बहरागोड़ा महाविद्यालय अघोषित तौर पर महिला महाविद्यालय में तब्दील नामांकन में 63 तो परीक्षा देने बालों में 72 प्रतिशत उपस्थित महिलाओं की
राष्ट्र संवाद संवाददाता
बहरागोड़ा में महिला महाविद्यालय बनाने के बजाय बहरागोड़ा महाविद्यालय के जीर्णोद्धार एवं साधन संपन्न बनाने की जरूरत है। इसके पीछे यथोचित तर्क रखा जा सकता है। उदाहरण के तौर पर बहरागोड़ा महाविद्यालय में वर्तमान में कुल नामांकित विद्यार्थियों की संख्या 2913है।इनमें1810महिला और1103 पुरुष है। अर्थात 62.13प्रतिशत महिला जबकि 37.87प्रतिशत पुरुष है।अभी महाविद्यालय में तीन पाली में परीक्षा संचालित हो रही है। परीक्षा में उपस्थित की बात करें तो72प्रतिशत महिला/छात्राएं परीक्षा दे रही है वही मात्र 28प्रतिशत पुरुष/छात्रों की उपस्थिति है।

इस महाविद्यालय में आठ विषय में एम ए की पढ़ाई होती है। इंग्लिश में एम ए की पढ़ाई शीघ्र प्रारंभ होने की संभावना है।आवश्यक उपस्कर, पठन सामग्री,पुस्तकालय,कंप्यूटर लेव,कॉन्फ्रेंस हॉल,अलग अलग डिपार्टमेंट लगभग चीजें है।वैसे शिक्षा प्रेमी,समाजसेवी अथवा जनप्रतिनिधि है जो बहरागोड़ा को एजुकेशनल हब बनाना चाहते हैं उन्हें बहरागोड़ा महाविद्यालय को पठन पाठन के लिए नया भवन, पुस्तकालय भवन और ऑडिटोरियम के निर्माण की दिशा में पहल करना चाहिए।इसके मैदान को व्यवस्थित करने से खेल कूद को बढ़ावा मिलेगा।विज्ञान के लिए पोस्ट सृजित करना होगा।इस लिए माननीयों को महिला महाविद्यालय निर्माण की जगह बहरागोड़ा महाविद्यालय के सामग्रिक विकाश पर ध्यान देने की जरूरत है।

यह महाविद्यालय अघोषित तौर पर महिला महाविद्यालय बन चुका है।जिस महाविद्यालय में 72प्रतिशत छात्राएं परीक्षा दे रही हैं उसे क्या कहेंगे। बहरागोड़ा महाविद्यालय सीमांचल में उच्च शिक्षा का धरोहर है। इसलिए इसके जीर्णोद्धार एवं सामग्रिक विकास का सामूहिक प्रयास करना होगा ना कि जनता की गाढ़ी कमाई को बर्बाद करना। कुणाल सारंगी के विधायक रहते हुए महिला महाविद्यालय स्वीकृत हुआ था।वह ठंडे बस्ते में चला गया था। पुनः स्वीकृत होने और जमीन तलाशने की चर्चा है।


