तान में पानी तलाशने’ जैसा असंभव है।

    उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने अपने शासनकाल की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि बसपा ‘बातें कम और काम अधिक’ की नीति में विश्वास करती है जबकि दूसरी पार्टियां केवल हवाहवाई बातों, लुभावनी घोषणाओं व दावों के साथ-साथ ‘अच्छे दिन’ के हसीन सपनों के माध्यम से जनता को बरगलाना चाहती हैं।

    पार्टी द्वारा जारी बयान के मुताबिक उत्तर प्रदेश के 12 मंडलों के बसपा कार्यकर्ताओं ने राजधानी लखनऊ में ‘मान्यवर श्री कांशीराम जी स्मारक स्थल’ पर पहुंचकर कांशीराम को श्रद्धांजलि अर्पित की।

    बयान के अनुसार इसके अलावा मायावती के निर्देश पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के छह मंडलों के पार्टी के लोगों ने गौतम बुद्ध नगर में स्थापित ‘राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल’ में कांशीराम की प्रतिमा पर माल्यार्पण व उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

    बयान के मुताबिक बसपा की राजस्थान इकाई द्वारा भरतपुर जिले में आयोजित जोन स्तरीय कार्यक्रम में पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleमुंबई में डिजिटल अरेस्ट: रिटायर्ड कर्मचारी से 40 लाख की ठगी
    Next Article जमशेदपुर: प्रेम विवाह के बाद बवाल, लड़की पक्ष ने लड़के के घर में घुसकर की मारपीट

    Related Posts

    भरत तिवारी मुठभेड़ पर न्यायिक जांच की मांग

    June 24, 2026

    मुंबई लोकल ट्रेन में मयंक लोहार की हत्या

    June 24, 2026

    मुंबई लोकल ट्रेन बनी कत्लगाह: मयंक लोहार की हत्या

    June 24, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    भरत तिवारी मुठभेड़ पर न्यायिक जांच की मांग

    मुंबई लोकल ट्रेन में मयंक लोहार की हत्या

    मुंबई लोकल ट्रेन बनी कत्लगाह: मयंक लोहार की हत्या

    केतन हत्याकांड: बहन के संदेह से खुला शोकांकित सच

    झारखंड में 262 चयनित अभ्यर्थियों को मिला नियुक्ति पत्र

    चढ़ावा लूट: मंदिरों का इतिहासिक खजाना

    भरत तिवारी एनकाउंटर: बाबा बागेश्वर की एंट्री, राष्ट्रीय चर्चा में मामला

    केतन हत्याकांड का राज खुला: बहन के शक ने किया खुलासा

    भारत-अमेरिका व्यापार समझौता: अवसरों को साधने की चुनौती

    स्मार्टफोन की लत: डिजिटल युग की वैश्विक चुनौती

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.