बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की ऐतिहासिक जीत पर बोले प्रधानमंत्री मोदी —
बिहार ने लोकतंत्र और विकासवाद की विजय लिख दी:
प्रधानमंत्री मोदी
राष्ट्र संवाद संवाददाता
बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को मिली बड़ी जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय से कार्यकर्ताओं और जनता को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ने अभूतपूर्व समर्थन देकर “गर्दा उड़ा दिया है” और यह जीत लोकतंत्र तथा विकासवाद की जीत है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार में तुष्टिकरण की राजनीति करने वालों को जनता ने नकारते हुए नया “MY फॉर्मूला—महिला और यूथ” चुना है। उन्होंने युवाओं की निर्णायक भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि उनकी आकांक्षाओं ने पुराने सांप्रदायिक MY फॉर्मूले को खत्म कर दिया।
पीएम मोदी ने कहा कि यह सिर्फ एनडीए की जीत नहीं, बल्कि लोकतंत्र में जनता के विश्वास की विजय है। शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान के लिए उन्होंने चुनाव आयोग की सराहना की। उन्होंने याद दिलाया कि कभी बिहार में भारी पुनर्मतदान और हिंसा की घटनाएँ आम थीं, लेकिन इस बार बिना किसी बाधा के रिकॉर्ड मतदान हुआ।
प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार ने जंगलराज, कट्टा संस्कृति और मतपेटियों की लूट जैसी पुरानी कुरीतियों को पीछे छोड़ विकास के लिए वोट किया है। उन्होंने कहा—“अब कट्टा सरकार वापस नहीं आएगी।” जनता ने साबित कर दिया है कि झूठ हारता है और जनविश्वास जीतता है।
उन्होंने कहा कि बिहार ने विकसित और समृद्ध राज्य की दिशा में मतदान किया है और एनडीए को 2010 के बाद का सबसे बड़ा जनादेश दिया है। पीएम मोदी ने छठ पूजा को यूनESCO हेरिटेज में शामिल करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया।

प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस अब “मुस्लिम-लीगी माओवादी कांग्रेस (MMC)” बन चुकी है और उसके भीतर भी असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने बिहार की संस्कृति व परंपरा का कभी सम्मान नहीं किया और छठ पूजा का अपमान करने के लिए आज तक माफी तक नहीं मांगी।
पीएम मोदी ने कहा कि आज का जनादेश विकासवाद की जीत और वंशवाद की हार है। बिहार की जनता ने साफ कर दिया है कि राज्य को हाईवे, एक्सप्रेसवे और उद्योग चाहिए, न कि विकास-विरोधी राजनीति।
प्रधानमंत्री ने अंत में कहा कि कांग्रेस एक “परजीवी” पार्टी बन चुकी है, जो अपने सहयोगियों के वोट बैंक को खत्म करके आगे बढ़ना चाहती है, इसलिए उसके सहयोगियों को भी सावधान रहने की आवश्यकता है।

