Author: Nikunj Gupta

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा द्वारा सोशल मीडिया पर साझा की गई एक पोस्ट ने न केवल उनकी व्यक्तिगत पीड़ा को उजागर किया है, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रशासनिक शिष्टाचार और संवाद की घटती परंपरा पर गंभीर प्रश्नचिह्न भी लगा दिया है। चाईबासा में रात्रि विश्राम के दौरान जिला प्रशासन द्वारा सामान्य शिष्टाचार का पालन न किया जाना, एक पूर्व मुख्यमंत्री के प्रति उदासीनता का स्पष्ट उदाहरण है, जो शासन और नागरिकों के बीच के संबंध की नाजुकता को दर्शाता है। यह घटना सिर्फ प्रोटोकॉल की चूक नहीं है, बल्कि यह उस गहरे मुद्दे की…

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