Author: Devanand Singh

निशांत कुमार राजनीति: जेडीयू में नए नेतृत्व की शुरुआत – महेन्द्र तिवारी बिहार की राजनीति आज उस मोड़ पर खड़ी है जहाँ सत्ता के गलियारों में बदलाव की सरसराहट नहीं, बल्कि एक युग के अवसान और नए नेतृत्व के अभ्युदय की पदचाप सुनाई दे रही है। पिछले दो दशकों से बिहार की नियति को अपनी उंगलियों पर नचाने वाले नीतीश कुमार ने अपनी राजनीतिक यात्रा के उस पड़ाव पर कदम रखा है, जहाँ से वापसी के रास्ते संगठन की मजबूती और उत्तराधिकार के प्रश्न पर जाकर टिक जाते हैं। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के भीतर लंबे समय से जिस सन्नाटे…

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बच्चों सोशल मीडिया सुरक्षा: आभासी दुनिया से बचपन बचाएं -ः ललित गर्ग:- डिजिटल युग में मानव जीवन की गति और स्वरूप तेजी से बदल रहा है। संचार, शिक्षा, मनोरंजन और सामाजिक संबंधों का बड़ा हिस्सा अब आभासी माध्यमों के सहारे संचालित होने लगा है। इस परिवर्तन ने जहां अनेक सुविधाएं प्रदान की हैं, वहीं विशेष रूप से बच्चों और किशोरों के मानसिक, शैक्षणिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास के सामने नई चुनौतियां भी खड़ी कर दी हैं। इसी संदर्भ में भारत के तकनीकी रूप से अग्रणी राज्य कर्नाटक ने एक महत्वपूर्ण और अनुकरणीय पहल करते हुए सोलह वर्ष से कम आयु…

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मानवता की अनूठी मिसाल: उत्तर प्रदेश के पिछड़े क्षेत्रों में ‘शिबानी इकोनॉमिक एजुकेशन डेवलपमेंट फाउंडेशन’ की सेवाएँ राष्ट्र संवाद ​ मनीषा शर्मा ​समाज के सबसे निचले वर्ग के लोगों के सर्वांगीण विकास के लक्ष्य के साथ, उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में ‘शिबानी इकोनॉमिक एजुकेशन डेवलपमेंट फाउंडेशन’ (Shibani Economic Education Development Foundation) नामक स्वयंसेवी संस्था ने एक मूक क्रांति की शुरुआत की है। विशेष रूप से महिलाओं की आत्मनिर्भरता और बच्चों की शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में संस्था द्वारा दी जा रही निरंतर सेवाओं ने इस क्षेत्र में एक विशिष्ट पहचान बनाई है। ​हाल ही में संस्था के निमंत्रण…

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नीतीश कुमार राजनीति: सत्ता और सिद्धांतों का द्वंद्व अक्सर यह सवाल उठता है कि नीतीश कुमार का अंतिम लक्ष्य क्या है? क्या वे प्रधानमंत्री बनना चाहते थे? या वे केवल बिहार के इतिहास में अपना नाम स्वर्णाक्षरों में दर्ज कराना चाहते हैं? उनकी महत्वाकांक्षाएं हमेशा उनके चेहरे की झुर्रियों और उनकी नपी-तुली बातों के पीछे छिपी रहती हैं। वे एक ऐसे खिलाड़ी हैं जो अपने पत्ते तभी खोलते हैं जब सामने वाला अपनी चाल चल चुका होता है। उनकी यह अनिश्चितता उनके सहयोगियों के लिए डरावनी और विरोधियों के लिए चुनौतीपूर्ण होती है। नीतीश कुमार ने बिहार की राजनीति को…

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कुरुक्षेत्र का रक्त-रंजित इतिहास: विजयगाथा के नेपथ्य में नारी का त्याग और सहनशीलता ​ब्रह्मसरोवर के तट पर खड़े होने पर एक मायावी निस्तब्धता चारों ओर से घेर लेती है। रात की उस खामोशी में हवा का हर झोंका मानो इतिहास की धूल उड़ा लाता है। यदि ध्यान से सुनें, तो ऐसा अनुभव होता है जैसे ब्रह्मसरोवर की प्रत्येक लहर आज भी महाभारत की वह अमर गाथा सुना रही हो। धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र की इस पवित्र भूमि पर स्वयं को खोजने के इस अपूर्व क्षण में एक गहरी अनुभूति मन में जागती है— कुरुक्षेत्र का इतिहास केवल शौर्य और वीरता की कहानी…

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राष्ट्रपति सम्मान राजनीति: लोकतांत्रिक मर्यादा का प्रश्न देवानंद सिंह भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत उसके संवैधानिक पदों की गरिमा और उनके प्रति समाज तथा सरकारों का सम्मान है। राष्ट्रपति देश का प्रथम नागरिक होता है और उस पद से जुड़ी मर्यादा केवल किसी व्यक्ति विशेष से नहीं बल्कि पूरे राष्ट्र की प्रतिष्ठा से जुड़ी होती है। ऐसे में यदि किसी राज्य सरकार का व्यवहार राष्ट्रपति के प्रति प्रोटोकॉल और शिष्टाचार के अनुरूप नहीं दिखता, तो यह केवल एक प्रशासनिक चूक नहीं बल्कि लोकतांत्रिक संस्कृति के लिए भी चिंता का विषय बन जाता है। हाल के दिनों में पश्चिम बंगाल…

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मोदी ने ही पूर्व में राष्ट्रपति का अपमान किया था, हमने कभी ऐसा नहीं किया : ममता बनर्जी कोलकाता, आठ मार्च (भाषा) ममता बनर्जी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बीच अभूतपूर्व जुबानी जंग और उसके बाद उत्पन्न राजनीतिक एवं प्रशासनिक विवाद को एक नए स्तर पर ले जाते हुए, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद का ‘‘अपमान’’ करने का आरोप लगाया। बनर्जी ने राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल के कथित उल्लंघन को लेकर तृणमूल कांग्रेस सरकार पर किए गए मोदी के हमले का खंडन किया। अपने दावे के समर्थन में बनर्जी ने…

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मोदी इजरायल यात्रा: भारत-इजरायल रिश्तों के निहितार्थ *निशिकांत ठाकुर* प्रधानमंत्री के दुबारा इजरायल यात्रा पर देश में घमासान मचा हुआ है। तरह—तरह के कयास लगाए जा रहे हैं और कई अनहोनी का अनुमान की आशंका भी जताई जा रही है। प्रधानमंत्री की पहली यात्रा 2017 में हुई थी, उस समय भी बवाल मचा था, लेकिन इस वर्ष उनके दौरे को अनावश्यक दौरे के रूप में देखा जा रहा है। कहा जाता है कि नीतियुक्त कार्य नेक इरादे से किया हुआ हो, इतना ही काफी नहीं है; बल्कि वह बिना दबाव के भी किया हुआ होना चाहिए। सवाल यह है कि इस यात्रा…

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*अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष* *अस्तित्व की हुंकार: आधुनिक चुनौतियों के बीच निखरती नारी शक्ति* *शोभा पवार (शिक्षिका)* *बिलासपुर, छत्तीसगढ़* राष्ट्र संवाद आज का अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस केवल एक औपचारिक उत्सव नहीं, बल्कि सदियों की चुप्पी को तोड़कर उभरी उस बुलंद आवाज़ का प्रतीक है, जो अब रुकने वाली नहीं है। यह दिन उस संघर्ष, साहस और संकल्प का प्रतीक है, जिसने नारी को सीमाओं की परिधि से निकालकर संभावनाओं के असीम आकाश तक पहुँचा दिया है। इक्कीसवीं सदी की महिलाओं ने अपनी प्रतिभा, परिश्रम और आत्मविश्वास के बल पर उन बेड़ियों को पिघला दिया है, जो कभी उसे कमतर…

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नासिक GST रिश्वत कांड में एसीबी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जीएसटी विभाग के दो अधिकारियों को 20 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। राष्ट्र संवाद – इंद्र यादव मुंबई/नासिक। महाराष्ट्र के नासिक में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने जीएसटी विभाग में बड़े रिश्वत कांड का पर्दाफाश किया है। एसीबी ने राज्य कर उपायुक्त सोमनाथ दत्तू पागे (47) और सहायक राज्य कर आयुक्त मच्छिंद्र विठ्ठल दोंदे (55) को 20 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस मामले में रिश्वत की रकम लेने पहुंचे उनके निजी सहयोगी अमित हिरामण जाधव को भी गिरफ्तार…

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