वंदे मातरम्: राष्ट्रहित की आध्यात्मिक प्रेरणा “वंदे मातरम्” भारत के स्वतंत्रता संग्राम का आध्यात्मिक आधार था। बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित यह गीत मातृभूमि को देवी के रूप में पूजने की भावना से ओतप्रोत था। इसने राष्ट्रवाद को केवल राजनीतिक विचार नहीं, बल्कि एक भक्ति-भावना में परिवर्तित किया। बंग-भंग आंदोलन से लेकर क्रांतिकारी संघर्षों तक यह गीत स्वतंत्रता सेनानियों की प्रेरणा बना। आज भी यह राष्ट्रीय सम्मान, एकता और स्वाभिमान का प्रतीक है। “वंदे मातरम्” ने भारत की आत्मा को जागृत किया और यह सदा हमारी राष्ट्रीय चेतना की धड़कन बना रहेगा। – डॉ सत्यवान सौरभ “वंदे मातरम्” केवल एक गीत…
Author: News Desk
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काराकाट की धरती से उठी ज्योति एक स्त्री की अस्मिता ने बदल दी राजनीति की परिभाषा राष्ट्र संवाद संवाददाता काराकाट, बिहार: इस बार बिहार की सियासत में काराकाट विधानसभा सीट सिर्फ एक चुनावी मैदान नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और स्त्री अस्मिता की लड़ाई का प्रतीक बन गई है। भोजपुरी स्टार पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह ने जब निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान संभाला, तो किसी ने नहीं सोचा था कि यह संघर्ष राजनीति से आगे बढ़कर सम्मान और स्वाभिमान की कहानी लिख देगा। चुनाव प्रचार के अंतिम दिन उनका भव्य रोड शो काराकाट की गलियों और सड़कों पर…
बिहार विधानसभा चुनाव: दूसरे चरण का प्रचार थमा, 11 नवंबर को 122 सीटों पर वोटिंग राष्ट्र संवाद संवाददाता पटना: बिहार विधानसभा चुनाव-2025 के दूसरे और अंतिम चरण का प्रचार रविवार शाम समाप्त हो गया। अब सभी नेता घर-घर जाकर जनसंपर्क करेंगे। राज्य की कुल 243 सीटों में पहले चरण में 6 नवंबर को 121 सीटों पर मतदान हुआ था, जबकि दूसरे चरण में 11 नवंबर को 122 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। नतीजे 14 नवंबर को घोषित होंगे। पहले चरण में 65% मतदान दर्ज किया गया था। प्रचार के अंतिम दिन गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह…
*घाटशिला उपचुनाव:-* *सीएम हेमंत सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन ने किया रोड शो, झामुमो प्रत्याशी सुमित सोरेन की जीत का किया दावा* राष्ट्र संवाद संवाददाता घाटशिलाजमशेदपुर09।घाटशिला विधानसभा उपचुनाव के प्रचार का आज अंतिम दिन रहा। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी सह गांडेय विधायक कल्पना सोरेन ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) प्रत्याशी सुमित सोरेन के समर्थन में जोरदार रोड शो किया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने घाटशिला शहरी क्षेत्र में रोड शो कर जनता से झामुमो प्रत्याशी के पक्ष में मतदान की अपील की, वहीं जादूगोड़ा और मुसाबनी क्षेत्र में विधायक कल्पना सोरेन ने रोड शो कर मतदाताओं से…
घाटशिला उपचुनाव: मुद्दे गायब, ‘बैल’ बना चुनाव का ब्रांड, नेताओं की साख दांव पर, भीतरघात से बिगड़ सकता खेल देवानंद सिंह जमशेदपुर, 09 सितंबर :घाटशिला विधानसभा उपचुनाव अब पूरी तरह ‘बैल बनाम खूंटा’ की राजनीति में फंस चुका है। बेरोजगारी, पलायन, अस्पतालों की दुर्दशा और स्कूलों की हालत जैसे असली मुद्दे अब मंचों से गायब हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बयान “भाजपा का उम्मीदवार वही बैल है, जिसे हमने खिला-पिला कर मोटा किया था, अब जा रहा है भाजपा का खेत जोतने” ने सियासी मैदान में आग लगा दी है। यह टिप्पणी सीधे तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री चंपई…
घाटशिला उपचुनाव: अस्मिता, गठबंधन और “घर का दर्द” के बीच सियासी जंग अंतिम दौर में *महागठबंधन में कांग्रेस की नाराजगी, प्रदीप बलमुचु की अलग राह और झामुमो की बी-टीम की गुप्त सक्रियता यह सब भाजपा और खासकर चंपई सोरेन के लिए संजीवनी बूटी साबित हो रही है* राष्ट्र संवाद संवाददाता जमशेदपुर/घाटशिलाः घाटशिला विधानसभा उपचुनाव अब राजनीतिक दलों के लिए अस्मिता की लड़ाई बन चुका है। चुनाव प्रचार अपने अंतिम दौर में है और मुकाबला न केवल सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया है, बल्कि दोनों दलों को अपनी जीत सुनिश्चित…
पहले चरण में बिहार में बढ़ा ऐतिहासिक मतदान कहीं बदलाव का संकेत तो नहीं? देवानंद सिंह बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण में रिकॉर्ड 64.66 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ। यह न केवल पिछले विधानसभा चुनावों, बल्कि 1952 से अब तक हुए किसी भी लोकसभा या विधानसभा चुनाव से अधिक है। छह नवंबर को हुए इस पहले चरण में 18 ज़िलों की 121 सीटों पर 3.75 करोड़ मतदाताओं ने अपने अधिकार का प्रयोग किया। इस ऐतिहासिक मतदान के साथ ही तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव और सम्राट चौधरी जैसे दिग्गजों समेत कुल 1314 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में बंद हो…
अमीरी में अभिवृद्धि विद्रोह एवं संकट का बड़ा कारण -ललित गर्ग- विश्व अर्थव्यवस्था पर किए गए हालिया अध्ययन विशेषकर जी-20 पैनल की रिपोर्ट ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि धन और संपत्ति के वितरण में असमानता अब चरम पर पहुंच चुकी है। रिपोर्ट के अनुसार आज दुनिया की नई बनी संपत्तियों का लगभग तिरेसठ प्रतिशत हिस्सा मात्र एक प्रतिशत अमीर लोगों के पास है जबकि निचले पचास प्रतिशत गरीब लोगों के हिस्से में केवल एक प्रतिशत संपत्ति आई है। यह असमानता केवल आर्थिक नहीं बल्कि नैतिक, सामाजिक और मानवीय संकट का भी संकेत है। यह स्थिति…
बचपन बिक रहा है: बच्चों से भीख मंगवाना एक सामाजिक अपराध। “मासूम बच्चों का शोषण सिर्फ गरीबी का परिणाम नहीं, बल्कि समाज और व्यवस्था की बड़ी विफलता है।” मासूम बच्चों का शोषण समाज की गंभीर समस्या बन चुका है। भीख मंगवाना केवल गरीबी का नतीजा नहीं, बल्कि बच्चों की मासूमियत का फायदा उठाने वाला व्यवस्थित व्यवसाय है। लोग दया के भाव में पैसा देते हैं, जबकि बच्चे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रभावित होते हैं। समाज, सरकार और नागरिकों को मिलकर जागरूकता फैलानी चाहिए, चाइल्डलाइन (1098) और एनजीओ के माध्यम से बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए, और उन्हें शिक्षा…
