लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
बरौनी रेलवे मैदान में आयोजित छह दिवसीय श्री कृष्ण जन्माष्टमी मेला गुरुवार देर रात को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो गया। छह दिनों तक चले इस मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, स्थानीय लोगों और आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने हिस्सा लिया। बारिश के कारण शुरुआती दिनों में मेले की रौनक कुछ प्रभावित हुई, लेकिन मौसम में सुधार के साथ श्रद्धालुओं और दर्शकों की भीड़ लगातार बढ़ती गई। मेले में भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना के साथ मनोरंजन के लिए विभिन्न प्रकार के झूले, मीना बाजार, दुकानों और अन्य आकर्षणों की व्यवस्था की गई थी। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक लोगों ने मेले का आनंद उठाया। खासकर शाम से लेकर देर रात तक रेलवे मैदान में लोगों की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिली।
श्री कृष्ण जन्माष्टमी मेला
1970 से चली आ रही परंपरा का एक और अध्याय पूरा
बरौनी रेलवे मैदान का श्री कृष्ण जन्माष्टमी मेला लंबे समय से इलाके की धार्मिक एवं सामाजिक पहचान से जुड़ा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार वर्ष 1970 में तत्कालीन बरौनी RPF पोस्ट के प्रभारी सगीर उद्दीन चिश्ती की पहल से इस आयोजन की नींव पड़ी थी। उस समय सौहार्दपूर्ण वातावरण में शुरू हुआ यह आयोजन धीरे-धीरे एक बड़े वार्षिक मेले के रूप में विकसित हुआ।
पिछले पांच दशकों में इस मेले ने सामाजिक समरसता की अनूठी मिसाल पेश की है। हर वर्ष जन्माष्टमी के अवसर पर बरौनी रेलवे मैदान श्रद्धा और उल्लास के रंग में सराबोर हो जाता है। मेले में आसपास के गांवों से आने वाले ग्रामीणों के लिए यह वार्षिक मिलन का अवसर भी होता है। स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम मेले की शोभा बढ़ाते हैं। इस वर्ष भी भजन-कीर्तन और नृत्य प्रतियोगिताओं ने दर्शकों का मन मोह लिया।
मेले की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही। रेलवे सुरक्षा बल और स्थानीय पुलिस के जवान दिन-रात तैनात रहे। किसी भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। आयोजन समिति के सदस्यों ने मेले के सफल संचालन पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने अगले वर्ष और भव्य आयोजन का संकल्प दोहराया। अधिक जानकारी के लिए भारतीय रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट देखें।

