‘वंदे मातरम्’ एक राजनीतिक आरोप-पत्र बना रहेगा या राष्ट्रीय स्मृति का गर्वपूर्ण गीत, यह तय करना आवश्यक देवानंद सिंह लोकसभा में सोमवार से शुरू हुई ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पर हुई बहस सिर्फ एक गीत की चर्चा नहीं थी, यह भारत की राजनीति, इतिहास और साम्प्रदायिक तनावों के कई परतदार प्रश्नों को सामने लाने वाली बहस थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण से इसकी शुरुआत की और चर्चा को सीधे उस ऐतिहासिक मोड़ तक पहुंचाया, जहां ‘वंदे मातरम्’ को लेकर कांग्रेस, मुस्लिम लीग और स्वतंत्रता आंदोलन के भीतर विभिन्न दृष्टिकोण टकराते दिखे। विपक्ष ने भी इस अवसर को…
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बिना वर्दी वाली ‘थानेदारिनी’ मीनाक्षी शर्मा,खुलासों से पुलिस विभाग में हड़कंप संदर्भ :जालौन एसएचओ अरुण राय डेथ केस राष्ट्र संवाद संवाददाता जालौन। यूपी के जालौन जिले में तैनात इंस्पेक्टर अरुण राय की संदिग्ध मौत के मामले में महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा की गिरफ्तारी के बाद लगातार चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। करीबियों के रिश्ते से शुरू हुआ मामला अब ब्लैकमेलिंग, अफसरों को जाल में फंसाने और थाने में फायरिंग जैसे सनसनीखेज आरोपों तक पहुंच चुका है। मीनाक्षी को जेल भेज दिया गया है और मामले की जांच एसआईटी कर रही है। घटना के समय अरुण राय के…
नीतिगत असफलताओं, नियामकीय ढिलाई और बाजार के असंतुलित ढांचे का परिणाम है इंडिगो संकट देवानंद सिंह भारत का उड्डयन क्षेत्र पिछले एक दशक में जितनी तेज़ी से बढ़ा है, उतनी ही तेज़ी से इसके भीतर की कमजोरियां भी उजागर होती जा रही हैं। देश के सबसे बड़े विमानन ऑपरेटर इंडिगो में हाल ही में आया व्यापक व्यवधान केवल एक एयरलाइन की समस्या नहीं, बल्कि एक पूरे तंत्र की नीतिगत असफलताओं, नियामकीय ढिलाई और बाजार के असंतुलित ढांचे का परिणाम है। पिछले कुछ दिनों में इंडिगो की सैकड़ों उड़ानें रद्द या अनिश्चित देरी की शिकार हुईं, जिसके कारण देश के कई…
खेलों में भागीदारी भी आवश्यक है ————————————- शिक्षा के बिना आज हमारा जीवन निरर्थक है। सच्चे अर्थों में ‘शिक्षा’ शब्द ही सबसे गहरा और महत्वपूर्ण है। शिक्षा के माध्यम से ही लोगों को अपार आनंद, उत्साह, उद्यम, जोश, जुनून आदि प्राप्त होती है। शिक्षा केवल पाठ्यपुस्तकों के अध्ययन तक सीमित नहीं है। इसीलिए स्वामी विवेकानंद ने कहा था: ‘हमें ऐसी शिक्षा की आवश्यकता है जो चरित्र निर्माण करे, मानसिक शक्ति बढ़ाए, बुद्धि बढ़ाए और लोगों को अपने पैरों पर खड़ा होने में सक्षम बनाए।’ ध्यान से देखें, तो पाएंगे कि प्राचीन काल से ही खेलों को शिक्षण का प्रक्रिया का…
कैंपस प्लेसमेंट में धांधलीः नैतिकता और छात्र हितों का हनन – ललित गर्ग – देश के प्रमुख प्रौद्योगिकी संस्थानों-विशेषतः आइआइटीज द्वारा 20 से अधिक कंपनियों को कैंपस प्लेसमेंट प्रक्रिया से बाहर करना केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि भारत की उच्च शिक्षा व्यवस्था में नैतिकता, पारदर्शिता और छात्र-हित संरक्षण को मजबूती प्रदान करने वाला साहसिक कदम है। इन कंपनियों ने छात्रों को ऑफर लेटर दिए, उनके परिवारों के भीतर आशा की किरण जगाई और अंतिम समय में बिना स्पष्ट कारण उन्हें रद्द कर दिया। यह केवल एक अनुबंध उल्लंघन नहीं, बल्कि छात्र के भविष्य, उसके मानसिक संसार और उसके सामाजिक…
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जालौन SHO मृत्यु रहस्य : महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा गिरफ्तार, कई सवालों ने बढ़ाई जांच की रफ्तार नरेंद्र गौतम राष्ट्र संवाद संवाददाता जालौन में सदर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार राय की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला लगातार गहराता जा रहा है। पुलिस ने इस मामले में प्रमुख संदिग्ध महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। घटना शुक्रवार देर रात की है, जब SHO अरुण राय को उनके सरकारी आवास में गोली लगने के बाद अचेत अवस्था में पाया गया था। गोली कनपटी में लगी थी और मौके पर मौजूद मीनाक्षी शर्मा ने…
भारत को अपनी आर्थिक स्थिति टिकाऊ और विश्वसनीय बनाने के लिए मजबूत करना होगा इसका मौलिक ढांचा देवानंद सिंह भारत सरकार द्वारा वित्त वर्ष 2025–26 की दूसरी तिमाही के लिए जारी किए गए ताज़ा आर्थिक आंकड़े पहली नज़र में बेहद चमकदार दिखाई देते हैं। वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद में 8.2 प्रतिशत की वृद्धि, वह भी ऐसे समय में, जब वैश्विक अर्थव्यवस्था धीमी गति, अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनावों से जूझ रही है, किसी भी विकासशील अर्थव्यवस्था के लिए उल्लेखनीय उपलब्धि मानी जाती है। पिछले वर्ष इसी अवधि में ग्रोथ दर 5.6 प्रतिशत थी, ऐसे में यह उछाल स्पष्ट रूप से बताता…
अरावली की सिकुड़ती ढाल और दिल्ली का डूबता पर्यावरण अरावली संरक्षण के दायरे को 100 मीटर की परिभाषा से सीमित कर देना—दिल्ली-एनसीआर की हवा, पानी और तापमान के लिए एक गहरी पर्यावरणीय चोट। – डॉ. सत्यवान सौरभ भारत के उत्तरी भूगोल में अरावली केवल एक पर्वतमाला नहीं, बल्कि एक जीवित पारिस्थितिक दीवार, एक भूजल भंडार, एक शीतलन तंत्र और एक धूल-रोधी प्राकृतिक ढाल के रूप में जानी जाती है। किंतु हाल में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पर्यावरण मंत्रालय की उस अनुशंसा को मान्यता देना, जिसमें केवल वे भूमि संरचनाएँ—जो स्थानीय भू-स्तर से 100 मीटर से अधिक ऊँची हों—“अरावली की पहाड़ी” कही…
विश्व मृदा दिवस जीवन के ताने-बाने में रची-बसी है मिट्टी • प्रमोद दीक्षित मलय क्षिति जल पावक गगन समीरा, पंचतत्व रचि अधम सरीरा ; संत तुलसीदास ने इस चौपाई के माध्यम से प्राणिमात्र की नश्वर देह के निर्माण में सहायक तत्व मिट्टी के महत्व को रेखांकित किया है। प्रकारांतर से यह पंक्ति मिट्टी के आध्यात्मिक एवं दार्शनिक पक्ष को उद्घाटित करती है। लोक जीवन के व्यापक संदर्भों को सहेजे मिट्टी मानव की सामाजिक एवं सांस्कृतिक भूमिका की भी व्याख्या करती है। मिट्टी प्राणियों के जीवन का आधार तत्व है। मिट्टी की प्रतिष्ठा लोक के विविध आयोजनों में दृष्टव्य है। मिट्टी…
