लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाताछत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर और कांकेर से साहित्यिक गतिविधियों की एक सुखद खबर सामने आई है। साहित्यिक मंच ‘सुख़न का आशियाँ’ ने हाल ही में एक गरिमामयी ऑनलाइन साहित्यिक संगोष्ठी का सफल आयोजन किया, जिसका शीर्षक था ‘एक शाम बशीर बद्र के नाम’। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य महान शायर बशीर बद्र साहब के साहित्यिक योगदान को सम्मान देना और देशभर के नवोदित एवं स्थापित साहित्यकारों को एक मंच प्रदान करना था। यह संगोष्ठी साहित्यिक प्रेमियों और रचनाकारों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव साबित हुई, जिसमें कविता, ग़ज़ल और मुक्तक की उत्कृष्ट प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिसने साहित्य…
Author: Nikunj Gupta
लेखक: सुल्तान अलीउर्दू अदब और शायरी की दुनिया में कुछ नाम ऐसे होते हैं, जो केवल अपनी शायरी तक ही सीमित नहीं रहते, बल्कि एक अहसास, एक याद और एक सांस्कृतिक विरासत बन जाते हैं। एक ऐसा ही शायर जिसकी ग़ज़लों ने प्रेम को शब्द दिए, बिछड़न को आवाज़ दी और इंसानी रिश्तों की नाज़ुक भावनाओं को ऐसी सादगी के साथ अभिव्यक्त किया कि उनके अशआर आम आदमी की ज़िंदगी का हिस्सा बन गए। शायद यही कारण है कि उनके अनेक शेर आज भी लोगों की ज़बान पर उसी आत्मीयता के साथ मौजूद हैं, जैसे वे किसी व्यक्तिगत अनुभव की…
लेखक: डॉ. ईशा बर्मन आज विश्व भर में पर्यावरणीय चुनौतियाँ एक गंभीर चिंता का विषय बन गई हैं, जिनमें जलवायु परिवर्तन और वायु प्रदूषण प्रमुख हैं। हालाँकि, एक और अदृश्य संकट है जो हमारी भूमि और जीवन के आधार को धीरे-धीरे खोखला कर रहा है – वह है मरुस्थलीकरण और भूमि क्षरण। डॉ. ईशा बर्मन, एक प्रमुख पर्यावरण अभियंता, इस मौन आपदा पर प्रकाश डालती हैं, विशेषकर झारखंड राज्य के संदर्भ में, जहाँ इसकी गंभीरता अक्सर अनदेखी की जाती है। यह लेख हमें बताता है कि कैसे हमारी भूमि का स्वास्थ्य न केवल पर्यावरणीय संतुलन के लिए, बल्कि हमारे सतत…
भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी लगातार गहरा रही है, जिसमें नवाचार और प्रौद्योगिकी सहयोग एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में उभरा है। इसी कड़ी में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने रविवार को नीस में ‘भारत इनोवेट्स 2026’ कार्यक्रम का संयुक्त उद्घाटन किया। यह कार्यक्रम दोनों देशों के बीच नवाचार साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो भारतीय स्टार्टअप्स को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने और निवेश के अवसर प्रदान करने पर केंद्रित है। दोनों नेताओं ने इस ऐतिहासिक अवसर पर स्टार्टअप प्रदर्शनी का दौरा कर नवोन्मेषकों,…
लेखक: एजेंसी कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया भूचाल आ गया है, जहां विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति से जुड़े कथित जाली हस्ताक्षर मामले की जांच तेज हो गई है। इस गंभीर प्रकरण में अपराध अन्वेषण विभाग (सीआईडी) ने रविवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव एवं सांसद अभिषेक बनर्जी तथा विधायक कुणाल घोष से मैराथन पूछताछ की। यह मामला न केवल प्रशासनिक अनियमितताओं को उजागर करता है, बल्कि राज्य की राजनीतिक शुचिता पर भी सवाल खड़े करता है। जाली हस्ताक्षर मामले की पृष्ठभूमि और जांच का दायरा सीआईडी मुख्यालय में हुई पूछताछ में अभिषेक बनर्जी…
लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददातापूर्वी सिंहभूम जिले के घाटशिला अनुमंडल में साइबर अपराध का ग्राफ तेजी से ऊपर चढ़ रहा है, जिससे स्थानीय निवासियों में चिंता और आक्रोश व्याप्त है। एक समय शांतिपूर्ण रहे इस क्षेत्र को अब साइबर ठगों ने अपना नया गढ़ बना लिया है, विशेषकर जादूगोड़ा अब इस डिजिटल अपराध का केंद्र बन उभरा है। पुलिस की लगातार कोशिशों के बावजूद, घाटशिला में साइबर अपराध पर लगाम लगाना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।पूर्वी सिंहभूम जिले के घाटशिला अनुमंडल में साइबर अपराध लगातार बढ़ता जा रहा है। अनुमंडल के सभी छह प्रखंडों—जादूगोड़ा, मुसाबनी, चाकुलिया, पोटका, गुड़ाबांदा और धालभूमगढ़—में…
लेखक: राष्ट्र संवादमुंबई के भीड़-भाड़ वाले इलाके मीरा रोड से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहाँ एक डांस क्लब की आड़ में देह व्यापार का गोरखधंधा चल रहा था। पुलिस ने इस मामले में एक शातिर महिला एजेंट को गिरफ्तार किया है और दो लड़कियों को उस नर्क से आज़ाद कराया है। यह घटना समाज में व्याप्त ऐसी घिनौनी प्रथाओं की पोल खोलती है जहाँ मासूम लड़कियों को मजबूर कर इस दलदल में धकेला जाता है। इस गंभीर अपराध पर लगाम कसना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।मुंबई/इंद्र यादव/मीरा रोड जैसे भीड़-भाड़ वाले इलाके…
लेखक: डाक्टर दीपक गोस्वामी उम्र पचास का मतलब अंत नहीं है, बल्कि यह एक नई शुरुआत है। पचास की उम्र के बाद जीवन को कैसे एक नई दिशा दी जाए, यही इस लेख का मुख्य विषय है। यह उस किसान की तरह है जिसने बीज बोने में पूरी उम्र लगा दी और अब फसल काटने से पहले खेत सूखा देख रहा है। बच्चों की कॉपी, घर की किश्त, माता पिता की दवा में जवानी खर्च हो गई। अब खाता खोलो तो हाथ काँपते हैं। सच्चाई यह है कि कोई सरकार, कोई कंपनी, कोई बेटा बचाने नहीं आएगा। पेंशन का जमाना…
लेखक: संजय सक्सेनापारिवारिक और सामाजिक जीवन में जहां वफादारी सबसे बड़ी पूंजी होती है, वहीं क्या सियासत की दुनिया में नेताओं की वफादारी सबसे सस्ती चीज होती है? आज यह सवाल हर तरफ पूछा जा रहा है। क्या जब तक सत्ता का ‘सूरज’ चमकता रहता है, दरबार में भीड़ लगी रहती है। लेकिन जैसे ही सूरज ‘अस्ताचल’ होने लगता है, सियासी ‘महफिल’ में सन्नाटा छा जाता है। पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस वक्त ठीक यही हो रहा है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बाद तृणमूल कांग्रेस की बगावत ने पार्टी को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया है।…
लेखक: देवानंद सिंहवैश्विक भू-राजनीति में इन दिनों एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम पर सबकी नज़रें टिकी हुई हैं। अमेरिका-ईरान समझौता, जिसकी संभावनाएं क्षितिज पर उभर रही हैं, न केवल दो शक्तिशाली राष्ट्रों के बीच संबंधों को नया आयाम दे सकता है, बल्कि मध्य-पूर्व क्षेत्र में दशकों से चली आ रही अस्थिरता को भी शांत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। यह प्रस्तावित समझौता, यदि सफल होता है, तो अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए एक बड़ी राहत और शांति की दिशा में एक अहम कदम साबित होगा। यह दिखाता है कि जटिल से जटिल समस्याओं का समाधान भी कूटनीति और संवाद के माध्यम…
