लंदन. लंदन के हीथ्रो हवाई अड्डे से अमेरिका के शिकागो के लिए उड़ान भरने वाला ब्रिटिश एयरवेज का एक बोइंग विमान हवा में बड़े हादसे का शिकार होते-होते बाल-बाल बच गया. उड़ान भरने के करीब एक घंटे बाद 37,000 फीट की ऊंचाई पर विमान में गंभीर तकनीकी खराबी आ गई, जिसके बाद सुरक्षित वजन हासिल करने के लिए पायलटों को हवा में ही करीब 30 टन ईंधन (फ्यूल डंप) गिराना पड़ा. इसके बाद विमान को आनन-फानन में वापस लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट की ओर मोड़कर सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग करवाई गई.
9.5 मिनट में 28 हजार फीट नीचे आया विमान
फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट बीए295 (Boeing 777-200ER) ने हीथ्रो से स्थानीय समयानुसार पूर्वाह्न 11:50 बजे शिकागो के लिए उड़ान भरी थी. आयरलैंड के हवाई क्षेत्र के ऊपर लगभग 37,000 फीट की क्रूजिंग ऊंचाई पर पहुंचते ही विमान में गंभीर तकनीकी समस्या पैदा हो गई. विमान खतरनाक गति से नीचे की ओर गोता लगाने लगा और महज 9.5 मिनट के भीतर करीब 28,000 फीट नीचे गिरकर सीधे 9,000 फीट पर आ गया. विमानन विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि विमान इसी तीव्र गति से नीचे गिरता रहता, तो अगले 3 मिनट के भीतर एक बड़ा और विनाशकारी हादसा हो सकता था.
पायलटों ने भेजा 7700 इमरजेंसी कोड
हवा में गंभीर संकट को भांपते हुए क्रू ने तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) को 7700 इमरजेंसी कोड ट्रांसमिट किया. एविएशन प्रोटोकॉल में 7700 कोड का अर्थ जनरल इमरजेंसी होता है, जो यह संकेत देता है कि विमान किसी अप्रत्याशित गंभीर संकट में है और उसे लैंडिंग के लिए तुरंत सहायता व खाली एयरस्पेस की आवश्यकता है. हाल ही में फ्लाईदुबई के एक विमान में भी भारतीय मूल के पायलट स्मित मच्छार द्वारा इसी तरह का आपातकालीन संदेश भेजा गया था.
30 टन फ्यूल डंप कर कराई गई सुरक्षित लैंडिंग
बोइंग 777-200ईआर विमान को शिकागो तक लगभग 8 घंटे 40 मिनट की लंबी दूरी तय करनी थी, इसलिए उसके टैंक में भारी मात्रा में ईंधन मौजूद था. सामान्य परिस्थितियों में इतने भारी वजन के साथ आपातकालीन लैंडिंग करना लैंडिंग गियर टूटने या आग लगने के जोखिम के कारण बेहद खतरनाक होता है. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पायलटों ने समुद्र के ऊपर लगभग 30 टन ईंधन बहाया (डंप किया) और विमान का वजन सुरक्षित लैंडिंग स्तर तक लाकर हीथ्रो एयरपोर्ट पर सफलतापूर्वक उतार लिया.
एयरलाइन ने जारी किया बयान
हादसा टलने के बाद ब्रिटिश एयरवेज के प्रवक्ता ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि यात्रियों और क्रू मेंबर्स की सुरक्षा हमेशा कंपनी की सर्वोच्च प्राथमिकता रहती है. प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि तकनीकी खराबी सामने आने के बाद अत्यधिक प्रशिक्षित पायलटों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए हीथ्रो पर विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई. सभी यात्रियों को विमान से सुरक्षित उतार लिया गया है और ग्राउंड स्टाफ यात्रियों को उनकी मंजिलों तक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था सुनिश्चित करने में जुटा है.

