एनडीए की जीत बिहार की राजनीतिक समझदारी और सामाजिक चेतना का महत्वपूर्ण संकेत देवानंद सिंह बिहार की राजनीति ने 2025 के चुनाव परिणामों में एक बार फिर यह साबित कर दिया कि राज्य का मतदाता बदलाव से ज्यादा स्थिरता को तरजीह देता है, और नेतृत्व की विश्वसनीयता उसके लिए किसी भी दल के चुनावी नारे से कहीं अधिक मायने रखती है। एनडीए ने यह चुनाव सिर्फ जीता नहीं, बल्कि अपनी पकड़ को एक बार फिर मज़बूती से साबित किया है। वहीं, महागठबंधन को जिस प्रकार की करारी पराजय मिली है, वह साफ दिखाती है कि जनता के मन में विपक्ष…
Author: News Desk
बिहार में बडबोली राजनीति की हार, सुशासन की नई सुबह -ललित गर्ग- बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की ऐतिहासिक एवं अनूठी जीत ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का करिश्माई व्यक्तित्व, गृहमंत्री अमित शाह की चुनावी रणनीति और उनकी जनस्वीकार्यता आज भी भारतीय राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाती है। यह जीत सिर्फ एक गठबंधन की सफलता नहीं, बल्कि बिहार के भविष्य की नई रूपरेखा का संकेत है। नीतीश कुमार के अनुभवी नेतृत्व, भाजपा की संगठनात्मक मजबूती और उभरते हुए युवा सितारे चिराग पासवान के प्रभावी प्रदर्शन ने मिलकर इस चुनाव को एनडीए के…
झारखंड की यात्रा के 25 वर्ष प्रशासनिक स्थिरता, सामाजिक न्याय और आर्थिक समावेशन से पूरा होगा आंदोलनकारियों का सपना राष्ट्र संवाद डेस्क झारखंड की राजनीतिक यात्रा मात्र एक राज्य की प्रशासनिक कहानी नहीं, बल्कि आकांक्षाओं, संघर्षों, अस्थिरता, उम्मीद और अंधेरों से गुजरती वह गाथा है जिसने पूरे पूर्वी भारत की सामाजिक-राजनीतिक दशा को गहराई से प्रभावित किया। 15 नवंबर 2000 को अस्तित्व में आया यह राज्य आज पच्चीस वर्ष का युवा हो चुका है। इन 25 वर्षों में झारखंड ने 13 सरकारें देखीं, कभी गठबंधनों के भरोसे लड़खड़ाता, कभी बहुमत के दम पर तेजी से भागता, तो कभी अंतर्कलह और…
बिहार में राजग की जीत ‘ऐतिहासिक’, डबल इंजन सरकार की कल्याणकारी नीतियों पर विश्वास की मुहर: नड्डा नयी दिल्ली, 14 नवंबर (भाषा) भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने शुक्रवार को कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव में लोगों ने राज्य में सुशासन एवं विकास के लिए राजग को ‘‘सुनामी’’ जैसा विशाल जनादेश दिया है और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के शासन के दौरान राज्य में रहे ‘जंगलराज’ के लिए ‘नो एंट्री’ का बोर्ड लगा दिया है। बिहार चुनावों में राजग की जीत का जश्न मनाने के लिए भाजपा मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नड्डा ने कहा,…
तेजस्वी यादव: शानदार चुनावी आगाज से लेकर अकल्पनीय हार का सफर अशोक कुमार ठाकुर राष्ट्र संवाद उप ब्यूरो पटना: बिहार विधानसभा चुनाव के बीच जब तेजस्वी यादव को महागठबंधन में शामिल सहयोगियों की इच्छा के विपरीत मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया गया था तब शायद कुछ लोगों ने ही कल्पना की होगी कि शानदार चुनावी आगाज करने वाले राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता के नेतृत्व में उनकी पार्टी को इस अकल्पनीय हार का सामना करना पड़ेगा। महज 25 साल की उम्र में उपमुख्यमंत्री बनने के 10 साल बाद पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद के उत्तराधिकारी ने कई दौर में…
बिहार चुनाव 2025: एनडीए की प्रचंड जीत, मगध–शाहाबाद और पटना में दबदबा बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में NDA की शानदार जीत, मगध और शाहाबाद में बदला समीकरण 24 सीटों वाले सीमांचल में ओवैसी की लगी लॉटरी! NDA भी फायदे में, महागठबंधन को निराशा एक बार फिर साबित हुआ नीतीश के नालंदा में नहीं कर सकता कोई सेंधमारी, 7-0 से NDA ने जमाया कब्जा राजनीति से संन्यास लेंगे प्रशांत किशोर? नीतीश कुमार पर भविष्यवाणी की लेकिन खुद 0 पर निपट गए राष्ट्र संवाद संवाददाता पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए ने 200 से अधिक सीटें जीतकर रिकॉर्ड बहुमत हासिल…
बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की ऐतिहासिक जीत पर बोले प्रधानमंत्री मोदी — बिहार ने लोकतंत्र और विकासवाद की विजय लिख दी: प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्र संवाद संवाददाता बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को मिली बड़ी जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय से कार्यकर्ताओं और जनता को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ने अभूतपूर्व समर्थन देकर “गर्दा उड़ा दिया है” और यह जीत लोकतंत्र तथा विकासवाद की जीत है। प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार में तुष्टिकरण की राजनीति करने वालों को जनता ने नकारते हुए नया “MY फॉर्मूला—महिला और यूथ” चुना है। उन्होंने…
GHATSHILA By-Election Final घाटशिला उपचुनाव: झामुमो प्रत्याशी सोमेश चंद्र सोरेन ने करीब 39 हजार वोटों से दर्ज की रिकॉर्ड जीत, भाजपा प्रत्याशी बाबूलाल सोरेन को मिली करारी हार 45-घाटशिला (अ.ज.जा) विधानसभा उपचुनाव *मतगणना- राउंड 01* ———————————- 1. बाबूलाल सोरेन, भाजपा- 2204 2. सोमेश चंद्र सोरेन, झामुमो- 5450 3. पंचानन सोरेन, भारत आदिवासी पार्टी (BAP) -64 4. पार्वती हांसदा, पीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया(डेमोक्रेटिक) – 24 5. रामदास मुर्मू, जेएलकेएम-3286 6. नारायण सिंह, निर्दलीय प्रत्याशी- 25 7. परमेश्वर टुडू, निर्दलीय-26 8. बसंत कुमार तोपनो, निर्दलीय- 12 9. मनसा राम हांसदा, निर्दलीय प्रत्याशी-40 10. मनोज कुमार सिंह, निर्दलीय- 56 11. रामकृष्ण…
उपचुनाव घाटशिला : साबित होगा प्रतिष्ठा, वफादारी और आदिवासी राजनीति के बदलते समीकरणों का आईना देवानंद सिंह झारखंड की राजनीति में घाटशिला विधानसभा क्षेत्र का उपचुनाव भले ही संख्यात्मक दृष्टि से राज्य की सत्ता समीकरण को न बदले, लेकिन इसके निहितार्थ बहुत गहरे हैं। 81 सदस्यीय विधानसभा में झामुमो नीत इंडिया ब्लॉक के पास इस समय 56 सीटों का बहुमत है, इतना कि किसी एक उपचुनाव के परिणाम से सरकार की स्थिरता पर कोई प्रत्यक्ष असर नहीं पड़ने वाला। फिर भी, राजनीति में हर चुनाव का मनोवैज्ञानिक और प्रतीकात्मक प्रभाव होता है। घाटशिला भी इसका अपवाद नहीं है। यहां का…
डॉ. भूपेन हज़ारिका के गीत असमिया जाति के लिए प्रेरणा के प्रतीक हैं डॉ. भूपेन हज़ारिका के गीत असमिया जाति के लिए प्रेरणा के प्रतीक हैं। इसीलिए, डॉ. भूपेन हज़ारिका के सभी गीत हमें अपनी ओर आकर्षित करते हैं। जिन गीतों में समाहित हैं स्वजाति के प्रति सजग स्नेह, प्रेम और जातिवादी प्रभूत्व । असमिया समाज और कला में डॉ. भूपेन हज़ारिका के योगदान को चंद शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। उनके गीत, उनकी वाणी से निकले शब्द आज भी असमिया लोगों के रोम-रोम में रचे-बसे हैं। इसमें कोई संदेह नहीं है कि असम के मौजूदा हालात में…
