नयी दिल्ली, 15 अगस्त (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को भारत को नशा मुक्त बनाने के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया और लोगों से 100 दिवसीय राष्ट्रव्यापी नशा मुक्त युवा अभियान में शामिल होने का आग्रह किया।
नशा मुक्त युवा अभियान: एक राष्ट्रीय संकल्प
देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में मोदी ने कहा कि नशे की लत को देश के युवाओं के लिए एक बड़ी चुनौती बताया और इससे निपटने की जरूरत पर बल दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘नशे की लत देश और इसके युवाओं के लिए बहुत बड़ी चुनौती बनती जा रही है। भारत को नशा मुक्त बनाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे उज्ज्वल भविष्य के लिए, हमारी युवा पीढ़ी मजबूत होनी चाहिए और हमारे युवा सक्षम होने चाहिए। उन्हें देश के लिए काम करने चाहिए।’’
मोदी ने स्वयंसेवकों, गैर सरकारी संगठनों, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठनों और आध्यात्मिक नेताओं से नशा मुक्त भारत के लिए 100 सप्ताह के अभियान की तैयारी करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं हर परिवार से कहना चाहता हूं कि आप भी इस अभियान का हिस्सा बनें। इसमें शामिल हों और नशा मुक्त भारत के सपने को पूरा करने के लिए आगे आएं।’’
प्रधानमंत्री ने दो अगस्त को युवाओं को मादक पदार्थों के सेवन से दूर रहने के लिए ‘विकसित भारत संकल्प अभियान के लिए नशा मुक्त युवा’ की शुरुआत की।
सार्वजनिक परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर छात्रों के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शन के कुछ दिन बाद उन्होंने ‘जेन जी’ की एक सभा में इस अभियान की शुरुआत की।
‘नशा मुक्त युवा – विकसित भारत संकल्प अभियान’ की शुरुआत करते हुए मोदी ने कहा कि देश के युवाओं का मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहना आवश्यक है तथा इसके लिए उन्हें हर प्रकार के नशे से दूर रहना होगा।
इस अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना और उन्हें अपने-अपने समुदायों में सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन के दूत के रूप में आगे आने के लिए प्रोत्साहित करना है।
इस अभियान के साथ ही 100 सप्ताह तक चलने वाले देशव्यापी ‘जन भागीदारी’ अभियान की शुरुआत भी हुई। इसके तहत देशभर में हर रविवार विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, ताकि लोगों में जागरूकता बढ़े और नशा मुक्त समाज के निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
इन गतिविधियों में खेल प्रतियोगिताएं, ‘वॉकाथॉन’, ध्यान सत्र, सांस्कृतिक कार्यक्रम, जागरूकता अभियान, नुक्कड़ नाटक, विचार-विमर्श मंच, कला प्रतियोगिताएं तथा सामुदायिक सहभागिता कार्यक्रम शामिल होंगे।
अभियान का व्यापक प्रभाव और भविष्य की राह
विशेषज्ञों का मानना है कि नशा मुक्त युवा अभियान केवल एक सरकारी पहल नहीं, बल्कि एक जन आंदोलन का रूप ले चुका है। संयुक्त राष्ट्र मादक पदार्थ एवं अपराध कार्यालय (UNODC) की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में मादक पदार्थों के सेवन की दर चिंताजनक रूप से बढ़ रही है, विशेषकर 15-29 आयु वर्ग में। इस पृष्ठभूमि में, प्रधानमंत्री का यह आह्वान सामाजिक जागरूकता और नीति-निर्माण दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
अभियान की सफलता के लिए स्कूल, कॉलेज, पंचायत और धार्मिक संस्थानों की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां नशा अक्सर गरीबी और बेरोजगारी से जुड़ा होता है, वहां आजीविका प्रशिक्षण और परामर्श केंद्रों की स्थापना इस मुहिम को बल देगी। अधिक जानकारी के लिए PMO India देखें।
आने वाले 100 दिन और 100 सप्ताह देश की युवा शक्ति के लिए एक निर्णायक मोड़ साबित होंगे। प्रत्येक नागरिक का योगदान, चाहे वह जागरूकता रैली में भाग लेना हो या अपने परिवार में संवाद स्थापित करना हो, नशा मुक्त भारत के सपने को साकार करने में सहायक होगा।

