लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
नई राष्ट्रीय टीम की घोषणा
नई दिल्ली, 17 अगस्त। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने सोमवार को करीब सात महीने बाद अपनी नई राष्ट्रीय टीम की घोषणा की। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह की ओर से जारी सूची में संगठन में अनुभव, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व, महिला भागीदारी और सामाजिक संतुलन को प्रमुखता दी गई है। नई टीम में स्मृति ईरानी समेत आठ राष्ट्रीय महामंत्री, जबकि वसुंधरा राजे, राम माधव सहित 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए गए हैं।
राष्ट्रीय उपाध्यक्षों की सूची में वसुंधरा राजे सिंधिया (राजस्थान), तीरथ सिंह रावत (उत्तराखंड), राम माधव (दिल्ली), बैजयंत जय पांडा (ओडिशा), डी. पुरंदेश्वरी (आंध्र प्रदेश), रेखा वर्मा (उत्तर प्रदेश), वर्षाबेन नरेंद्रभाई दोशी (गुजरात), डॉ. भारती प्रवीण पवार (महाराष्ट्र), सरदार मनप्रीत सिंह बादल (पंजाब), लाल सिंह आर्य (मध्य प्रदेश), प्रो. एस. नागराज (कर्नाटक), प्रो. तारिक मंसूर (उत्तर प्रदेश) और डॉ. मधुचंद कर (पश्चिम बंगाल) को स्थान मिला है।
स्मृति ईरानी को बड़ी संगठनात्मक जिम्मेदारी
नई टीम में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी मिलना खास तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके साथ विनोद तावड़े (महाराष्ट्र), सुनील बंसल (दिल्ली), बिप्लब कुमार देब (त्रिपुरा), डॉ. सतीश पूनिया (राजस्थान), गजेंद्र पटेल (मध्य प्रदेश), हरीश द्विवेदी (उत्तर प्रदेश) और संजय भाटिया (हरियाणा) को राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया है।
संगठन में बी.एल. संतोष राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) की जिम्मेदारी पर बने हुए हैं। शिवप्रकाश और सीतान सिंह को सह महामंत्री (संगठन) की जिम्मेदारी दी गई है।
झारखंड को भी अहम प्रतिनिधित्व
भाजपा की नई टीम में झारखंड से डॉ. प्रदीप वर्मा को राष्ट्रीय मंत्री बनाया गया है। इसके अलावा कविता पाटीदार (मध्य प्रदेश), के. सुरेंद्रन (केरल), डॉ. भोला सिंह (उत्तर प्रदेश), जगदीश ईश्वरभाई पटेल (गुजरात), डॉ. संदीप पाठक (देल्ही), फांगनोन कोन्याक (नागालैंड), संगीता यादव (उत्तर प्रदेश), अनिल एंटनी (केरल) और डॉ. एम. वेंकटेश (तमिलनाडु) समेत अन्य नेताओं को राष्ट्रीय मंत्री की जिम्मेदारी दी गई है।
भाजपा की रणनीति का संकेत
नई टीम में महिलाओं, युवाओं और विभिन्न राज्यों के नेताओं को प्रतिनिधित्व देकर भाजपा ने संगठन को व्यापक सामाजिक और क्षेत्रीय आधार देने की कोशिश की है। उत्तर प्रदेश से कई नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलना भी राजनीतिक दृष्टि से अहम है। वहीं स्मृति ईरानी और राम माधव जैसे अनुभवी चेहरों की भूमिका पार्टी के संगठनात्मक विस्तार और राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक संवाद को मजबूत करने में महत्वपूर्ण हो सकती है।
नितिन नबीन की टीम को आगामी चुनावी चुनौतियों की तैयारी के लिहाज से भी देखा जा रहा है। भाजपा के सामने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, राज्यों में कार्यकर्ताओं के साथ बेहतर समन्वय और विपक्ष की राजनीतिक चुनौती का जवाब देने की जिम्मेदारी होगी। नई टीम में अनुभव और नए चेहरों के संतुलन से पार्टी ने आने वाले समय के लिए अपनी संगठनात्मक प्राथमिकताओं का संकेत दिया है।
